शहर के विभिन्न मार्गो से निकला पथ संचलन, जगह-जगह पुष्प वर्षा कर किया स्वागत | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा निकाला जाने वाला पथसंचलन इस बार भी शहर में भव्यता के साथ निकाला गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित संघ के पूर्व प्रांत सेवा प्रमुख हरिशचन्द्र जी शर्मा ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि संघ अपने 94 वर्ष की आयु में समाज से अछूता नहीं रहा।

समाज ने संघ का त्याग, समर्पण, चिंतन, राष्ट्रय और भारतीय संस्कृति को बचाए रखने के लिए कितना त्याग किया हैं भली भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत सदैव से ही श्रेष्ठ रहा हैं भारत का इतिहास दर्शन, ज्ञान, विचारधारा संस्कार और संस्कृति का लोहा माना है। उन्होंने कहा कि सत्ता कानून बना सकती हैं, परिवर्तन नहीं ला सकती।

इस बात को 1925 को परम पूज्यनीय डॉ. हेडगेवार भलीभांति समझ गए थे और उन्होंने धर्म और समाज आधारित लोग खड़े करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। कार्यक्रम से पूर्व मुख्य अतिथि द्वारा भारत माता, परम पूज्य डॉ. हेडगेवार एवं श्रीगुरू जी के चित्र माल्यार्पण किया। तत्पश्चात शस्त्र पूज किया।

मुख्य वक्ता श्री शर्मा ने आगे कहा कि जो लोग समझते हैं कि भारत लम्बे समय तक गुलाम रहा हैं लेकिन मैं मानता हूं कि भारत कभी गुलाम नहीं रहा बल्कि संघर्षरत रहा यहां के लोग आक्रांताओं से संघर्ष करते रहे। उन्होंने कहा कि संपूर्ण भारत पर किसी भी आक्रांताओं का शासन नहीं रहा।

उन्होंने आगे कहा कि जो लोग अंग्रेजों के शासन को अच्छा मानते हैं वह यह नहीं जानते कि उन्होंने भारत की शिक्षा पद्धति को बदलकर नई शिक्षा पद्धति लागू कर भारत के संस्कार, संस्कृति और इतिहास को बदलने का काम किया। उन्होंने उपस्थित स्वयंसेवकों से अपील की कि अभी संघ का कार्य पूर्ण नहीं हुआ हैं और तेजी से चलना हैं जब तक संघ और समाज एक दूसरे में विलीन नहीं होते तब तक संघ कार्य में गति बढ़ाना हैं।

दशहरा पर्व पर निकाले गए पथ संचलन वीर सवारकर उद्यान से प्रारंभ हुआ जो शहर के प्रमुख मार्ग गुरूद्वारा चौक, राजेश्वरी रोड़, नाई की बगिया, अस्पताल चौराहा, गांधी चौक, टेकरी, जैन मंदिर, खारा कुआ, न्यूब्लॉक, हंसबिल्डिग, जल मंदिर, कमलागंज, माधव चौक होते हुए सावरकर उद्यान पर पथ संचलन का समापन किया गया। संचलन का शहर में पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।