शिवपुरी में प्रशासन के सामने जलाई गई थी मनु स्मृति, देवी देवताओ को हमेशा गाली दी जाती है

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के खनियाधाना में धार्मिक ग्रंथ मनुस्मृति के जलाने पर भड़की सवर्ण समाज संगठन जिला शिवपुरी ने आज सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि अगर पुलिस प्रशासन ने इन दो विषयों पर जल्द ही कार्यवाही नहीं की तो उग्र आंदोलन की चेतावनी दी हैं।  

वहीं अधिवक्ता अनिल मिश्रा का कहना हैं कि जो खनियाधाना में प्रशासन के सामने मनुस्मृति जलाई गई हैं, उस पर आज दिनांक तक कोई अपराध कायमी नहीं की गई,जबकि यूपी में कायमी हो चुकी हैं,लोग जेल भी गये हैं हमारे यहां पता नहीं क्यों सरकार, प्रशासन कानून कार्यवाही नहीं करता हैं। हमारे यहां लगातार यह लोग जूते मारने की बात करते हैं लगातार हमारे हिन्दू धर्म के देवी-देवताओं को गालियां देते हैं। हमारे धार्मिक ग्रंथ मनु स्मृति जैसे ग्रंथों को जलाते हैं ऐसे लोगों पर कार्यवाही की जाती अतिआवश्यक हैं। वहीं पुलिस प्रशासन को इस मामले में 3 महीने हो चुके हैं,लेकिन कार्यवाही नहीं हुई।

अभी नरवर का एक मामला सामने आया हैं जो बच्चे अहमदाबाद में थे उन पर एफआईआर दर्ज कर दी गई। इस तरह के कानून का उपयोग किया जा रहा हैं सर्वण को दबाया जा रहा है, अगर यहां से कार्यवाही नहीं होती हैं तो हम न्यायालय में जायेंगे।

जो लोग सनातन को नहीं मानते वह इस देश में रहने के लायक नहीं हैं
वहीं जो सनातन को नहीं मानते वह हमारे साथ नहीं हैं और जो सनातन को नहीं मानते वह हिंदुस्तान में रहने के लायक नहीं हैं। और हमारे साथ पूरे सनातनी लोग हैं, हिन्दू धर्म हमारे यहां चलता हैं विदेशों में तो नहीं चलता,जो सनातन तो नहीं मानते वो यहां रहने के लायक ही नहीं हैं। वहीं अनिल मिश्रा का कहना हैं कि जो लोग अधर्मी हो गये हैं अधर्मी हर युग में हुए हैं और हम ऐसे अधर्मियों के विरूद्ध हम हमेशा ऐसे ही लड़ते रहेंगे।

वहीं अगर हम संविधान की बात करें तो संविधान बीएन राव ने बनाया हैं, वहीं घोषणा करने से क्या होता हैं अगर में कह दू कि मैं अनिल मिश्रा ने संविधान लिखा हैं तो क्या लोग मान लेंगे।

आंदोलन की चेतावनी
राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से ले। संगठन ने कहा कि यदि निर्दोषों को राहत नहीं मिली और धार्मिक भावनाओं का अपमान करने वालों पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो जिले भर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह जिला प्रशासन की होगी।