Shivpuri News: गोलाकोट तीर्थ में रचा गया इतिहास, पंचकल्याणक के पात्रों का हुआ ऐतिहासिक चयन

Bhopal Samachar

खनियांधाना। जिला शिवपुरी के विश्व विख्यात जैन अतिशय क्षेत्र तीर्थोदय गोलाकोट में उस समय इतिहास रच दिया गया, जब आगामी पंचकल्याणक महोत्सव के महापात्रों का चयन अत्यंत भव्य, गरिमामय और श्रद्धा से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यह ऐतिहासिक आयोजन जगत पूज्य मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ, जिसने सम्पूर्ण तीर्थ क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया।

आस्था, त्याग और समर्पण का महासंगम
महापात्र चयन के दौरान सौधर्म इंद्र पद के लिए हुई बोली में अब तक के पंचकल्याणक इतिहास की सर्वाधिक कलशों में प्राप्त हुई। यह क्षण केवल एक बोली भर नहीं था, बल्कि जैन समाज की गहरी आस्था, त्याग भावना और जिनशासन के प्रति समर्पण का सशक्त प्रमाण बन गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे गोलाकोट तीर्थ के इतिहास का स्वर्णिम दिन बताया।

शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ चयन
महापात्र चयन की प्रक्रिया पूर्णतः शांतिपूर्ण, अनुशासित और धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप सम्पन्न हुई। देश-प्रदेश से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति में चयन की प्रत्येक प्रक्रिया सम्पन्न की गई। आयोजन स्थल पर भक्ति, अनुशासन और धर्मभाव की विशेष झलक देखने को मिली।

महोत्सव के अंतर्गत माता–पिता पात्र के रूप में ऋषभ जैन (बामौरकलां), सौधर्म इंद्र व महायज्ञ नायक के रूप में गुप्त परिवार, भरत चक्रवर्ती के रूप में श्रीमती किरण विमलेश जैन (चमरौआ) तथा बाहुबली पात्र के रूप में रमेश चंद, चेतन कुमार एवं दीपक कुमार (मुहारी वाले) का चयन किया गया।
इसी क्रम में राजा श्रेयांश के रूप में अशोक पाटनी (आर मार्बल परिवार), ईशान इंद्र के रूप में चक्रेश जैन (डॉक्टर साहब, बामौरकलां), सानत इंद्र के रूप में अभय जैन (खिरकिट वाले), महेंद्र इंद्र के रूप में ज्ञानचंद, सुरेन्द्र एवं सुधीर जैन (बामौरकलां) तथा ब्रह्मोत्तर इंद्र के रूप में अशोक कुमार सौरभ जैन (मुहारी वाले) का चयन किया गया।

पंचकल्याणक:आत्मशुद्धि और जिनशासन प्रभावना का महोत्सव
पंचकल्याणक महोत्सव जैन धर्म का अत्यंत दुर्लभ और महत्त्वपूर्ण आयोजन माना जाता है, जिसमें तीर्थंकर भगवान के जीवन से जुड़े पांच कल्याणकों का विधिवत अनुष्ठान किया जाता है। यह महोत्सव आत्मशुद्धि, त्याग, तप और प्रभु-भक्ति का प्रतीक है।

गोलाकोट बन रहा जैन समाज की आस्था का केंद्र
आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में पंचकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत विविध धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देश-प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इस आयोजन के माध्यम से तीर्थोदय गोलाकोट जैन समाज की आस्था के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरकर सामने आ रहा है।