शिवपुरी। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला 50 वर्षीय फिरासत अली पिछले साल नवंबर में शिवपुरी आया था। उसने फोरलेन हाईवे पर स्थित सैंया होटल में एक कमरा किराए पर लिया और खुद को आचार और सब्जी का बड़ा व्यापारी बताया। स्थानीय किसानों और थोक विक्रेताओं का भरोसा जीतने के लिए उसने शुरुआत में नकद भुगतान किया। जब बाजार में उसकी साख बन गई, तो उसने किसानों से टमाटर, शिमला मिर्च, लहसुन और प्याज जैसी फसलें भारी मात्रा में उधार लेना शुरू कर दिया।
करोड़ों की चपत और 'चैक' का मायाजाल
जैसे-जैसे कारोबार बढ़ा, फिरासत अली ने भुगतान के बदले किसानों को बैंक के चैक थमाना शुरू कर दिए। देखते ही देखते उस पर कर्जा करोड़ों में पहुंच गया। जब भुगतान का दबाव बढ़ा, तो वह रातों-रात शिवपुरी से रफूचक्कर हो गया। पीड़ित किसानों और व्यापारियों ने जब बैंकों में चैक लगाए, तो वे बाउंस हो गए, जिसके बाद ठगी का अहसास हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
लाखों के लेन-देन का खुलासा, कई छोटे किसान बर्बाद
देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई के अनुसार, अब तक की जांच में करीब 40 लाख रुपये की ठगी के दस्तावेजी प्रमाण (चैक और लिखा-पढ़ी) सामने आ चुके हैं। हालांकि, पीड़ितों का दावा है कि ठगी की राशि इससे कहीं अधिक है। सब्जी व्यापारी सत्यम कुशवाह का दावा है कि उन पर फिरासत का 63 लाख रुपये बकाया है। पूरन सिंह राठौर के अनुसार उनकी 20 लाख रुपये की राशि फंसी हुई है।
सतीश कुशवाह ने 8 लाख 60 हजार रुपये की चपत लगने की बात कही है। हैरानी की बात यह है कि कई छोटे किसानों के पास तो कोई लिखित रिकॉर्ड भी नहीं है, जिससे उनकी मेहनत की कमाई डूबने का खतरा बढ़ गया है।
आपराधिक इतिहास: उरई में भी दर्ज हैं मामले
पुलिस जांच में सामने आया है कि फिरासत अली एक आदतन अपराधी है। शिवपुरी से पहले उसने उत्तर प्रदेश के उरई में भी इसी तरह व्यापारियों का विश्वास जीतकर ठगी की थी, जहां उसके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह एक शहर से दूसरे शहर जाकर अपनी पहचान बदलता है और किसानों को सॉफ्ट टारगेट बनाता है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की बड़ी सफलता
पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी गुपचुप तरीके से दोबारा शिवपुरी आया है। देहात थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी रिमांड (PR) मांगेगी ताकि ठगी गई राशि की बरामदगी और उसके अन्य साथियों के बारे में सुराग मिल सके।
करोड़ों की चपत और 'चैक' का मायाजाल
जैसे-जैसे कारोबार बढ़ा, फिरासत अली ने भुगतान के बदले किसानों को बैंक के चैक थमाना शुरू कर दिए। देखते ही देखते उस पर कर्जा करोड़ों में पहुंच गया। जब भुगतान का दबाव बढ़ा, तो वह रातों-रात शिवपुरी से रफूचक्कर हो गया। पीड़ित किसानों और व्यापारियों ने जब बैंकों में चैक लगाए, तो वे बाउंस हो गए, जिसके बाद ठगी का अहसास हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
लाखों के लेन-देन का खुलासा, कई छोटे किसान बर्बाद
देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई के अनुसार, अब तक की जांच में करीब 40 लाख रुपये की ठगी के दस्तावेजी प्रमाण (चैक और लिखा-पढ़ी) सामने आ चुके हैं। हालांकि, पीड़ितों का दावा है कि ठगी की राशि इससे कहीं अधिक है। सब्जी व्यापारी सत्यम कुशवाह का दावा है कि उन पर फिरासत का 63 लाख रुपये बकाया है। पूरन सिंह राठौर के अनुसार उनकी 20 लाख रुपये की राशि फंसी हुई है।
सतीश कुशवाह ने 8 लाख 60 हजार रुपये की चपत लगने की बात कही है। हैरानी की बात यह है कि कई छोटे किसानों के पास तो कोई लिखित रिकॉर्ड भी नहीं है, जिससे उनकी मेहनत की कमाई डूबने का खतरा बढ़ गया है।
आपराधिक इतिहास: उरई में भी दर्ज हैं मामले
पुलिस जांच में सामने आया है कि फिरासत अली एक आदतन अपराधी है। शिवपुरी से पहले उसने उत्तर प्रदेश के उरई में भी इसी तरह व्यापारियों का विश्वास जीतकर ठगी की थी, जहां उसके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह एक शहर से दूसरे शहर जाकर अपनी पहचान बदलता है और किसानों को सॉफ्ट टारगेट बनाता है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की बड़ी सफलता
पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी गुपचुप तरीके से दोबारा शिवपुरी आया है। देहात थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी रिमांड (PR) मांगेगी ताकि ठगी गई राशि की बरामदगी और उसके अन्य साथियों के बारे में सुराग मिल सके।