शिवपुरी। मध्य प्रदेश सरकार ने 108 एम्बुलेंस अथवा जननी एक्सप्रेस एम्बूलेंस इसलिए शुरू की थी कि समय पर मरीजों का उपचार मिल सके। प्रतिदिन जननी योजना को बदनाम करने वाली खबर आती है। अभी बदरवास के जननी का मामला शांत नहीं हुआ था उससे पहले कोलारस की एक एंबुलेंस सोशल पर वायरल हो रही है।
शिवपुरी जिले में वर्तमान मे जितनी भी 108 एम्बुलेंस चल रही है वह अनफिट है,स्वयं बीमार है और जान से जूझ रहे मरीजा की जान को खतरे में डाल रही है। इन अनफिट इन अनफिट एम्बुलेंस में मरीजों, गर्भवती महिलाओं, घायलों को रेफर किया जा रहा है, जो उनके लिए खतरनाक है, परंतु सड़क पर तेज रफ्तार में फर्राटे भर रहीं इन एम्बूलेंस की ओर न तो यातायात पुलिस ने कभी कोई ध्यान दिया है और न ही यातायात महकमे द्वारा।
इसका लाभ यह एम्बुलेंस संचालक उठा रहे हैं और मरीजों सहित जच्चा-बच्चा की जान जोखिम में डाल रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार की देर शाम कोलारस से एक अनफिट एम्बुलेंस नवजात बच्चे सहित उसकी प्रसूता मां को शिवपुरी रेफर किया गया।
कोलारस निवासी लाली पत्नी संदीप यादव ने सोमवार की शाम करीब 4 बजे कोलारस अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया। उसके नवजात बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने के चलते जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिस एंबुलेंस में उन्हें रेफर किया गया, उसका पीछे का गेट पूरी तरह से टूटा हुआ था। एम्बुलेंस में से अजीब तरह की आवाजें आ रही थीं और गेट टूटा होने के कारण जच्चा-बच्चा को ठंडी हवा लग रही थी।
जब स्वजनों ने इस पर विरोध दर्ज कराया तो गेट में प्लास्टिक के कट्टे, गत्ते आदि लगाकर हवा को अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया गया, परंतु यह प्रयास विफल रहे। यहां बताना होगा कि इससे पूर्व कई बार जननी एक्सप्रेस की एंबुलेंस में आग लगने, एक्सीडेंट जैसी तमाम घटनाएं सामने आ चुकी हैं, परंतु इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शिवपुरी जिले में वर्तमान मे जितनी भी 108 एम्बुलेंस चल रही है वह अनफिट है,स्वयं बीमार है और जान से जूझ रहे मरीजा की जान को खतरे में डाल रही है। इन अनफिट इन अनफिट एम्बुलेंस में मरीजों, गर्भवती महिलाओं, घायलों को रेफर किया जा रहा है, जो उनके लिए खतरनाक है, परंतु सड़क पर तेज रफ्तार में फर्राटे भर रहीं इन एम्बूलेंस की ओर न तो यातायात पुलिस ने कभी कोई ध्यान दिया है और न ही यातायात महकमे द्वारा।
इसका लाभ यह एम्बुलेंस संचालक उठा रहे हैं और मरीजों सहित जच्चा-बच्चा की जान जोखिम में डाल रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार की देर शाम कोलारस से एक अनफिट एम्बुलेंस नवजात बच्चे सहित उसकी प्रसूता मां को शिवपुरी रेफर किया गया।
कोलारस निवासी लाली पत्नी संदीप यादव ने सोमवार की शाम करीब 4 बजे कोलारस अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया। उसके नवजात बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने के चलते जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिस एंबुलेंस में उन्हें रेफर किया गया, उसका पीछे का गेट पूरी तरह से टूटा हुआ था। एम्बुलेंस में से अजीब तरह की आवाजें आ रही थीं और गेट टूटा होने के कारण जच्चा-बच्चा को ठंडी हवा लग रही थी।
जब स्वजनों ने इस पर विरोध दर्ज कराया तो गेट में प्लास्टिक के कट्टे, गत्ते आदि लगाकर हवा को अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया गया, परंतु यह प्रयास विफल रहे। यहां बताना होगा कि इससे पूर्व कई बार जननी एक्सप्रेस की एंबुलेंस में आग लगने, एक्सीडेंट जैसी तमाम घटनाएं सामने आ चुकी हैं, परंतु इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।