पढ़िए कमलनाथ के मुख से निकला भूमाफिया शब्द SHIVPURI में कैसे प्रिंट किया गया

शिवपुरी। प्रदेश के नाथ कमलनाथ ने एक मंच से कहा कि प्रदेश में भूमाफिया को बख्शा नही जाऐगा। पूरे प्रदेश में अतिक्रमण तोडने का क्रम शुरू हो गया। शिवपुरी में भीर अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू हो गया,लेकिन इस शब्द की कैसी व्याख्या की गई यह एक वायरल वीडियो से इस अभियान पर दाग लगा रहा हैं। अब यह अभियान लोकहित में नही रहा, एक वीडियो एक नोटिस एक सीमाकंन से इसका काला सच बहार आ रहा हैं। आईए एक वीडियो,एक नोटिस और एक सीमाकंन का एक्सरे करते हैं।  


बीते मंगलवार को जनसुनवाई में एक अतिक्रमण का मामला सामने आया था। एक स्कूल संचालक का आरोप था कि उसके निज भूमि पर बने निर्माण को अतिक्रमण बताकार तोडा गया था। उसी शाम को सोशल पर एक वीडियो वायरल हो रहा था। इस वीडियो के तार इसी अतिक्रमण को लेकर जुड रहे हैं अगर वायरल वीडियो को सच माना जाए तो अतिक्रमण अभियान को प्रशासन का प्रर्दशनकारी और दमनकारी कहा जा सकता हैं।

जनसुनवाई में बदरवास से आए बीटी पब्लिक स्कूल संचालक घनश्याम शर्मा ने शिवपुरी समाचार डॉट कॉम से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे पास पहले एक ही दुकान तोडने का नोटिस आया था, लेकिन प्रशासन ने हमारी 2 मजिंल की पांच दुकाने तोड दी। इतना ही नही इन दुकानो के पीछे हमारे स्कूल के बने कमरो को भी तोड दिया गया इसमें स्कूल का फर्नीचर भी लगा था।

घनश्याम शर्मा का आरोप है कि निजी भूमि पर हमारा पक्का निर्माण हैंं, उसमें आगे दुकाने और पीछे मकान हैं और मकान में स्कूल संचालित होता हैं। प्रशासन ने पहले हमे 150 वर्गफुट का नोटिस दिया था। हमने कहा कि इसका सीमाकंन करा ले अगर हमारा निर्माण अतिक्रमण में आता हैं तो हम स्वयं ही अपना अतिक्रमण हटा लेगेंं।

बदरवास प्रशासन ने सीमाकंन कराया वह भी हमारी अनुपस्थिती में, फिर इसके बाद दूसरा नोटिस दिया गया। जिस निर्माण को तोडने का नोटिस दिया गए वह नही तोडा गया बल्कि दूसरा निर्माण तोड दिया गया। मैने विरोध किया तो मुझे पुलिस की गाडी में जबरिया बिठा दिया गया।

घनश्याम शर्मा का कहना था कि यह कार्रवाई पूरी तरह से निराधार थी, प्रशासन ने दमनकारी नीति अपनाते हुए हमारा निर्माण तोडा हैं। हमने यह निर्माण लोन लेकर बनाया था जिसमें हमारा 50 लाख का नुकसान हो गया।

मंगलवार की शाम एक आडियो वायरल हो रहा था, इस विडिया में दृश्य था कि बदरवास के घनश्याम शर्मा के अतिक्रमण तोडने का, इस वीडियो में आडियो सुनाई दे रही थी कि इस घनश्याम शर्मा की नेतागिरी के चक्कर में इसकी पांचो टूट गई। इस वीडियो में आवाज बदरवास के तहसीलदार दिव्यदर्शन शर्मा की बताई जा रही हैं।

इस आवाज ने और घनश्याम के विरोध ने इस अतिक्रमण अभियान का टर्निंग पोईंट माना जा सकता हैं, इस पर सवाल उठ रहे हैं कि प्रशासन कैसे अखबार की सुर्खियो बनने के लिए बिना जांच करे नोटिस फैक रहा हैं।

प्रदेश के नाथ कमलनाथ के मुंह से निकला भूमाफिया के खिलाफ निकाले गए शब्दो का कैसे दुरूपयोग और कांग्रेस को सत्ता के वनवास से वापसी करने वाली जनता को कितना कष्टकारी होगा यह स्वंय कमलनाथ अंदाजा नही होगा, कि कैसे अधिकारी अपनी गलती को सुधरने की गुंजाईश नही रख रहे हैं।

शिवपुरी समाचार डॉट कॉम अतिक्रमण अभियान का विरोध नही करता हैं लेकिन ऐसे अतिक्रमण तोडे जाए इसका समर्थन भी नहीं करता हैं। शिवपुरी में भी अग्रवाल समाज इस अतिक्रमण विरोधी मुहिम को लेकर हंगामा कर चुका है। जिसके चलते अधिकारी भी आरोप की चपेट में आ गए थे। अब बदरवास का अतिक्रमण भी विवादो में आ गयाहैं।

पहला जब नोटिस 150 वर्ग फुट का था, दूसरा संशोधित नोटिस 30 फुट का था तो फिर धनश्याम शर्मा का दो मंजिला 50 फुट से अधिक चौडाई का क्यो तोडा गया।   सीमाकंन भूस्वामी की अनुपस्थिती में क्यो कराया गया। पहला नोटिस किसी जांच पडताल के बाद दिया गया था। अगर धनश्याम शर्मा अपनी सही बात को लेकर अधिकारियो से बातचीत करता हैं तो वह उसे अधिकारी अपनी शान में गुस्ताखी मानकर उसकी पांच दुकाने जमीदोज कर देते हैंं, क्या यही सरकारी अधिकारियो का धर्म ह़ै, ऐसे कई सवाल इस अतिक्रमण को लेकर सुलग रहे हैं।