करैरा। शिवपुरी की करैरा पुलिस ने ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट के मामले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने करैरा और झांसी के दो युवकों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि ठगी का यह नेटवर्क करैरा से लेकर झांसी तक फैला हुआ था, जहाँ भोले-भाले युवाओं के बैंक खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था।
कमीशन का लालच और बैंक खातों का खेल
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी योगेश ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि झांसी निवासी दीपक प्रजापति ने उसे झांसा दिया था कि उसके खाते में आने वाली रकम पर उसे 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा। इस लालच में योगेश ने अपना एटीएम कार्ड और पासवर्ड दीपक को सौंप दिया। गिरोह देशभर में लोगों को डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर ठगता था और वह राशि योगेश के खाते में ट्रांसफर करवा दी जाती थी, जिसे दीपक झांसी के एटीएम से निकाल लेता था।
निवेश के नाम पर 4.65 लाख की चपत
कर्नाटक (बेंगलुरु) की एक महिला ने समन्वय पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर उनसे 4.65 लाख रुपये ठगे गए हैं। जांच में पता चला कि इस ठगी की एक किश्त (50 हजार रुपये) 6 दिसंबर 2024 को करैरा स्थित एसबीआई की शाखा में योगेश के खाते में आई थी, जिसे उसी दिन झांसी के खाती बाबा चौराहा स्थित एटीएम से निकाल लिया गया।
डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर वसूली
उत्तर प्रदेश के मऊ निवासी मंगेश प्रजापति को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 11,500 रुपये ठगे गए। इस राशि को भी दो हिस्सों में योगेश के ही खाते में जमा कराया गया और तुरंत एटीएम के जरिए आहरित कर लिया गया।
भौंती क्षेत्र में भी सक्रिय है गैंग
सूत्रों के अनुसार, ठगी का यह जाल केवल करैरा तक सीमित नहीं है। भौंती थाना क्षेत्र से भी एक बड़ा गिरोह संचालित होने की सूचना है। पुलिस ने इस मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है। करैरा टीआई विनोद छावई के अनुसार, इस गोरखधंधे में कई और सफेदपोश चेहरे सामने आ सकते हैं।
कमीशन का लालच और बैंक खातों का खेल
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी योगेश ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि झांसी निवासी दीपक प्रजापति ने उसे झांसा दिया था कि उसके खाते में आने वाली रकम पर उसे 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा। इस लालच में योगेश ने अपना एटीएम कार्ड और पासवर्ड दीपक को सौंप दिया। गिरोह देशभर में लोगों को डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर ठगता था और वह राशि योगेश के खाते में ट्रांसफर करवा दी जाती थी, जिसे दीपक झांसी के एटीएम से निकाल लेता था।
निवेश के नाम पर 4.65 लाख की चपत
कर्नाटक (बेंगलुरु) की एक महिला ने समन्वय पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर उनसे 4.65 लाख रुपये ठगे गए हैं। जांच में पता चला कि इस ठगी की एक किश्त (50 हजार रुपये) 6 दिसंबर 2024 को करैरा स्थित एसबीआई की शाखा में योगेश के खाते में आई थी, जिसे उसी दिन झांसी के खाती बाबा चौराहा स्थित एटीएम से निकाल लिया गया।
डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर वसूली
उत्तर प्रदेश के मऊ निवासी मंगेश प्रजापति को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 11,500 रुपये ठगे गए। इस राशि को भी दो हिस्सों में योगेश के ही खाते में जमा कराया गया और तुरंत एटीएम के जरिए आहरित कर लिया गया।
भौंती क्षेत्र में भी सक्रिय है गैंग
सूत्रों के अनुसार, ठगी का यह जाल केवल करैरा तक सीमित नहीं है। भौंती थाना क्षेत्र से भी एक बड़ा गिरोह संचालित होने की सूचना है। पुलिस ने इस मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है। करैरा टीआई विनोद छावई के अनुसार, इस गोरखधंधे में कई और सफेदपोश चेहरे सामने आ सकते हैं।