शिवपुरी। शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना सीमा में खिन्नी नाके पर स्थित होटल युवराज में बीते 6 फरवरी सोमवार को स्टूडेंट नैनसी राठौर की मौत के कई सवालों को जन्म दे रही है,नैनसी अपने प्रेमी अंकुंश रावत जो फौजी है उससे मिलने अपनी मर्जी से होटल युवराज में मिलने गई थी। कमरा नंबर 308 में ऐसा क्या हुआ था कि जिससे नैनसी को अपनी जिंदगी को खत्म करना उचित समझा,इस पूरे मामले में फिजिकल पुलिस आधिकारिक रूप से फिलहाल कुछ भी कहने से बच रही है। वही स्टूडेंट के परिजनों की चुप्पी भी इस पूरे मामले का संदिग्ध बना रही है। पुलिस का कहना है कि वह जांच कर रही है। लेकिन अभी तक जो बयान आए वह एक दूसरे के विरोधाभासी है,इस कारण यह पूरा मामला संदिग्ध हो रहा है कि नैनसी की मौत का कारण सुसाइड है या और कुछ ओर
पहले आप समझे मामले को
बीते 16 फरवरी सोमवार को सेसई निवासी नैनसी पुत्र राजू राठौर उम्र 20 साल सुबह घर से कालेज का फार्म भरने जाने की बात कह कर गांव के अंकुश रावत फौजी के साथ खिन्नी नाके के पास स्थित होटल युवराज में पहुंची थी। जहां उसकी संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस पीएम रिपोर्ट आने के उपरांत ही कुछ बता पाने की बात कह रही है। पुलिस ने अंकुश रावत नाम के जिस युवक को हिरासत में लिया था उसे भी छोड़ दिया है।
यह बोला होटल का स्टाफ
इस मामले में जब होटल युवराज के स्टाफ से घटना के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया तो होटल के स्टाफ ने बताया कि सोमवार को लड़का-लड़की दोनों एक साथ कार में सवार होकर सुबह करीब 11:15 बजे होटल पहुंचे थे। उन्होंने कमरा नंबर 308 बुक किया। लगभग दो घंटे बाद लड़का, लड़की को बेहोशी की हालत में लेकर नीचे आया और बताया कि अचानक इसकी तबीयत खराब हो गई है। होटल स्टाफ के अनुसार लड़के के कहने पर उन्होंने मदद करके लड़की को कार में रखवाया और वह चला गया। स्टाफ की मानें तो उन्हें प्रथम दृष्टया कमरे में फांसी जैसा कुछ नजर नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है। कमरे की चाबी टीआई मैडम के पास है।
किसी के सामने कोई फांसी कैसे लगा सकता हैं,सवाल बडा हैं
इस मामले में फिजिकल थाना प्रभारी टीआई नम्रता भदौरिया का कहना है कि लड़के ने प्रारंभिक पूछताछ में यह बताया कि, लड़की उस पर शादी का दबाव बना रही थी, उसने फिलहाल शादी करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि, वह शादी तो घर वालों की मर्जी से ही करेगा। इसके बाद लड़की ने फांसी लगा ली। हालांकि लड़के की कमरे में मौजूदगी के दौरान लड़की द्वारा फांसी लगा पाने के संबंध में टीआई का कहना है कि लड़के के अनुसार वह जब बाहर चला गया था, तब लड़की ने अपने दुपट्टे से फांसी लगाई, जबकि होटल के स्टाफ की मानें तो लड़का-लड़की जब कमरे में गए उसके बाद कोई भी होटल से बाहर नहीं गया।
लड़का सीधा लड़की को बेहोशी की हालत में लेकर नीचे उतर कर आया,अगर होटल स्टाफ की माने तो लडका ही लडकी को बेहोशी की हालत में कमरे से लेकर आया है अगर लडकी ने फांसी लगाई है तो लडके ने रोका क्यो नही,एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के सामने कैसे सुसाइड कर सकता है वह भी फांसी लगाकर सवाल बडा हैं।
परिजन को चुपी भी बड़े सवाल खड़े करती हैं
इस मामले में मृतक नैनसी राठौर के परिजनों की चुप्पी भी बड़े सवाल को खड़ा करती है,नैनसी के परिजनों का एक शब्द भी इस मामले में सामने नही आया है,कमरे में नैनसी ने फांसी कैसे लगाई,उसने अपने आप को किस चीज से हैंगिंग किया है,
इस मामले में तीन पक्ष हैं और तीनों की बातें अलग दिशा में जा रही हैं
अंकुश का दावा है कि नैनसी उस पर शादी का दबाव बना रही थी। जब उसने मना किया और कमरे से थोड़ी देर के लिए बाहर गया, तो नैनसी ने दुपट्टे से फांसी लगा ली,अंकुश के दावे पर कोई प्रश्न खडे हो रहे है कि अगर अंकुश की अनुपस्थिति में नैनसी ने फांसी लगाई तो,सबसे पहले अंकुश के पास इस सुसाइड की सूचना कैसे पहुंची ?,सबसे पहले कमरे में होटल का स्टाफ क्यों और कौन पहुंचा था ?,क्या कमरा अंदर से लॉक नहीं था ? स्टाफ के किस सदस्य ने नैनसी को कमरे में फांसी के फंदे पर लटकते देखा था ?,अगर अंकुश कमरे में वापस गया और उसने नैनसी को फांसी के फंदे पर लटकता देखा तो उसने सबसे पहले पुलिस को सूचना क्यो नही दी ? ,क्या अंकुश ने अकेले की नैनसी को फांसी के फंदे से स्वयं ने उतारा था ? सवाल बडे है और जबाब के लिख खडे है।
स्टाफ का कहना है कि कमरा बुक करने के बाद लड़का और लड़की अंदर ही थे, कोई बाहर नहीं गया। दो घंटे बाद लड़का अचानक लड़की को गोद में लेकर नीचे आया और कहा कि उसकी तबीयत खराब हो गई है। स्टाफ के मुताबिक, उन्हें कमरे में फांसी जैसा कोई दृश्य नहीं दिखा। इस बयान मे होटल प्रबंधन की सच्चाई झलकती है,क्योंकि होटल के किसी कमरे में फांसी जैसी घटना होती तो होटल प्रबंधन सबसे पहले पुलिस को सूचना देता है,लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ है।
कमरे की अभी तक फोरेंसिक टीम नहीं पहुंची है,क्राइम सीन भी बाहर नहीं आया है,
अनसुलझे सवाल जो शक पैदा करते हैं,कमरे के पंखे की ऊंचाई इतनी है कि वहां तक बिना किसी सहारे के दुपट्टा बांधना छात्रा के लिए लगभग नामुमकिन था। क्या वहां कोई स्टूल या कुर्सी का इस्तेमाल हुआ ? होटल के गलियारे में लगे सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़े गवाह हो सकते हैं। क्या अंकुश सच में कमरे से बाहर गया था, जैसा वह दावा कर रहा है ? बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए और बयानों में इतना अंतर होने के बावजूद मुख्य संदेही को छोड़ देना परिजनों के मन में सवाल खड़े कर रहा है।
थाना प्रभारी नम्रता भदौरिया का कहना है कि मामला संदिग्ध है। अंकुश को पूछताछ के बाद फिलहाल छोड़ दिया गया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट और मृतिका के परिजनों के बयानों का इंतजार कर रही है। फिलहाल, कमरा नंबर 308 को सील कर दिया गया है। शिवपुरी पुलिस की जांच मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह मामला आत्महत्या का है या और कुछ,
पहले आप समझे मामले को
बीते 16 फरवरी सोमवार को सेसई निवासी नैनसी पुत्र राजू राठौर उम्र 20 साल सुबह घर से कालेज का फार्म भरने जाने की बात कह कर गांव के अंकुश रावत फौजी के साथ खिन्नी नाके के पास स्थित होटल युवराज में पहुंची थी। जहां उसकी संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस पीएम रिपोर्ट आने के उपरांत ही कुछ बता पाने की बात कह रही है। पुलिस ने अंकुश रावत नाम के जिस युवक को हिरासत में लिया था उसे भी छोड़ दिया है।
यह बोला होटल का स्टाफ
इस मामले में जब होटल युवराज के स्टाफ से घटना के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया तो होटल के स्टाफ ने बताया कि सोमवार को लड़का-लड़की दोनों एक साथ कार में सवार होकर सुबह करीब 11:15 बजे होटल पहुंचे थे। उन्होंने कमरा नंबर 308 बुक किया। लगभग दो घंटे बाद लड़का, लड़की को बेहोशी की हालत में लेकर नीचे आया और बताया कि अचानक इसकी तबीयत खराब हो गई है। होटल स्टाफ के अनुसार लड़के के कहने पर उन्होंने मदद करके लड़की को कार में रखवाया और वह चला गया। स्टाफ की मानें तो उन्हें प्रथम दृष्टया कमरे में फांसी जैसा कुछ नजर नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है। कमरे की चाबी टीआई मैडम के पास है।
किसी के सामने कोई फांसी कैसे लगा सकता हैं,सवाल बडा हैं
