नरवर, पसरा देवी के खजाने के लिए 40 फुट की खोदी सुरंग, दफीना चोरों का काम, पढिए खबर

Adhiraj Awasthi
Uploaded Image प्रंशात प्रजापति @ नरवर।  शिवपुरी जिले का नरवर नगर राजा नल की कहानी और अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के लिए देश में प्रसिद्ध है,लेकिन इसी बीच पुरातत्व महत्व के इस प्राचीन किले  में दफीना खोरों (खजाना खोजने वालों) का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजा नल के खजाने के लालच में इन असामाजिक तत्वों ने अब आस्था के केंद्र प्राचीन मां पसर देवी मंदिर को भी निशाना बना लिया है। किंवदंतियों के आधार पर खजाने तक पहुँचने के लिए मंदिर के पीछे रात के अंधेरे में एक लंबी सुरंग खोद दी गई।

इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा तब हुआ जब मंदिर पहुँचे श्रद्धालुओं ने संदिग्ध हलचल देखी। सूचना मिलने पर नरवर थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर खुदाई की सामग्री जब्त की और सुरंग को पत्थरों से बंद कराया है। हालांकि, किले के महलों के बाद अब सीधे मंदिर तक पहुँचे दफीनाखोरों की इस हिमाकत ने प्रशासन और पुरातत्व विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुरानी किंवदंतियों के अनुसार, यह माना जाता है कि राजा नल के खजाने के ऊपर देवी प्रतिमा विराजमान है, जिसके लालच में दफीना खोर लगातार अवैध खुदाई कर रहे हैं। इससे पूर्व किले के महलों और अन्य हिस्सों में कई बड़े-बड़े गड्ढे खोदे जा चुके हैं, लेकिन इस बार तो हद ही पार कर दी गई। बीते कुछ दिनों से दफीना चोरों द्वारा मंदिर के पीछे रात के अंधेरे में एक सुरंग बनाई जा रही थी, ताकि खजाने तक पहुंचा जा सके।

घटना का खुलासा तब हुआ जब कुछ श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर के पीछे जाने पर उन्हें संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। जब एक व्यक्ति सुरंग के अंदर गया तो यह सुरंग लगभग 40 फुट खोदी जा चुकी है। इस सुरंग के पास से सुरंग खोदने के उपकरण मिले है।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सुरंग निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री को जब्त कर लिया। साथ ही, सुरंग को पत्थरों से बंद करा दिया गया।

इस घटना के बाद पुरातत्व विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है।

स्थानीय लोगों की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि किले और मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ाई जाए तथा दफीना चोरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।