Shivpuri News: एडवोकेट की शातिर पत्नी का फर्जी दस्तावेजों का खेल, नकली मैरिज सर्टिफिकेट बनवाया

Bhopal Samachar

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाना सीमा के बांरा गांव निवासी एडवोकेट प्रदीप सिंह भाटी ने अपनी पत्नी रानी गुर्जर के खिलाफ कूट रचित दस्तावेज तैयार करने का मामला ग्वालियर जिले के विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने मामला दर्ज कराया है।

बताया जा रहा है कि आरोपी रानी गुर्जर ने साल 2024 में वकील पति के नाम से फर्जी तरीके से दो स्टाम्प निकलवाए। इसके बाद जनपद पंचायत (बरई), घाटीगांव में मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया। इतना ही नहीं, आवेदन में पति की ओर से फर्जी हस्ताक्षर किए गए और उसके अंगूठे का निशान भी कूटरचित तरीके से लगाया गया। हालांकि, 'वर' की आयु का प्रमाण न होने के कारण आवेदन निरस्त हो गया।

घटना का पता चलते ही वकील ने मामले की शिकायत की। महिला ने आरोपों को बेबुनियाद बताया, लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ कि स्टाम्प उसी ने खरीदे थे और घटना के समय वकील की लोकेशन शिवपुरी में होना पाई गई। इसके बाद विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ कूट रचना कर मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के प्रयास और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।


यह था मामला
शिवपुरी के सुभाषपुरा स्थित बारा गांव निवासी प्रदीप सिंह भाटी, पुत्र छत्रपाल सिंह, पेशे से वकील हैं। प्रदीप की शादी 18 फरवरी 2018 को ग्वालियर के घाटीगांव निवासी रानी गुर्जर के साथ हुई थी। वर्ष 2021–22 में दोनों के बीच काफी मनमुटाव हो गया। दोनों ने एक-दूसरे पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। इसके बाद प्रदीप ने 31 अक्टूबर 2022 को तलाक के लिए कोर्ट में याचिका दायर की।

इसके बाद दोनों की काउंसलिंग कराई गई, लेकिन बात नहीं बन सकी। 25 नवंबर 2023 को रानी ने पति का घर त्याग दिया। इसके बाद रानी की ओर से पति के भाई, पिता और मां पर छेड़छाड़, मारपीट व प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया गया। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी शिवपुरी में कई आवेदन दिए गए। कई बार दोनों पक्ष आमने-सामने भी आए। महिला रानी गुर्जर ने भरण-पोषण का मामला भी दायर किया है।

पति के पुराने आधार कार्ड से तैयार किए कूटरचित दस्तावेज
भरण-पोषण के मामले में मैरिज सर्टिफिकेट की आवश्यकता थी। इसके बाद वकील पति पर दबाव बनाने के लिए रानी ने मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए कूट रचना की। उसने पति के नाम से 28 मार्च 2024 को स्टाम्प नंबर BN-212761 और BN-212762 क्रय किए। इसके बाद 13 मई 2024 को जनपद पंचायत घाटीगांव (बरई) में मैरिज सर्टिफिकेट (विवाह पंजीयन) के लिए आवेदन किया।

आवेदन में वर (प्रदीप भाटी) की ओर से कूटरचित शपथ-पत्र बनवाया गया, जिस पर तीन स्थानों पर प्रदीप के फर्जी हस्ताक्षर रानी ने किए। पति के अंगूठे का निशान भी फर्जी रूप से लगाया गया। स्टाम्प वेंडर और नोटरी करने वालों से सांठगांठ कर एक ही दिन में आवेदन किया गया। इसके लिए उसने पति का एक अनुपयोगी (अनयूज) आधार कार्ड उपयोग किया, जिसे वह घर छोड़ते समय अपने साथ ले गई थी।

हालांकि, आवेदन में वर की आयु का प्रमाण-पत्र न होने के कारण आवेदन निरस्त हो गया। मामले का पता चलते ही प्रदीप ने ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने प्रदीप की पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

एएसपी देहात जयराज कुबेर ने बताया-
एक महिला ने अपने पति से चल रहे तलाक और भरण पोषण के मामले में मैरिज सर्टिफिकेट लगाने के लिए कूटरचना कर स्टाम्प खरीदा, पति के नाम के आगे फेक हस्ताक्षर किए थे। जिसकी शिकायत महिला के पति द्वारा की गई थी। दोनों का मामला कोर्ट में पेंडिंग है। कूट रचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।