शिवपुरी में UGC के नए ड्राफ्ट नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, अनिल मिश्रा हुए शामिल

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शिवपुरी कलेक्ट्रेट कार्यालय पर आज सवर्ण समाज संगठन ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी द्वारा नए नियमों और हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे एक विवादित प्रश्नों को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करने हुए शिवपुरी कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस एकपक्षीय काले कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

संगठन का आरोप है कि 13 जनवरी 2026 को यूजीसी द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन के नए नियम उच्च शिक्षा में असमानता और भेदभाव पैदा करने वाले हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि इन नियमों से छात्रों के बीच वैमनस्यता बढ़ेगी और इनका दुरुपयोग कर सवर्ण समाज के छात्रों का शैक्षणिक व व्यावसायिक भविष्य खराब किया जा सकता है। संगठन ने आपत्ति जताई है कि सुनवाई समिति में सवर्ण समाज का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं है, जिससे निर्णय प्रक्रिया एकतरफा होने का खतरा है।

परीक्षा में पंडित शब्द का प्रयोग
हाल ही में 14 मार्च 2026 को आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का भी जिक्र किया गया है। संगठन ने बताया कि परीक्षा के सामान्य हिंदी खंड में अवसर के अनुसार बदल जाने वाला वाक्यांश के लिए विकल्पों में पंडित शब्द का प्रयोग किया गया है, जो एक विशिष्ट वर्ग की भावनाओं को आहत करने वाला और अपमानजनक है।

संगठन ने स्पष्ट किया कि भारत का संविधान समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित है, लेकिन इस प्रकार के एकतरफा निर्णय और एक्ट कॉलेज व शिक्षण संस्थानों में सामाजिक विद्वेष की भावना पैदा करेंगे। सवर्ण समाज ने मांग की है कि सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर चले और ऐसे नियमों को निरस्त करे जो किसी एक वर्ग के अधिकारों का हनन करते हों। वहीं इस विरोध प्रदर्शन में ग्वालियर के अधिवक्ता अनिल मिश्रा भी शामिल हुए।