शिवपुरी: EX बीएमओ की वाइफ श्वेता शर्मा ने व्यापारी को फसाया, लगाया 39 लाख का चूना, FIR

Bhopal Samachar

करैरा। जमीन जायदाद के सौदों में जरा सी लापरवाही कैसे जिंदगी भर की कमाई पर भारी पड़ सकती है, इसका एक सनसनीखेज मामला करैरा में सामने आया है। यहाँ एक सराफा व्यापारी को कूट रचित (फर्जी) दस्तावेजों के जाल में फंसाकर विक्रय से वर्जित (प्रतिबंधित) जमीन बेच दी गई और उनसे करीब 39 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।

इस हाई-प्रोफाइल जालसाजी में पूर्व बीएमओ की पत्नी श्वेता शर्मा मुख्य आरोपी बनकर उभरी हैं। जब नामांतरण के दौरान हकीकत की परतें खुली, तो व्यापारी के पैरों तले जमीन खिसक गई। फिलहाल, करैरा पुलिस ने बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच की कमान संभाल ली है।

उमेश गुप्ता (48), पुत्र चतुर्भुज गुप्ता निवासी दिनारा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 13 फरवरी 2025 को उन्होंने करैरा निवासी श्वेता शर्मा (46), पत्नी प्रदीप शर्मा से ग्राम जरगवां अब्बल स्थित सर्वे नंबर 101/1/2/3 की 0.60 हेक्टेयर और सर्वे नंबर 101/1/2/5 की 0.20 हेक्टेयर, कुल 0.80 हेक्टेयर जमीन 38 लाख 91 हजार 260 रुपये में खरीदी। रजिस्ट्री कराने के बाद उमेश गुप्ता ने करैरा तहसील में नामांतरण के लिए आवेदन किया। लेकिन 26 सितंबर 2025 की खसरा नकल में जमीन पर श्वेता शर्मा का ही नाम दर्ज था।

तहसील से पुष्टि करने पर पता चला कि श्वेता शर्मा ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कर विक्रय से वर्जित जमीन बेच दी थी। इस मामले में पुलिस ने श्वेता शर्मा, पत्नी प्रदीप शर्मा के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4), 336(3), 340(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। बताया गया है कि जमीन का भुगतान उमेश गुप्ता ने सीधे श्वेता शर्मा को बैंक खाते के माध्यम से किया था।

इस मामले की विवेचना करैरा थाना द्वारा की जा रही है और जांच में कागजी दस्तावेजों की सटीकता, भुगतान के प्रमाण और रजिस्ट्री प्रक्रिया की जांच की जा रही है। इस घटना ने संपत्ति लेनदेन में सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। करैरा पुलिस का कहना है कि मामले के आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार करने और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए टीम गठित की गई है।