khaniyadhana में माफियाओं ने निगली सरकारी जमीन,आगनबॉडी पर कब्जा,पढ़िए क्यों

Adhiraj Awasthi

खनियाधाना। एक तरफ प्रदेश सरकार भू-माफियाओं के खिलाफ बुलडोजर नीति अपनाकर सरकारी जमीन मुक्त कराने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं खनियाधाना में जमीनी हकीकत इसके उलट है। यहाँ वन विभाग, राजस्व विभाग और मासूम बच्चों के आंगनबाड़ी केंद्रों तक को भू-माफियाओं ने अपनी जागीर समझकर निगल लिया है। जिम्मेदार अधिकारी दफ्तरों में बैठकर फाइलों का पेट भर रहे हैं, जबकि धरातल पर सरकारी रसूख की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

तीन प्रमुख विभागों पर कब्जा कांड
1.वन विभाग गोदाम: करोड़ों की वन संपदा को सुरक्षित रखने वाला गोदाम आज खुद असुरक्षित है। इसके आसपास की कीमती भूमि पर कंक्रीट का जाल बिछ चुका है।
2.राजस्व (RI) क्वार्टर: जहाँ से पूरे क्षेत्र के जमीनी विवाद सुलझाए जाते हैं, उस विभाग के कर्मचारियों के आवास ही अब अतिक्रमणकारियों के ठिकाने बन चुके हैं।
3.आंगनवाड़ी केंद्र: सबसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति उन केंद्रों की है जहाँ बच्चों का भविष्य गढ़ा जाता है। खेलने-कूदने की जगह को रसूखदारों ने अपनी बाउंड्री में कैद कर लिया है।

कानून की धाराएं फाइलों में कैद
मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 248 प्रशासन को यह अधिकार देती है कि वह अतिक्रमणकारियों को न केवल बेदखल करे बल्कि उन पर भारी जुर्माना भी लगाए। लेकिन खनियाधाना में रेंजर, तहसीलदार और परियोजना अधिकारी की 'चुप्पी' कई अनसुलझे सवाल खड़े कर रही है।

क्या इन कब्जों को स्थानीय रसूखदारों और अधिकारियों का मौन संरक्षण प्राप्त है जनता की उम्मीद अब 181 और कलेक्टर पर स्थानीय निवासियों का कहना है कि नोटिस की औपचारिकता तो कई बार हुई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ढाक के तीन पात ही रहे। अब देखना यह है कि शिवपुरी कलेक्टर और खनियाधाना SDM इस रिपोर्ट का संज्ञान लेकर कब 'पीला पंजा' चलाते हैं या फिर सरकारी संपत्तियां इसी तरह खुर्द-बुर्द होती रहेगी जानकारी के अनुसार पूर्व में तत्कालीन तहसीलदार कैलाश चंद्र मालवीय ने अपने कार्य समय में इन सभी को नोटिस भी जारी कर दिए गए थे।

लेकिन कार्यवाही करने से पहले उनका स्थानांतरण हो गया था जिनके बाद आज तक किसी भी अधिकारी का ध्यान इस ओर नहीं गया इस तरह ही शासकीय भूमियों पर लगातार भू माफियाओं द्वारा अवैध अतिक्रमण कर अधिग्रहण किया जा रहा है अब सवाल ये उठता है कि आखिर कब इन माफियाओं पर कार्यवाही की जाएगी और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा क्या राजनेतिक लोग या संबंधित अधिकारी ही शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करा रहे हैं।