शिवपुरी। जिले के बदरवास विकासखण्ड में एक संदिग्ध फफूंद नाशक दवा के उपयोग से किसानों की फसलों को भारी नुकसान होने का मामला प्रकाश में आया है। खतौरा में स्थित अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र से खरीदी गई दवा "श्रीकर कलिंगा" के छिड़काव के बाद फसलों की स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही कृषि विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने न केवल संबंधित दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है, बल्कि किसानों को इस दवा का उपयोग न करने की सख्त सलाह भी जारी की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप संचालक कृषि द्वारा जिला स्तरीय जांच दल का गठन कर दिया गया है।
शिवपुरी जिले के बदरवास विकासखंड की सीमा में आने वाली अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र, प्रो. मनोज जैन, खतौरा से 18 जनवरी को क्रय किए गए फफूंदनाशक "श्रीकर कलिंगा" के उपयोग से किसानों की फसलों को नुकसान होने की सूचना प्राप्त हुई है,इस मामले में शिवपुरी की मीडिया ने लगातार खबरों का प्रकाशन भी किया था। खतौरा क्षेत्र के कई किसानों की हजारों बीघा फसल इस नकली दवा के कारण फसलें खेतों में मर गई थी। किसानों ने प्रशासन को आवेदन सौंप मुआवजे की मांग भी की थी।
सूचना प्राप्त होते ही वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड बदरवास के. कोली एवं क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण उपरांत संबंधित कृषि सेवा केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील (शील्ड) कर दिया गया है।
प्रथम दृष्टया संदिग्ध फफूंदनाशक को सील कर नमूना परीक्षण हेतु लिया गया है, जिसे प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जा रही है तथा फसलों का निरीक्षण कार्य सतत रूप से जारी है। फसल में वास्तविक क्षति की स्थिति निरीक्षण एवं परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात स्पष्ट होगी।किसानों को एतद् द्वारा सलाह दी जाती है कि वे "श्रीकर कलिंगा" फफूंदनाशक का उपयोग न करें।
उप संचालक कृषि द्वारा जिला स्तरीय जांच दल का गठन किया गया है, जो उक्त फफूंद नाशक का प्रयोग करने वाले कृषकों की फसलों का मौका निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा। जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आवश्यक अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
शिवपुरी जिले के बदरवास विकासखंड की सीमा में आने वाली अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र, प्रो. मनोज जैन, खतौरा से 18 जनवरी को क्रय किए गए फफूंदनाशक "श्रीकर कलिंगा" के उपयोग से किसानों की फसलों को नुकसान होने की सूचना प्राप्त हुई है,इस मामले में शिवपुरी की मीडिया ने लगातार खबरों का प्रकाशन भी किया था। खतौरा क्षेत्र के कई किसानों की हजारों बीघा फसल इस नकली दवा के कारण फसलें खेतों में मर गई थी। किसानों ने प्रशासन को आवेदन सौंप मुआवजे की मांग भी की थी।
सूचना प्राप्त होते ही वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड बदरवास के. कोली एवं क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण उपरांत संबंधित कृषि सेवा केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील (शील्ड) कर दिया गया है।
प्रथम दृष्टया संदिग्ध फफूंदनाशक को सील कर नमूना परीक्षण हेतु लिया गया है, जिसे प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जा रही है तथा फसलों का निरीक्षण कार्य सतत रूप से जारी है। फसल में वास्तविक क्षति की स्थिति निरीक्षण एवं परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात स्पष्ट होगी।किसानों को एतद् द्वारा सलाह दी जाती है कि वे "श्रीकर कलिंगा" फफूंदनाशक का उपयोग न करें।
उप संचालक कृषि द्वारा जिला स्तरीय जांच दल का गठन किया गया है, जो उक्त फफूंद नाशक का प्रयोग करने वाले कृषकों की फसलों का मौका निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा। जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आवश्यक अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।