शिवपुरी। इन दिनों शिवपुरी आरटीओ कार्यालय भ्रष्टाचार का गढ बना हुआ है। शिवपुरी आरटीओ द्धारा कार्यालय को कटरों के हबाले कर दिया है। जिसके चलते कटर विभाग की छवि को धूलित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड रहे है। आज सुबह ही विभाग द्धारा पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की सभा में बस व्यवस्था को लेकर भ्रष्टाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया। अब उसके बाद कार्यालय में एक और फायनेंस घोटाला सामने आया है। जिसके चलते कार्यालय में ग्रामीणों से फायनेंस के नाम पर बसूली की जा रही है।
जिला परिवहन अधिकारी(आर.टी.ओ.) श्रीमती मधु सिंह पर एक कृषक द्वारा अपने शिकायती आवेदन के माध्मय से गंभीर आरोप लगाए गए है कृषक ने अपनी शिकायत जिला प्रशासन की बजाए सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को दी है जिसमें आरटीओ पर आरोप लगाया गया है कि जिला परिवहन विभाग में किसी भी फायनेंस कंपनी के द्वारा फायनेंस ऋण लिया जाता है तो उक्त फायनेंस कंपनी का नाम जिला परिवहन कार्यालय में कम्प्यूटर में दर्ज कराना आवश्यक होता है।
उक्त फायनेंस कंपनी कम्प्युटर में नाम दर्ज करने के लिए जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती मधु सिंह द्वारा 3000 रूपये रिश्वत के रूप में मांगे जा रहे है तथा फायनेंस कंपनी का ऋण पूरा होने पर आरटीओ कार्यालय में कम्प्युटर में से फायनेंस कंपनी का नाम हटवाने के लिए भी 1000 रूपये सेवा शुल्क मांगा जाता है जबकि यह सारी व्यवस्था शासन द्वारा कृषकों के लिए नि:शुल्क है बाबजूद इसके आरटीओ विभाग में कृषकों का जबरन शोषण किया जा रहा है। इस संबंध में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी उचित कार्यवाही को लेकर जिला कलेक्टर को पत्र लिखा है।
सांसद सिंधिया को सौंपे गए शिकायती पत्र में आवेदक गिर्राज रजक पुत्र राधेश्याम रजक निवासी ग्राम सिरसौद जिला शिवपुरी ने बताया कि जिला परिवहन विभाग की जिला अधिकारी श्रीमती मधु सिंह द्वारा कृषकों से फायनेंस के नाम पर जबरन अवैध वसूली की जा रही है जिसमें फायनेंस ऋण लेेन एवं चुकाने के एवज में कृषकों से 1000 से लेकर 3000 रूपये तक वसूले जा रहे है और राशि ना देने पर किसान का टे्रक्टर फायनेंस नहीं होता।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरटीओ द्वार वसूली करने के लिए अपने चहेते दो प्रायवेट लोग नियुक्त कर रखे है तथा इन दोनों लोगों को शासकीय कार्यालय में अलग से एक कमरा भी उपलब्ध कराया गया है। परिवहन विभाग में आरटीओ अधिकारी के दिशा निर्देश अनुसार कृषकों ही नहीं बल्कि अन्य आरटीओ में काम से आने वाले लोगों से कार्य करने के एवज में वसूली करते है और जो यह वसूली नहीं देता उसका काम नहीं होता और टरका दिया जाता है।
शिकायतकर्ता गिर्राज रजक का आरोप है जिला परिवहन अधिकारी अपने कार्यालय में बैठती ही नहीं है जिससे आमजन के कार्य नहीं हो पाते। वहीं आरटीओ विभाग में करीब 40-45 दलाल(एजेंट)नियुक्त कर रखे है जो सारे काम को अंजाम देकर आरटीओ के बारे-न्यारे करने में उनकी पैरवी करते है और कृषक व आमजन को उनके काम कराने के एवज में लूटते रहते है। कोई भी काम है तो आरटीओ में दो लोग नारायण सिंह सिसौदिया व बन्टू सिकरवार को कागज दिए जाते है जो कि आरटीओ अधिकारी श्रीमती मधु सिंह के घर पहुंचकर यह कार्य कराते है।
ऐसे में शिकायतकर्ता ने सांसद सिंधिया को सांैपे पत्र में किसानों सहित आमजन की इस ज्वलंब समस्या के शीघ्र निराकरण की गुहार लगाई है और ऐसा कार्य करने वाले आरटीओ के अधिकारी के खिलाफ उचित कार्यवाही की गुहार लगाई है।
वहीं इस संबंध में सांसद सिंधिया द्वारा भी जिलाधीश शिवपुरी के नाम पत्र लिखा गया है जिसमें कृषकों से अवैध सेवा शुल्क को लेकर होने वाली ज्यादती की इस समस्या को लेकर जबाब चाहा गया है। अब देखना होगा कि जिलाधीश महोदय इस मामले में क्या उचित कदम उठाती है?
इनका कहना है-
जिला परिवहन विभाग में किसी प्रकार की कोई अवैध वसूली नहीं होती और ना ही कोई व्यक्ति यहां अवैध रूप से कार्य कर वसूली का काम करता है जिसका जो भी काम होता है नियत समयावधि में किया जाता है और यदि कोई कागज कम है तो इसके लिए उसे बता दिया जाता है अब यदि वह अपनी शिकायत पर स्वयं गंभीर नहीं होता तो फिर इसमें आरटीओ विभाग की क्या गलती?
श्रीमती मधु सिंह
जिला परिवहन अधिकारी, शिवपुरी
