शिवपुरी। शिवपुरी शहर के मेडिकल कॉलेज के पीछे स्थित नगर पालिका शिवपुरी के द्वारा बनाई गई पी एम आवास कॉलोनी में सरकारी दावों की पोल उस समय खुल गई जब ठेकेदार ने इस कॉलोनी बिजली कट कर दी। पूरी कॉलोनी अंधेरे के साए में पहुंच गई। इस कॉलोनी में पिछले 8 दिन से पानी भी हड़ताल पर था। बिजली पानी दोनो की सप्लाई काट देने के कारण कॉलोनी वासी फट पड़े ओर पैदल पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट जा पहुंचे।
उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा और सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिकायत दर्ज कराई।
कलेक्ट्रेट में महिलाओं ने डिप्टी कलेक्टर शिवदयाल धाकड़ को अपनी समस्या बताई। उन्होंने कहा कि ठेकेदार ने आठ दिनों से पानी की सप्लाई बंद कर रखी है, जिससे लोग दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। शुक्रवार को ठेकेदार ने बिजली कनेक्शन भी कटवा दिया, जिससे पूरी कॉलोनी अंधेरे में डूब गई। रहवासियों ने तत्काल पानी और बिजली बहाल करने की मांग की।
रहवासियों के अनुसार, ठेकेदार ने बताया है कि नगर पालिका ने उसके करीब 14 करोड़ रुपए का भुगतान रोक रखा है। इसी वजह से उसे पानी और बिजली की आपूर्ति बंद करनी पड़ी है। मामले पर नगर पालिका के सीएमओ ईशांत धाकड़ ने बताया कि ठेकेदार के लगभग 5 करोड़ रुपए निर्माण कार्य के और 9 करोड़ रुपए विकास कार्य के बकाया हैं। हालांकि, विकास कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है।
सीएमओ धाकड़ ने यह भी बताया कि कॉलोनी के लिए एचटी कनेक्शन लिया गया है, जिसका बिल नगर पालिका ठेकेदार के भुगतान से काटती है। कॉलोनी के लगभग 450 परिवारों ने अपने घरों में सब-मीटर नहीं लगवाए हैं, जिससे बिजली बिल की वसूली नहीं हो पा रही थी। एमपीईबी का तीन महीने का 18 से 20 लाख रुपए का बिल बकाया होने के कारण बिजली काट दी गई है।
जल्दबाजी में बसाए गए परिवार
दरअसल, पीएम आवास कॉलोनी को अभी तक निर्माण एजेंसी ने नगर पालिका को हैंडओवर नहीं किया है। इसके बावजूद नगर पालिका ने करीब एक साल पहले लगभग 300 परिवारों को यहां बसा दिया, यह आश्वासन देकर कि बिजली, पानी और साफ-सफाई की सभी सुविधाएं मिलेंगी। नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा और सीएमओ इशांक धाकड़ के भरोसे परिवार यहां रहने आए थे और शुरुआत में निर्माण एजेंसी के जरिए पानी-बिजली की व्यवस्था भी की गई।
रात में बहाल होगी बिजली
नगर पालिका सीएमओ ईशांत धाकड़ का कहना है कि प्रदर्शन के बाद कॉलोनीवासी सब-मीटर लगवाने के लिए सहमत हो गए हैं, ताकि बिजली बिल की वसूली हो सके। इसके बाद शुक्रवार रात से बिजली सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। वहीं पानी की नियमित आपूर्ति को लेकर भी जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया है।
उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा और सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिकायत दर्ज कराई।
कलेक्ट्रेट में महिलाओं ने डिप्टी कलेक्टर शिवदयाल धाकड़ को अपनी समस्या बताई। उन्होंने कहा कि ठेकेदार ने आठ दिनों से पानी की सप्लाई बंद कर रखी है, जिससे लोग दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। शुक्रवार को ठेकेदार ने बिजली कनेक्शन भी कटवा दिया, जिससे पूरी कॉलोनी अंधेरे में डूब गई। रहवासियों ने तत्काल पानी और बिजली बहाल करने की मांग की।
रहवासियों के अनुसार, ठेकेदार ने बताया है कि नगर पालिका ने उसके करीब 14 करोड़ रुपए का भुगतान रोक रखा है। इसी वजह से उसे पानी और बिजली की आपूर्ति बंद करनी पड़ी है। मामले पर नगर पालिका के सीएमओ ईशांत धाकड़ ने बताया कि ठेकेदार के लगभग 5 करोड़ रुपए निर्माण कार्य के और 9 करोड़ रुपए विकास कार्य के बकाया हैं। हालांकि, विकास कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है।
सीएमओ धाकड़ ने यह भी बताया कि कॉलोनी के लिए एचटी कनेक्शन लिया गया है, जिसका बिल नगर पालिका ठेकेदार के भुगतान से काटती है। कॉलोनी के लगभग 450 परिवारों ने अपने घरों में सब-मीटर नहीं लगवाए हैं, जिससे बिजली बिल की वसूली नहीं हो पा रही थी। एमपीईबी का तीन महीने का 18 से 20 लाख रुपए का बिल बकाया होने के कारण बिजली काट दी गई है।
जल्दबाजी में बसाए गए परिवार
दरअसल, पीएम आवास कॉलोनी को अभी तक निर्माण एजेंसी ने नगर पालिका को हैंडओवर नहीं किया है। इसके बावजूद नगर पालिका ने करीब एक साल पहले लगभग 300 परिवारों को यहां बसा दिया, यह आश्वासन देकर कि बिजली, पानी और साफ-सफाई की सभी सुविधाएं मिलेंगी। नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा और सीएमओ इशांक धाकड़ के भरोसे परिवार यहां रहने आए थे और शुरुआत में निर्माण एजेंसी के जरिए पानी-बिजली की व्यवस्था भी की गई।
रात में बहाल होगी बिजली
नगर पालिका सीएमओ ईशांत धाकड़ का कहना है कि प्रदर्शन के बाद कॉलोनीवासी सब-मीटर लगवाने के लिए सहमत हो गए हैं, ताकि बिजली बिल की वसूली हो सके। इसके बाद शुक्रवार रात से बिजली सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। वहीं पानी की नियमित आपूर्ति को लेकर भी जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया है।