नरेन्द्र जैन खनियांधाना। शिवपुरी जिले के खनियांधाना की सबसे बड़ी पंचायत बामौरकलां में शराब ठेकेदार की मनमानी का मामला सामने आया है जहां बामौरकलां में शराब की दुकान पर प्रिंट रेट से अधिक दामों पर शराब बेची जा रही हैं।
गांव-गांव में अवैध सप्लाई का जाल
स्थानीय क्षेत्र में आबकारी विभाग के नियमों को ताक पर रखकर शराब ठेकेदार हरी सिंह एवं सौरभ शिवहरे की मनमानी चरम पर है। बामौरकलां में हसर्रा चौराहा बामौरकलां-खनियांधाना रोड़ पर स्थित अंग्रेजी एवं देसी शराब की दुकान पर उपभोक्ताओं से खुलेआम लूट की जा रही है जबकि स्थानीय लोगों द्वारा आबकारी अधिकारी पिछोर लोकेश खोखर को कई बार शिकायत की गई पर आज तक भी शराब ठेकेदार पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की गई वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से शराब खपाने का गौरखधंधा भी जोरों पर है।
रेट लिस्ट बेअसर, मनमाने दामों पर वसूली
बताया जा रहा हैं कि शराब दुकान पर नियमानुसार रेट लिस्ट चस्पा की गई है, लेकिन यह केवल कागजी खानापूर्ति नजर आ रही है। ग्राहकों का आरोप है कि काउंटर पर बैठे सेल्समैन प्रिंट रेट से 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त वसूल रहे हैं। विरोध करने पर ग्राहकों के साथ अभद्र व्यवहार एवं गाली गलौज तक की जाती है और कहा जाता है कि जो भी दिखे बह कर लेना जहां शिकायत करना हो कर देना कोई हमारा कुछ नही बिगाड़ सकता क्योंकि सभी अधिकारियों को ठेकेदार द्वारा कमीशन दिया जाता है। शासन द्वारा तय कीमतों की अनदेखी कर ठेकेदार अपनी जेबें भरने में लगे हैं।
गांव-गांव फैला अवैध शराब का नेटवर्क
शिकायत के अनुसार, बामौरकलां के आबकारी ठेकेदार हरि सिंह शिवहरे एवं सौरभ शिवहरे के संरक्षण में शराब का अवैध परिवहन और विक्रय किया जा रहा है। आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा गांव-गांव और मजरा-मजरा में अवैध रूप से शराब की सप्लाई की जा रही है। मुख्य दुकान के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी किराना दुकानों और संदिग्ध ठिकानों पर अवैध पैकारी के माध्यम से शराब बेची जा रही है, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सब कुछ आबकारी विभाग और पुलिस विभाग की नाक के नीचे हो रहा है। ठेकेदारों द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से रिहायशी इलाकों और गांवों में शराब भिजवाना बिना विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं है। अवैध सप्लाई के कारण युवाओं और ग्रामीण तबके में नशे की लत बढ़ रही है, जिससे आए दिन विवाद की स्थितियां निर्मित होती हैं।
जनता की मांग
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि बामौरकलां शराब दुकान की जांच की जाए और अवैध रूप से गांवों में शराब सप्लाई करने वाले ठेकेदार पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए।
गांव-गांव में अवैध सप्लाई का जाल
स्थानीय क्षेत्र में आबकारी विभाग के नियमों को ताक पर रखकर शराब ठेकेदार हरी सिंह एवं सौरभ शिवहरे की मनमानी चरम पर है। बामौरकलां में हसर्रा चौराहा बामौरकलां-खनियांधाना रोड़ पर स्थित अंग्रेजी एवं देसी शराब की दुकान पर उपभोक्ताओं से खुलेआम लूट की जा रही है जबकि स्थानीय लोगों द्वारा आबकारी अधिकारी पिछोर लोकेश खोखर को कई बार शिकायत की गई पर आज तक भी शराब ठेकेदार पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की गई वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से शराब खपाने का गौरखधंधा भी जोरों पर है।
रेट लिस्ट बेअसर, मनमाने दामों पर वसूली
बताया जा रहा हैं कि शराब दुकान पर नियमानुसार रेट लिस्ट चस्पा की गई है, लेकिन यह केवल कागजी खानापूर्ति नजर आ रही है। ग्राहकों का आरोप है कि काउंटर पर बैठे सेल्समैन प्रिंट रेट से 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त वसूल रहे हैं। विरोध करने पर ग्राहकों के साथ अभद्र व्यवहार एवं गाली गलौज तक की जाती है और कहा जाता है कि जो भी दिखे बह कर लेना जहां शिकायत करना हो कर देना कोई हमारा कुछ नही बिगाड़ सकता क्योंकि सभी अधिकारियों को ठेकेदार द्वारा कमीशन दिया जाता है। शासन द्वारा तय कीमतों की अनदेखी कर ठेकेदार अपनी जेबें भरने में लगे हैं।
गांव-गांव फैला अवैध शराब का नेटवर्क
शिकायत के अनुसार, बामौरकलां के आबकारी ठेकेदार हरि सिंह शिवहरे एवं सौरभ शिवहरे के संरक्षण में शराब का अवैध परिवहन और विक्रय किया जा रहा है। आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा गांव-गांव और मजरा-मजरा में अवैध रूप से शराब की सप्लाई की जा रही है। मुख्य दुकान के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी किराना दुकानों और संदिग्ध ठिकानों पर अवैध पैकारी के माध्यम से शराब बेची जा रही है, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सब कुछ आबकारी विभाग और पुलिस विभाग की नाक के नीचे हो रहा है। ठेकेदारों द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से रिहायशी इलाकों और गांवों में शराब भिजवाना बिना विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं है। अवैध सप्लाई के कारण युवाओं और ग्रामीण तबके में नशे की लत बढ़ रही है, जिससे आए दिन विवाद की स्थितियां निर्मित होती हैं।
जनता की मांग
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि बामौरकलां शराब दुकान की जांच की जाए और अवैध रूप से गांवों में शराब सप्लाई करने वाले ठेकेदार पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए।