शिवपुरी। शिवपुरी के स्थानीय गांधी पार्क मैदान में लगने वाले मेले का विरोध शुरू हो चुका है। इस मेले का विरोध अब सडको पर भी आ गया है। विरोध करने वाली ओबीसी महासभा का कहना है कि गांधी पार्क में लगने वाला मेला वैधानिक नही है। वही इस मामले मे सीएमओ का इशांक धाकड़ का कहना है कि गांधी पार्क में आयोजित मेले की विधिवत सरकारी रेट मेला आयोजक ने दी है,और यह परिषद से पास है। वही शिवपुरी का सिद्धेश्वर मेला अपने तय शुदा जगह और तय समय पर लगेगा उसके टेडंर भी जारी किए जा चुके है। गांधी पार्क की जमीन का उपयोग काई भी कर सकता है नगर पालिका से जारी तय रेट का शुल्क उसे अदा करनी होगी।
पहले आप समझे इस मामले को
ओबीसी महासभा और अन्य मेला ठेकेदारों ने बीते शनिवार को कलेक्टर को शिकायत ज्ञापन सौंपकर नगर पालिका पर नियमों की अनदेखी कर मेले की अनुमति देने का आरोप लगाया है। वहीं नगर पालिका सीएमओ ईशांक धाकड़ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि एसडीएम की अनुमति से पहले ही गांधी पार्क मैदान में मेले का ढांचा लगभग खड़ा कर दिया गया है। इससे स्थानीय खिलाड़ियों और नागरिकों में आक्रोश की स्थिति बन गई है।
ओबीसी महासभा के प्रदेश प्रभारी और मेला ठेकेदार जितेंद्र लोधी ने बताया कि जिस व्यक्ति भगचंद शिवहरे को मेला लगाने की अनुमति दी गई है, उसके खिलाफ वर्ष 2023 और 2024 के मेले के दौरान लड़ाई-झगड़े और जुए से जुड़े मामले फिजिकल थाना में दर्ज हैं।
आज मैदान में आया मेला ठेकेदार,बोला ब्लैकमेलिंग की जा रही है
मेला आयोजक संस्था शिवहरे इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर आकाश शिवहरे ने सोमवार को कलेक्टर शिवपुरी को एक आवेदन सौंपा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विरोधी तत्व व्यक्तिगत स्वार्थ और द्वेषवश प्रशासन को गलत तथ्य पेश कर रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य मेले के सफल आयोजन में बाधा उत्पन्न करना है।
20 मार्च से आयोजन
आकाश शिवहरे ने बताया कि मेले की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और यह आयोजन शहरवासियों के मनोरंजन के लिए 20 मार्च से प्रस्तावित है। वहीं आकाश ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि विरोधियों द्वारा दी जा रही झूठी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए और मेले के शांतिपूर्ण संचालन के लिए आवश्यक अनुमति व सुरक्षा प्रदान की जाए।
आकाश शिवहरे का कहना है कि वहीं जितेन्द्र लोधी द्वारा मुझ पर जो आरोप लगाए गए हैं कि मैं शराब बेचता हूं और अवैध जुआ खिलाता हूं। ऐसा कोई भी प्रकरण मेरे खिलाफ दर्ज नहीं हैं। मैंने पुलिस वेरिफिकेशन शिवपुरी से करा लिया है फिजिकल थाने से, वह में माननीय शिवपुरी कलेक्टर महोदय जी के सामने पेश करूंगा।
आकाश का कहना हैं कि इन पर खुद पर मुकदमा दर्ज हैं इनके साथ जो पार्किंग के ठेकेदार हैं उनका हर साल का काम है कि हमें पार्किंग फ्री में चाहिए और दुकान चाहिए हमें अपना हिस्सा चाहिए अगर नहीं दोगे तो हम विरोध करेंगे। बाहर से लोग बुलायेंगे उनसे विरोध करवाएंगे तो यह इस प्रकार से परेशान कर रहे हैं। वहीं इन लोगों के विरोध का कारण यह है कि यह खुद मेला ठेकेदार हैं यह खुद मेला ठेला लगाना चाहते हैं,वहीं दूसरा कि उन्हें फ्री में पार्किंग दे दो और पार्टनर बना लो।
सिद्धेश्वर मेला अलग, यह मेरा निजी आयोजन है
वहीं आकाश का कहना है कि यह सिद्धेश्वर का मेला नहीं हैं यह हमने प्राइवेट मेला लेकर लगाया हैं सिद्धेश्वर मेले में अभी 1 महीना हैं और यह मेला हमने इसलिए लगाया हैं कि हमारे पास लेवर भी रहती है उनका भरण—पोषण चलता रहेगा। तो हमने नगरपालिका में पैसे देकर यह मेला लगाया हैं वो भी गाउंड बगैरा खाली हैं बस छोटी सी जगह में लगाया जा रहा हैं। वहीं सिद्धेश्वर वाला मेला अलग हैं। वह नगरपालिका लगाती हैं वह पैतृक मेला हैं।
मेला चर्चा का विषय
गांधी पार्क में लगने वाला यह मेला हमेशा से ही शिवपुरी के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। ऐसे में आयोजन से पहले शुरू हुई इस लेटर वॉर ने शहर के गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है।
बताया जा रहा है कि ओबीसी के प्रदेश प्रभारी प्रदेश प्रभारी और मेला ठेकेदार जितेंद्र लोधी ने सिद्धेश्वर ग्राउंड में अप्रैल मार्च के माह में मेला लगाने का आवेदन दिया था,लेकिन मार्च माह से शिवपुरी का पारंपरिक मेले का श्रीगणेश होता है,इस कारण जितेंद्र लोधी के आवेदन के रद्द कर दिया गया था। वही इस मामले में सीएमओ का इशांक धाकड़ ने बताया कि गांधी पार्क मैदान में आवेदन कर कोई भी संस्था मेला या अन्य आयोजन कर सकती है। गांधी पार्क की 25 रुपए वर्ग फुट किराया प्रतिमाह का फिक्स है,यह किराया परिषद में स्वीकृत हुआ है। वही सिद्धेश्वर मेला हमेशा की तरह सिद्धेश्वर ग्राउंड में ही लगाया जाएगा इसके टेंडर जारी हो चुके है।
पहले आप समझे इस मामले को
ओबीसी महासभा और अन्य मेला ठेकेदारों ने बीते शनिवार को कलेक्टर को शिकायत ज्ञापन सौंपकर नगर पालिका पर नियमों की अनदेखी कर मेले की अनुमति देने का आरोप लगाया है। वहीं नगर पालिका सीएमओ ईशांक धाकड़ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि एसडीएम की अनुमति से पहले ही गांधी पार्क मैदान में मेले का ढांचा लगभग खड़ा कर दिया गया है। इससे स्थानीय खिलाड़ियों और नागरिकों में आक्रोश की स्थिति बन गई है।
ओबीसी महासभा के प्रदेश प्रभारी और मेला ठेकेदार जितेंद्र लोधी ने बताया कि जिस व्यक्ति भगचंद शिवहरे को मेला लगाने की अनुमति दी गई है, उसके खिलाफ वर्ष 2023 और 2024 के मेले के दौरान लड़ाई-झगड़े और जुए से जुड़े मामले फिजिकल थाना में दर्ज हैं।
आज मैदान में आया मेला ठेकेदार,बोला ब्लैकमेलिंग की जा रही है
मेला आयोजक संस्था शिवहरे इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर आकाश शिवहरे ने सोमवार को कलेक्टर शिवपुरी को एक आवेदन सौंपा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विरोधी तत्व व्यक्तिगत स्वार्थ और द्वेषवश प्रशासन को गलत तथ्य पेश कर रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य मेले के सफल आयोजन में बाधा उत्पन्न करना है।
20 मार्च से आयोजन
आकाश शिवहरे ने बताया कि मेले की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और यह आयोजन शहरवासियों के मनोरंजन के लिए 20 मार्च से प्रस्तावित है। वहीं आकाश ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि विरोधियों द्वारा दी जा रही झूठी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए और मेले के शांतिपूर्ण संचालन के लिए आवश्यक अनुमति व सुरक्षा प्रदान की जाए।
आकाश शिवहरे का कहना है कि वहीं जितेन्द्र लोधी द्वारा मुझ पर जो आरोप लगाए गए हैं कि मैं शराब बेचता हूं और अवैध जुआ खिलाता हूं। ऐसा कोई भी प्रकरण मेरे खिलाफ दर्ज नहीं हैं। मैंने पुलिस वेरिफिकेशन शिवपुरी से करा लिया है फिजिकल थाने से, वह में माननीय शिवपुरी कलेक्टर महोदय जी के सामने पेश करूंगा।
आकाश का कहना हैं कि इन पर खुद पर मुकदमा दर्ज हैं इनके साथ जो पार्किंग के ठेकेदार हैं उनका हर साल का काम है कि हमें पार्किंग फ्री में चाहिए और दुकान चाहिए हमें अपना हिस्सा चाहिए अगर नहीं दोगे तो हम विरोध करेंगे। बाहर से लोग बुलायेंगे उनसे विरोध करवाएंगे तो यह इस प्रकार से परेशान कर रहे हैं। वहीं इन लोगों के विरोध का कारण यह है कि यह खुद मेला ठेकेदार हैं यह खुद मेला ठेला लगाना चाहते हैं,वहीं दूसरा कि उन्हें फ्री में पार्किंग दे दो और पार्टनर बना लो।
सिद्धेश्वर मेला अलग, यह मेरा निजी आयोजन है
वहीं आकाश का कहना है कि यह सिद्धेश्वर का मेला नहीं हैं यह हमने प्राइवेट मेला लेकर लगाया हैं सिद्धेश्वर मेले में अभी 1 महीना हैं और यह मेला हमने इसलिए लगाया हैं कि हमारे पास लेवर भी रहती है उनका भरण—पोषण चलता रहेगा। तो हमने नगरपालिका में पैसे देकर यह मेला लगाया हैं वो भी गाउंड बगैरा खाली हैं बस छोटी सी जगह में लगाया जा रहा हैं। वहीं सिद्धेश्वर वाला मेला अलग हैं। वह नगरपालिका लगाती हैं वह पैतृक मेला हैं।
मेला चर्चा का विषय
गांधी पार्क में लगने वाला यह मेला हमेशा से ही शिवपुरी के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। ऐसे में आयोजन से पहले शुरू हुई इस लेटर वॉर ने शहर के गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है।
बताया जा रहा है कि ओबीसी के प्रदेश प्रभारी प्रदेश प्रभारी और मेला ठेकेदार जितेंद्र लोधी ने सिद्धेश्वर ग्राउंड में अप्रैल मार्च के माह में मेला लगाने का आवेदन दिया था,लेकिन मार्च माह से शिवपुरी का पारंपरिक मेले का श्रीगणेश होता है,इस कारण जितेंद्र लोधी के आवेदन के रद्द कर दिया गया था। वही इस मामले में सीएमओ का इशांक धाकड़ ने बताया कि गांधी पार्क मैदान में आवेदन कर कोई भी संस्था मेला या अन्य आयोजन कर सकती है। गांधी पार्क की 25 रुपए वर्ग फुट किराया प्रतिमाह का फिक्स है,यह किराया परिषद में स्वीकृत हुआ है। वही सिद्धेश्वर मेला हमेशा की तरह सिद्धेश्वर ग्राउंड में ही लगाया जाएगा इसके टेंडर जारी हो चुके है।