शिवपुरी मंडी में जंगलराज,जूता पूजता है ब्लैकलिस्ट कर्मचारी का, FIR की जगह अभय दान

Adhiraj Awasthi
शिवपुरी। शिवपुरी कृषि उपज मंडी में वर्तमान समय में जंगलराज चल रहा है। मंडी बोर्ड के नियमों को खूंटी पर टांग दिया गया है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण शिवपुरी में एक ब्लैक लिस्टेट आउट सोर्स कर्मचारी को नौकरी पर पुन: रखना है। इस मंडी कर्मचारी को  शिवपुरी में हुए फार्म ऐप काण्ड मे नौकरी से हटाया गया था। इस आउटसोर्स कर्मचारी पर आरोप था कि व्यापारी की लॉगिग आईडी लेकर कूटरचना दस्तावेज बनाए थे।

एफआईआर की जगह अभय दान, 4 महीने में घर वापसी
मामले में तूल पकडा और जांच की गई थी जांच टीम ने अपनी जांच में मंडी के इस आउटसोर्स कर्मचारी को दोषी करार देते हुए अपनी जांच में लिखा था कि इस दोषी कर्मचारी को मध्य प्रदेश की सभी मंडियों में प्रतिबंधित करना चाहिए,हालांकि इस कर्मचारी को जांच टीम ने यह अभय दान दिया कि जब यह कर्मचारी कूटरचना पाया गया तो इसके खिलाफ एफआईआर करानी चाहिए। एफआईआर की छोडो 2 माह बाद इस कर्मचारी को पुनः:नौकरी पर शिवपुरी मंडी में ही रख लिया गया जहां इसने फॉर्म ऐप गेट घोटाले को अंजाम दिया था।

जैसा कि विदित है कि पिछले वर्ष शिवपुरी के व्यापारियों का फार्म एंप कांड सामने आया था। शिवपुरी समाचार सहित शिवपुरी की  मंडियों   ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस मामले में संयुक्त संचालक मंडी बोर्ड ग्वालियर ने जांच टीम का गठन कर इस मामले की जांच कराने के आदेश दिए थे।

संयुक्त संचालक मप्र राज्य विपणन बोर्ड ग्वालियर से जारी दिनांक 8 मई 20205 को जारी पत्र क्रमांक बोर्ड नियमन 2025—26 94
विषय 28 4 20025 को प्रकाशित मीडिया में खबरें फार्म ऐप गेट की आड़ में फर्जीवाड़ा
इस पत्र में जांच टीम ने स्पष्ट लिखा है कि जांच के संबंध मौके पर पाए प्रस्तुत साक्ष्य व्यापारियों एवं सचिव मंडी शिवपुरी के प्रतिवेदन का परीक्षण करने पर पाया गया कि कृषि उपज मंडी समिति शिवपुरी के आउटसोर्स कर्मचारी पीयूष जैन आउटसोर्स कर्मचारी आरबी एसोसिएटस द्वारा कूटरचित तरीके से व्यापारियो के आईडी पासवर्ड कंप्यूटर में सेव कर रखे गए थे। जिनमा दुरूपयोग पीयूष जैन के द्वारा किया जा रा था फार्म ऐप गेट काण्ड मे भी पीयूष जैन ने मनमाने तरीके से सौदा पत्रक जारी कर दिए थे जिस हैतु पीयूष जैन पूर्ण दोषी है। इसलिए पूर्ण जैन को नौकरी से हटाते हुए संपूर्ण म प्र की कृषि उपज मंडी में नौकरी करने के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाना न्यायोचित होगा,इस जांच के बाद पीयूष जैन को नौकरी से हटा दिया गया था।


लेकिन शिवपुरी में जंगलराज
जानकारी मिल रही है कि आउटसोर्स कर्मचारी को 4 माह बाद शिवपुरी कृषि उपज मंडी ने वापस बुला लिया और उसी कुर्सी पर विराजमान कर दिया। संयुक्त संचालक के आदेश के बाद भी शिवपुरी कृषि मंडी की स्थापना शाखा ने पुन:पीयूष जैन को नौकरी पर रख लिया। अब उठता है कि शिवपुरी कृषि मंडी के प्रबंधन ने ऐसा क्यों किया। बताया जा रहा है कि पीयूष जैन मंडी प्रबंधन के लिए आउटसोर्सिंग से इनकम का प्रबंध करते है इसलिए एक ब्लैकलिस्टेड कर्मचारी को मंडी प्रबंधन ने पुन:नौकरी पर रखा है।  

आखिर क्यों पूजता है पीयूष जैन का जूता?
मंडी के गलियारों में चर्चा आम है कि पीयूष जैन केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि मंडी प्रबंधन के लिए 'अवैध आय' का प्रबंध करने वाला प्रमुख मोहरा है। सूत्रों की मानें तो आउटसोर्स के जरिए होने वाली 'ऊपरी कमाई' का हिसाब-किताब पीयूष के पास ही रहता है। यही कारण है कि एक दागी और ब्लैक लिस्टेड व्यक्ति को हटाने के बजाय, मंडी सचिव और प्रबंधन उसे संरक्षण दे रहे हैं।