विजय शर्मा विंदास/शिवपुरी। अभी हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया की हार के कारणों में जो कारण शहर से निकलकर आया वह यह है कि शिवपुरी से हार के पीछे नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार है। नगर पालिका में एक के बाद एक कारनामें सामने आ रहे है।
अभी हाल ही में जनता के पैसे को ठिकाने लगाने के लिए नगर पालिका ने समौसे की कीमत 75 रूपए कर डाली। अब जो घोटाला सामने आया है उसे देखकर हर कोई सोचने को मजबूर हो गया है। आरटीआई से निकाली जानकारी में सामने आया है कि भ्रष्टाचार की नपा में बिना टेंडर प्रक्रिया लाखों की राशि को ठिकाने लगा दिया है। यह वह राशि है जो जनता की कडी मेहनत से आय के जरिए बसूली गई है।
इसमें सबसे अहम बात यह सामने आई कि नगर पालिका प्रशासन ने अपने चहेते टेंट व्यवसाई को फायदा पहुंचाने के लिए बिना टेंडर के लाखों को पेंमेंट कर दिया। इसमें जो दरें निकलकर सामने आई वह चौकाने बाली है। जिसमें पानी की बोतल जो कि मार्केट में 250 ग्राम पानी की 6 रूपए में आसानी से उपलब्ध हो जाती है उसका नगर पालिका ने 28 रूपए के हिसाब से पैंमेंट किया है।
जब से शिवपुरी की नगर पालिका में अध्यक्ष पद का दायित्व मुन्ना ने संभाला है तब से ही शहर की हालात बद से बत्तर होती जा रही है। जिसका खुला खामियाजा ज्योतिरादित्य सिंधिया को शहर से मिली करारी हार से तय हुआ है।
जब बीपीएल कांड में मुन्ना लाल जेल गए तो उस समय सिंधिया ने अध्यक्ष पर लगाम लगाई होती तो आज ये दिन श्रीमंत को कमसे कम शिवपुरी शहर से तो नही देखना होता इसी का नतीजा है कि नगरपालिका अध्यक्ष मुन्नालालजी पर घोलमाल के कई आरोप लग चुके है। मामला चाहे बड़े टेंकरो का हो,केविल खरीदी का हो या सप्लाई का हो कही किसी पार्षद ने कही किसी ठेकेदार ने तो कही उनके ही अधिकारियों ने उन पर आरोप लगाए।
सूत्रों की माने तो जो आरोप नगर पालिका अध्यक्ष पर लगाये है वो सही भी है क्यो की अभी हाल ही में नगर पालिका अध्यक्ष मुन्ना लाल जी के मौखिक आदेश पर जिसकी कोई भी प्रशासनिक स्वीकृति नही ली गई और न ही कोई टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई और पिता पुत्र को चार लाख पांच हज़ार दो सौ तीस रुपये का भुगतान तात्याटोपे ग्राउंड पर स्वास्थ मिशन अंतर्गत मिनी मैराथन 5 किमी के नाम से लवित टेंट हाउस को 42700,आकांक्षा टेंट हाउस को 316030 ओर ठाकुरजी प्रिटिंग जॉन के बिना बिल के 46500 का भुगतान कर दिया।
जबकि एक लाख से अधिक के भुगतान पर पहले प्रशासनिक स्वीकृति ली जाती है उसके टैंटर निकाले जाते है विज्ञप्ति जारी की जाती है ओर टेंडर आने पर खोले जाते है लेकिन यहाँ इस प्रक्रिया में कोई भी नियमानुसार कार्य नगर पालिका अध्यक्ष, प्रभारी सीएमओ,ओर बाबू ने नही किये बल्कि साठगांठ कर पिता पुत्र को लाखों रुपये लुटा दिए इसका मुख्य कारण यह भी है कि उक्त टेंट व्यबसाई पिता पुत्र नगर पालिका अध्यक्ष और उनके पुत्र की सेवा में जी हजूरी पर लगे रहे।
40320 रुपये में पानी की 1440 बोतलें खरीदी का किया भुगतान
नगरपालिका शिवपुरी के प्रभारी सीएमओ, बाबू ओर नगरपालिका अध्यक्ष ने जिन पिता पुत्र को यह भुगतान किया है उसमें सबसे बड़ा घोटाला ये है कि जिस बड़ी बोतल की बाजार में कीमत फुटकर में 20 रुपये हुआ करती है। उसकी कीमत 28 रुपये 1लीटर बोतल बिल के हिसाब से भुगतान किया गया है जबकि हकीकत पर जाए तो वहाँ जो पानी की बोतल वितरण की गई है उनकी कीमत लगभग 6 रुपये 250 मिली है।
22 गेटो से दुल्हन की तरह सजाया गया शहर
जिस तात्याटोपे ग्राउंड से मिनी मैराथन का आयोजन किया गया था उस स्थान से सारे शिवपुरी शहर को 10 बड़े गेट जिनकी राशि 51000 हज़ार,ओर 12 छोटे गेट जिनकी राशि 25200 का भुगतान शहर को दुल्हन की तरह सजाने में किया गया कुल मिलाकर 76200 रुपये के 22 गेट शहर की जनता ने भी तो देखेंगे होंगे कि कहा लागए गए है इस तरह के कई भुगतान है जो नगर पालिका पिता पुत्र को पिता पुत्र की जी हजूरी के लिए लगातार करते आ रहे है।

