शिवपुरी। आज बसंत पंचमी है और ऋतुओं के गणित से आज से शीतलहर का असर कम होने लगता है और सूर्यदेव की धूप मे तपन तेज होने लगती हैं,लेकिन आज हुआ इसके बिल्कुल उलट आज सूर्यदेव हॉलिडे पर रहे और दिन भर बादलों से उदय नहीं हुए है,और दिन भर ठंडी हवाए चलती रही हैं।
मौसम में बदलाव का मुख्य कारण एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का सक्रिय होना और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी है, जिसके प्रभाव से बादलों की आवाजाही बढ़ी है। इस सिस्टम के कारण बारिश (मावठा) और तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी है, जिससे ठंड के मिजाज में परिवर्तन हुआ है।
पाकिस्तान के ऊपर एक सक्रिय मौसम प्रणाली ने 21-22 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू कर दिया, जो 23 जनवरी तक मध्य प्रदेश तक पहुँच गया। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण बादलों का डेरा जम गया है।
मौसम का प्रभाव: 23-24 जनवरी को ग्वालियर-चंबल संभाग (जिसमें शिवपुरी शामिल है) में हल्की बारिश या बूंदाबांदी (मावठा) की संभावना है। बादलों के कारण दिन के तापमान में हल्की राहत मिल सकती है, लेकिन बारिश के बाद ठंड का एक नया दौर शुरू हो सकता है।
मौसम में बदलाव का मुख्य कारण एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का सक्रिय होना और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी है, जिसके प्रभाव से बादलों की आवाजाही बढ़ी है। इस सिस्टम के कारण बारिश (मावठा) और तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी है, जिससे ठंड के मिजाज में परिवर्तन हुआ है।
पाकिस्तान के ऊपर एक सक्रिय मौसम प्रणाली ने 21-22 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू कर दिया, जो 23 जनवरी तक मध्य प्रदेश तक पहुँच गया। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण बादलों का डेरा जम गया है।
मौसम का प्रभाव: 23-24 जनवरी को ग्वालियर-चंबल संभाग (जिसमें शिवपुरी शामिल है) में हल्की बारिश या बूंदाबांदी (मावठा) की संभावना है। बादलों के कारण दिन के तापमान में हल्की राहत मिल सकती है, लेकिन बारिश के बाद ठंड का एक नया दौर शुरू हो सकता है।