शिवपुरी। शिवपुरी में आज भारतीय किसान संघ ने शिवपुरी जिले के किसानों की मुददो को लेकर एक ज्ञापन मध्यपद्रश विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता को बाणगंगा ऑफिस में सौंपा है। ज्ञापन में किसानों के समस्यो के निराकरण की मांग की है। भारतीय किसान संघ का कहना था कि कृषि मौसम से पहले दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर बिजली के खंभों और लाइनों का तत्काल सर्वेक्षण, मरम्मत और बदलने की मांग की गई है।इसमें बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा अनौपचारिक रूप से एकत्र किए जाने वाले भुगतानों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है और अनुरोध किया गया है कि किसानों के साथ अनुचित व्यवहार को रोकने के लिए उन्हें उनके घर या स्थानीय क्षेत्रों में न भेजा जाए।
ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि मौजूदा विद्युत अवसंरचना की विफलताएं जिले में कृषि कार्यों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही हैं। ऐसे सभी कर्मचारियों को उनके गृह स्थानीय क्षेत्र से बाहर अन्य क्षेत्रों में कार्य हेतु तैनात किया जाए। पाइनेट वसूली पर सख्त रोक लगाते हुए दोषी कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही की जाए। उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए पारदर्शी एवं प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
किसानों के पंपों के लोड में अनावश्यक वृद्धि पर रोक
वर्तमान में बिना उचित भार (लोड) जांच के किसानों के पंपों का लोड बढ़ाया जा रहा है। कई मामलों में 10 एचपी के पंप, रिपेयरिंग के बाद जांच में 13-14 एचपी तक दर्शाए जाते हैं, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। बिना वैज्ञानिक एवं वास्तविक जांच के पंर्पो का लौड न बढ़ाया जाए। 10 एचपी के पंप की रिपेयरिंग के बाद अधिकतम 14 एचपी तक जांच होने पर भी अतिरिक्त भार वृद्धि न की जाए।
पूर्व निर्धारित लोड को यथावत बनाए रखा जाए।
सरकार द्वारा किसानों को 15 में बिजली कनेक्शन देने की योजना का उचित प्रचार-प्रसार एवं प्रोत्साहन नहीं दिया गया, जबकि विभाग द्वारा धारा 126/135 विद्युत अधिनियम के तहत बिना पूर्व सूचना हजारों प्रकरण दर्ज कर किसानों पर आर्थिक बोझ डाला गया, जबकि क्षेत्र के लाइनमैन एवं मीटर रीडर को सभी पंप कनेक्शनों की जानकारी होने के बावजूद किसानों को समय रहते जागरूक नहीं किया गया, परिणामस्वरूप किसानों को अचानक नोटिस मिलने पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, अतः विभाग द्वारा बनाए गए कुल प्रकरणों की जानकारी सार्वजनिक कर किसानों को राहत देने एवं योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कदम उठाए आएं।