शिवपुरी। शिवपुरी जिले के मौसम ने अचानक करवट ली है। शुक्रवार से जिले में ठंड बढ़ने का फरमान सूर्यदेव ने जारी कर दिया था क्योंकि वह शुक्रवार को उदय नहीं हुए। पाकिस्तान में एक्टिव हुए सिस्टम ने मप्र में प्रवेश कर लिया कुल मिलाकर विदेशी बादल शिवपुरी के आसमान में छाए हुए है। शुक्रवार की शाम से ठंडी हवाए चलना शुरू हो गई थी। आज शनिवार को सुबह घना कोहरा छाया हुआ था और तेज शीतलहर वातावरण में ठंडक घोल रही थी। इस मौसम परिवर्तन के कारण आज बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी का सामना करना पडा।
शुक्रवार को यहां आसमान में बादल थे,अधिकतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया था वही न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक पहुंचा था,लेकिन शनिवार को सुबह कोहरा और 6 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवाओं ने पारे को लुढकने पर मजबूर कर दिया आज शनिवार का अधिकतम तापमान 20 डिग्री रहा,वही न्यूनतम तापमान 7 डिग्री पहुंचने का अनुमान है। आज दिन भर धूप नहीं निकली, इस कारण लोग दिन भी ठिठुरन महसूस करते रहे। ठंड के कारण बाजार की रफ्तार धीमी रही हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान अभी फिलहाल 2 से 3 दिन तक मौसम इसी स्थिति में रहेगा,हल्की बारिश की संभावना बताई जा रही है। यह बारिश फसल के लिए वरदान साबित होगी। किसान अब आसमान की ओर मावठ की उम्मीद में देख रहे हैं, क्योंकि यह बारिश चने और गेहूं की फसल में दाना भरने में मदद करेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय एक निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़ी ट्रफ के कारण यह मौसमी बदलाव आया है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत को एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना जताई जा रही है।
शुक्रवार को यहां आसमान में बादल थे,अधिकतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया था वही न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक पहुंचा था,लेकिन शनिवार को सुबह कोहरा और 6 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवाओं ने पारे को लुढकने पर मजबूर कर दिया आज शनिवार का अधिकतम तापमान 20 डिग्री रहा,वही न्यूनतम तापमान 7 डिग्री पहुंचने का अनुमान है। आज दिन भर धूप नहीं निकली, इस कारण लोग दिन भी ठिठुरन महसूस करते रहे। ठंड के कारण बाजार की रफ्तार धीमी रही हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान अभी फिलहाल 2 से 3 दिन तक मौसम इसी स्थिति में रहेगा,हल्की बारिश की संभावना बताई जा रही है। यह बारिश फसल के लिए वरदान साबित होगी। किसान अब आसमान की ओर मावठ की उम्मीद में देख रहे हैं, क्योंकि यह बारिश चने और गेहूं की फसल में दाना भरने में मदद करेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय एक निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़ी ट्रफ के कारण यह मौसमी बदलाव आया है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत को एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना जताई जा रही है।