शिवपुरी। खुशियों से भरा घर, शहनाइयों की गूंज… और फिर अचानक ऐसा मातम कि पूरा गांव सिसक उठा। सिरसौद थाना क्षेत्र के टोंगरा रोड पर हुए भीषण सड़क हादसे ने एक साथ चार जिंदगियां निगल लीं-दूल्हा, दुल्हन और परिवार के दो अन्य सदस्य। लेकिन इस दर्दनाक कहानी में सबसे बड़ा सवाल अब यह बन गया है कि जब पूरा गांव रो रहा था, चार चिताएं एक साथ जल रही थीं, तब दुल्हन का पिता अपनी ही बेटी और दामाद के अंतिम संस्कार में क्यों नहीं पहुंचा ?कहते हैं कि पिता की गोद से विदा होकर बेटी जब ससुराल जाती है, तो पिता की आंखें सबसे ज्यादा नम होती हैं। लेकिन शिवपुरी के सिरसौद क्षेत्र में हुए उस खौफनाक हादसे ने एक ऐसी सच्चाई सामने ला दी है, जिसे सुनकर पत्थर दिल भी रो पड़े। शनिवार को जिस घर से वीरेंद्र और राजेश्वरी की शादी की खुशियां गूंज रही थीं, रविवार को वहां एक साथ चार चिताएं जलीं। पूरा गांव सिसक रहा था, लेकिन एक शख्स ऐसा था जिसकी आंखों में न आंसू थे और न ही वह वहां मौजूद था-वो था बदकिस्मत दुल्हन का पिता।
गौरतलब है कि शनिवार को टोंगरा रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक खड़े ऑटो पर मुर्गी दाना से भरा ट्रक पलट गया था। हादसे में दूल्हा वीरेंद्र शाक्य उम्र 25 साल, दुल्हन राजेश्वरी शाक्य, दूल्हे की मां अन्वेश शाक्य उम्र 50 साल और भाभी राजो शाक्य उम्र 22 साल की मौके पर ही मौत हो गई थी।
विदाई के वो आखिरी शब्द, अब कभी वापस मत आना
हादसे के बाद दुल्हन राजेश्वरी की मां फूलवती ने जो खुलासे किए हैं, उन्होंने पुलिस और समाज दोनों को सन्न कर दिया है। मां का आरोप है कि उसका पति राजू शाक्य अपनी ही बेटी का दुश्मन बना बैठा था। विदाई के समय जहां पिता बेटी को सुखी रहने का आशीर्वाद देते हैं, वहीं इस पिता ने पत्थर दिल होकर कहा था, अब कभी इस घर वापस मत आना। मासूम राजेश्वरी रोते हुए विदा हुई, उसे क्या पता था कि पिता के ये शब्द उसकी जिंदगी के आखिरी शब्द बन जाएंगे।
शराब, नफरत और गंदी नजर का आरोप
दुल्हन की मां ने रोते हुए बताया कि उसका पति अपनी ही बेटी पर गलत नजर रखता था। इसी वजह से वह इस शादी के खिलाफ था। पिता के हंगामे और जान से मारने की धमकियों के चलते ही यह शादी धूमधाम से नहीं, बल्कि मंदिर में सादगी से करनी पड़ी। मां का दावा है कि पति ने पहले ही कह दिया था कि वह दामाद और बेटी को जिंदा नहीं छोड़ेगा।
हादसा या साज़िश, अंतिम संस्कार से गायब रहा पिता
हादसे के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे एक ट्रक ने खड़े ऑटो को रौंद दिया, जिसमें दूल्हा-दुल्हन समेत चार लोगों की मौत हो गई। लेकिन इस हृदय विदारक घटना के बाद दुल्हन के पिता का अंतिम संस्कार में न आना कई सवाल खड़े कर रहा है। वह घर से लापता है। आरोपी पिता पहले भी जेल जा चुका है और उस पर मारपीट के कई मामले दर्ज हैं। ससुराल की दहलीज पर दुल्हन पहली बार पहुंची, तो फूलों की वर्षा के साथ नहीं, बल्कि कफन में लिपटी हुई। पूरा राजगढ़ गांव इस मंजर को देखकर दहल उठा।