शिवपुरी में अपार संकट, 1 लाख छात्र डिजिटल पहचान गायब, रैंकिंग में 30वें पायदान से भी नीचे

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी के तहत विद्यार्थियों की डिजिटल पहचान (अपार आईडी) बनाने का अभियान शिवपुरी जिले में अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। आलम यह है कि जिले में करीब 1 लाख से अधिक विद्यार्थी तकनीकी खामियों और प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक इस डिजिटल सिस्टम से बाहर हैं। इस पिछड़ेपन की वजह से मध्य प्रदेश की रैंकिंग में शिवपुरी जिला शीर्ष 30 जिलों की सूची से भी बाहर होकर काफी नीचे पहुंच गया है।

आंकड़ों का गणित, 35 प्रतिशत छात्र अभी भी कतार में
जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 12वीं तक करीब 2.80 लाख से 3 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। शिक्षा विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक केवल 1.80 लाख से 2 लाख विद्यार्थियों की ही अपार आईडी जनरेट हो पाई है। यानी करीब 65 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हुआ है, जबकि 1 लाख के करीब छात्र अभी भी इस डिजिटल कुंडली से वंचित हैं।

आधार अपडेट न होना सबसे बड़ी रुकावट
अभियान की सुस्ती का सबसे बड़ा कारण आधार कार्ड का बायोमेट्रिक अपडेट न होना है। नियमों के मुताबिक, 5, 15 और 17 वर्ष की आयु में बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य है। शिवपुरी जिले में 20 हजार से अधिक बच्चों का आधार अपडेट नहीं है। इसमें 15 वर्ष आयु वर्ग के 7 हजार और 15-17 वर्ष आयु वर्ग के 12 हजार से अधिक छात्र शामिल हैं। बायोमेट्रिक अपडेट न होने के कारण डेटा सिस्टम से मैच नहीं होता और आईडी रिजेक्ट हो जाती है।

रिकॉर्ड की त्रुटियां बनीं बाधा
केवल आधार ही नहीं, बल्कि स्कूल रिकॉर्ड, समग्र आईडी और आधार के डेटा में आपसी तालमेल न होना भी एक बड़ी समस्या है। नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि या माता-पिता के नाम में मामूली अंतर होने पर भी 12 अंकों की यह आईडी जनरेट नहीं हो रही है। जिले के 2 हजार से अधिक स्कूलों में यह अभियान चल रहा है, लेकिन पिछले कुछ महीनों से इसकी गति बेहद धीमी है।

क्या है अपार आईडी और क्यों है जरूरी?
अपार आईडी विद्यार्थियों की एक स्थायी डिजिटल पहचान है। इसमें छात्र का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड, जैसे मार्कशीट, छात्रवृत्ति, और उच्च शिक्षा के दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। इसके बिना भविष्य में छात्रवृत्ति और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) जैसी प्रक्रियाओं में छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
















"जिले में अपार आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दे दिए गए हैं। बोर्ड परीक्षाओं की व्यस्तता के कारण काम कुछ धीमा हुआ था, लेकिन अब इसे युद्ध स्तर पर पूरा किया जाएगा। हम ब्लॉक वार समीक्षा कर रहे हैं और जिन शिक्षकों का कार्य शेष है, उन्हें तत्काल रिकॉर्ड सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।"

— विवेक श्रीवास्तव, डीईओ, शिवपुरी