Shivpuri News, बजट के टोटे के कारण फंसी पीएम आवास योजना,जमीन बेचकर करेगी नपा निर्माण पूरा

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। केंद्र सरकार की सबसे महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री आवास योजना शिवपुरी में प्रशासनिक लापरवाही और बजट के अभाव के कारण दम तोड़ती नजर आ रही है। वर्ष 2017 में बड़े उत्साह के साथ शुरू किया गया यह प्रोजेक्ट 9 साल बीत जाने के बाद भी अपने मुकाम तक नहीं पहुंच पाया है। कुल प्रस्तावित 1030 आवासों में से अब तक केवल 610 ही पूर्ण हो सके हैं, जबकि 420 आवास आज भी फिनिशिंग और बजट के इंतजार में अधूरे पड़े हैं।

प्रधानमंत्री आवासों के प्रोजेक्ट की लागत करीब 90 करोड़ रुपए थी। इसमें से 30 करोड़ रुपए केन्द्र सरकार दे चुकी है। करीब 20 करोड़ 6 लाख रुपए हितग्राहियों से आने है और शेष राशि 40 करोड़ रुपए नगर पालिका को लगाना है। नगर पालिका को जो राशि लगाना है, उसमें राज्य सरकार का अनुदान है, बाकी कुछ राशि नगर पालिका को खुद अपने स्तर पर लगाना है। अब जो काम अधूरा पड़ा है, उसके पीछे बड़ा कारण केवल ठेकेदार को भुगतान न होना है। अधूरे पड़े 420 आवास कब पूरे होंगे, यह नगर पालिका की वित्तीय स्थिति पर निर्भर करता है। हालांकि नगर पालिका प्रशासन अपने स्तर पर पूरे प्रयास कर रहा है कि वह इन अधूरे आवासों को जल्द पूरा कर सके।

प्लॉट बेचकर जुटाएंगे फंड
नगर पालिका के पास इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कोई अलग से आरक्षित बजट नहीं है। ऐसे में नगर पालिका मेडिकल कॉलेज के पीछे स्थित अपनी बेशकीमती जमीन के प्लॉट काटकर बेच रही है। पूर्व में 52 प्लॉट बेचकर मिली राशि को निर्माण में लगाया गया था। अब शेष प्लॉटों के लिए नए सिरे से टेंडर लगाए जा रहे हैं।

अधिकारियों का पक्ष
नगर पालिका शिवपुरी के एई (AE) सचिन चौहान के अनुसार, बजट की कमी के कारण देरी हुई है। हम प्लॉट बेचकर राशि जुटा रहे हैं ताकि अधूरे आवासों को जल्द पूरा किया जा सके। यदि हितग्राही अपना अंशदान समय पर जमा कर दें, तो काम में और तेजी आएगी।