कोलारस। शिवपुरी समाचार सेवा जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र के ग्राम अकाझिरी में पुरानी रंजिश के चलते एक राय होकर आए दबंगों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ न केवल बेरहमी से मारपीट की, बल्कि गहने भी छीन लिए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि रन्नौद पुलिस ने प्रभाव के चलते उनकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उन्हें थाने से भगा दिया, जिसके बाद अब न्याय के लिए एसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया गया है।
ऑपरेशन वाली महिला के पेट में मारी लात, हालत गंभीर
शिकायतकर्ता सरस्वती लोधी ने बताया कि वह मकर संक्रांति पर अपने मायके अकाझिरी आई हुई थी। 15 जनवरी की सुबह जब घर के पुरुष खेत पर थे, तभी गांव के ही मुन्ना लोधी, देवेन्द्र, पवन, धर्म, लोकेन्द्र, कप्तान और अन्य लोग हथियारों के साथ घर में घुस आए। आरोपियों ने सरस्वती के साथ मारपीट की और उसके पेट में लात मार दी। गंभीर बात यह है कि सरस्वती का हाल ही में पेट का ऑपरेशन हुआ था, लात लगने के कारण उसकी स्थिति बिगड़ गई और रक्तस्राव (ब्लडिंग) शुरू हो गया।
महिलाओं के साथ अभद्रता और लूट का आरोप
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने उसकी मां पार्वती लोधी, भाभी शिलोचना और बहन लक्ष्मी के साथ भी लात-घूसों से मारपीट की। आरोपी रबीना और कल्लो ने लक्ष्मी के बाल पकड़कर उसे घसीटा और उसके कान के सोने के बाले छीन लिए। जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी कि यदि पुलिस में रिपोर्ट की तो जान से खत्म कर देंगे।
पुलिस पर गंभीर आरोप: रिपोर्ट लिखने के बजाय भगाया
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब वे घायल अवस्था में रन्नौद थाने पहुंचे, तो पुलिस ने आरोपियों के राजनीतिक रसूख और धनबल के आगे झुकते हुए उनकी फरियाद नहीं सुनी। उल्टा उन्हें थाने से भगा दिया गया। प्रार्थी का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों के साथ सांठगांठ कर पीड़िता के भाइयों पर ही झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया है।
न्याय की गुहार
सरस्वती लोधी ने अब पुलिस अधीक्षक (SP) शिवपुरी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी उक्त आरोपीगण और प्रशासन की होगी।
ऑपरेशन वाली महिला के पेट में मारी लात, हालत गंभीर
शिकायतकर्ता सरस्वती लोधी ने बताया कि वह मकर संक्रांति पर अपने मायके अकाझिरी आई हुई थी। 15 जनवरी की सुबह जब घर के पुरुष खेत पर थे, तभी गांव के ही मुन्ना लोधी, देवेन्द्र, पवन, धर्म, लोकेन्द्र, कप्तान और अन्य लोग हथियारों के साथ घर में घुस आए। आरोपियों ने सरस्वती के साथ मारपीट की और उसके पेट में लात मार दी। गंभीर बात यह है कि सरस्वती का हाल ही में पेट का ऑपरेशन हुआ था, लात लगने के कारण उसकी स्थिति बिगड़ गई और रक्तस्राव (ब्लडिंग) शुरू हो गया।
महिलाओं के साथ अभद्रता और लूट का आरोप
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने उसकी मां पार्वती लोधी, भाभी शिलोचना और बहन लक्ष्मी के साथ भी लात-घूसों से मारपीट की। आरोपी रबीना और कल्लो ने लक्ष्मी के बाल पकड़कर उसे घसीटा और उसके कान के सोने के बाले छीन लिए। जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी कि यदि पुलिस में रिपोर्ट की तो जान से खत्म कर देंगे।
पुलिस पर गंभीर आरोप: रिपोर्ट लिखने के बजाय भगाया
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब वे घायल अवस्था में रन्नौद थाने पहुंचे, तो पुलिस ने आरोपियों के राजनीतिक रसूख और धनबल के आगे झुकते हुए उनकी फरियाद नहीं सुनी। उल्टा उन्हें थाने से भगा दिया गया। प्रार्थी का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों के साथ सांठगांठ कर पीड़िता के भाइयों पर ही झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया है।
न्याय की गुहार
सरस्वती लोधी ने अब पुलिस अधीक्षक (SP) शिवपुरी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी उक्त आरोपीगण और प्रशासन की होगी।