इस मामले में फिजिकल थाना प्रभारी टीआई नम्रता भदौरिया का कहना है कि लड़के ने प्रारंभिक पूछताछ में यह बताया कि, लड़की उस पर शादी का दबाव बना रही थी, उसने फिलहाल शादी करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि, वह शादी तो घर वालों की मर्जी से ही करेगा। इसके बाद लड़की ने फांसी लगा ली। हालांकि लड़के की कमरे में मौजूदगी के दौरान लड़की द्वारा फांसी लगा पाने के संबंध में टीआई का कहना है कि लड़के के अनुसार वह जब बाहर चला गया था, तब लड़की ने अपने दुपट्टे से फांसी लगाई, जबकि होटल के स्टाफ की मानें तो लड़का-लड़की जब कमरे में गए उसके बाद कोई भी होटल से बाहर नहीं गया।
लड़का सीधा लड़की को बेहोशी की हालत में लेकर नीचे उतर कर आया,अगर होटल स्टाफ की माने तो लडका ही लडकी को बेहोशी की हालत में कमरे से लेकर आया है अगर लडकी ने फांसी लगाई है तो लडके ने रोका क्यो नही,एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के सामने कैसे सुसाइड कर सकता है वह भी फांसी लगाकर सवाल बडा हैं।
परिजन को चुपी भी बड़े सवाल खड़े करती हैं
इस मामले में मृतक नैनसी राठौर के परिजनों की चुप्पी भी बड़े सवाल को खड़ा करती है,नैनसी के परिजनों का एक शब्द भी इस मामले में सामने नही आया है,कमरे में नैनसी ने फांसी कैसे लगाई,उसने अपने आप को किस चीज से हैंगिंग किया है,
इस मामले में तीन पक्ष हैं और तीनों की बातें अलग दिशा में जा रही हैं
अंकुश का दावा है कि नैनसी उस पर शादी का दबाव बना रही थी। जब उसने मना किया और कमरे से थोड़ी देर के लिए बाहर गया, तो नैनसी ने दुपट्टे से फांसी लगा ली,अंकुश के दावे पर कोई प्रश्न खडे हो रहे है कि अगर अंकुश की अनुपस्थिति में नैनसी ने फांसी लगाई तो,सबसे पहले अंकुश के पास इस सुसाइड की सूचना कैसे पहुंची ?,सबसे पहले कमरे में होटल का स्टाफ क्यों और कौन पहुंचा था ?,क्या कमरा अंदर से लॉक नहीं था ? स्टाफ के किस सदस्य ने नैनसी को कमरे में फांसी के फंदे पर लटकते देखा था ?,अगर अंकुश कमरे में वापस गया और उसने नैनसी को फांसी के फंदे पर लटकता देखा तो उसने सबसे पहले पुलिस को सूचना क्यो नही दी ? ,क्या अंकुश ने अकेले की नैनसी को फांसी के फंदे से स्वयं ने उतारा था ? सवाल बडे है और जबाब के लिख खडे है।
स्टाफ का कहना है कि कमरा बुक करने के बाद लड़का और लड़की अंदर ही थे, कोई बाहर नहीं गया। दो घंटे बाद लड़का अचानक लड़की को गोद में लेकर नीचे आया और कहा कि उसकी तबीयत खराब हो गई है। स्टाफ के मुताबिक, उन्हें कमरे में फांसी जैसा कोई दृश्य नहीं दिखा। इस बयान मे होटल प्रबंधन की सच्चाई झलकती है,क्योंकि होटल के किसी कमरे में फांसी जैसी घटना होती तो होटल प्रबंधन सबसे पहले पुलिस को सूचना देता है,लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ है।
पुलिस को सूचना एमएम हॉस्पिटल प्रबंधन ने दी
इस मामले में बताया जा रहा है कि जब नैनसी को अंकुश गंभीर अवस्था में एमएम हॉस्पिटल पहुंचा था,एमएफ हॉस्पिटल प्रबंधन को मामला संदिग्ध लगा इस कारण एमएफ हॉस्पिटल ने कोतवाली पुलिस को इस घटनाक्रम की सूचना दी थी।कमरे की अभी तक फोरेंसिक टीम नहीं पहुंची है,क्राइम सीन भी बाहर नहीं आया है,
अनसुलझे सवाल जो शक पैदा करते हैं,कमरे के पंखे की ऊंचाई इतनी है कि वहां तक बिना किसी सहारे के दुपट्टा बांधना छात्रा के लिए लगभग नामुमकिन था। क्या वहां कोई स्टूल या कुर्सी का इस्तेमाल हुआ ? होटल के गलियारे में लगे सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़े गवाह हो सकते हैं। क्या अंकुश सच में कमरे से बाहर गया था, जैसा वह दावा कर रहा है ? बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए और बयानों में इतना अंतर होने के बावजूद मुख्य संदेही को छोड़ देना परिजनों के मन में सवाल खड़े कर रहा है।
थाना प्रभारी नम्रता भदौरिया का कहना है कि मामला संदिग्ध है। अंकुश को पूछताछ के बाद फिलहाल छोड़ दिया गया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट और मृतिका के परिजनों के बयानों का इंतजार कर रही है। फिलहाल, कमरा नंबर 308 को सील कर दिया गया है। शिवपुरी पुलिस की जांच मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह मामला आत्महत्या का है या और कुछ,