निशांत प्रजापति @ नरवर। शिवपुरी जिले में विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस में एक धडा अब कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष मोहित अग्रवाल की विपक्ष में खडा हो गया।। करैरा में विरोध के बाद अब नरवर के एक किक्रेट के मैदान पर कांग्रेस में आपस ही मैच हो गया और विरोध के छक्के लगने लगे,इसका परिणाम यह हुआ कि कांग्रेस के 20 कार्यकर्ता पुलिस थाने की बाउंड्री के अंदर पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल का शनिवार को नरवर में एक क्रिकेट टूर्नामेंट में शामिल होने का कार्यक्रम था। मोहित अग्रवाल की नरवर आने की सूचना पर विरोधी धडा सक्रिय हो गया,वही एक धडा स्वागत की तैयारी करने में लगा था। बताया जा रहा है कि नरवर में पार वाली माता मंदिर के पास शिवपुरी कांग्रेस जिला अध्यक्ष की विरोधी टीम अपने काले झंडे और पुतला दहन की तैयारी कर रहे थे। इस बात की सूचना नरवर पुलिस को लग गई और अनहोनी की आशंका के चलते 20 कांग्रेसी कार्यकर्ता को बलपूर्वक थाने में ले आए।
विवाद की जड मूल कांग्रेसी ओर फूल छाप कांग्रेसी
विरोधी टीम के प्रमुख नरवर के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राम कुशवाह ने जिलाध्यक्ष पर तानाशाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नया संगठन बनाते समय पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं की रायशुमारी नहीं की गई। गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर उन लोगों को पद बांटे गए हैं जो या तो भाजपा से जुड़े हैं या हाल ही में भाजपा छोड़कर आए हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मोहित अग्रवाल को पद से हटाया जाए और संगठन का पुनर्गठन किया जाए।
सोशल मीडिया पर डिजीटल युद्ध ने लगाई आग
इस पूरे मामले में पिछले कई दिनो से कांग्रेस की आपसी गुटबाजी का माहौल गर्मा रहा था। दोनों गुटों के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तीखी नोकझोंक हुई। जहां विरोधी पक्ष काले झंडे दिखाने की बात कर रहा था, वहीं जिलाध्यक्ष के समर्थकों ने पोस्ट कर चेतावनी दी कि यदि किसी ने विरोध किया तो उसे वहीं प्रसाद दे दिया जाएगा, यह करैरा नहीं नरवर है। इस तरह की धमकियों ने आग में घी डालने का काम किया।
बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल का शनिवार को नरवर में एक क्रिकेट टूर्नामेंट में शामिल होने का कार्यक्रम था। मोहित अग्रवाल की नरवर आने की सूचना पर विरोधी धडा सक्रिय हो गया,वही एक धडा स्वागत की तैयारी करने में लगा था। बताया जा रहा है कि नरवर में पार वाली माता मंदिर के पास शिवपुरी कांग्रेस जिला अध्यक्ष की विरोधी टीम अपने काले झंडे और पुतला दहन की तैयारी कर रहे थे। इस बात की सूचना नरवर पुलिस को लग गई और अनहोनी की आशंका के चलते 20 कांग्रेसी कार्यकर्ता को बलपूर्वक थाने में ले आए।
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विरोधी टीम के प्रमुख नरवर के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राम कुशवाह ने जिलाध्यक्ष पर तानाशाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नया संगठन बनाते समय पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं की रायशुमारी नहीं की गई। गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर उन लोगों को पद बांटे गए हैं जो या तो भाजपा से जुड़े हैं या हाल ही में भाजपा छोड़कर आए हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मोहित अग्रवाल को पद से हटाया जाए और संगठन का पुनर्गठन किया जाए।
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इस पूरे मामले में पिछले कई दिनो से कांग्रेस की आपसी गुटबाजी का माहौल गर्मा रहा था। दोनों गुटों के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तीखी नोकझोंक हुई। जहां विरोधी पक्ष काले झंडे दिखाने की बात कर रहा था, वहीं जिलाध्यक्ष के समर्थकों ने पोस्ट कर चेतावनी दी कि यदि किसी ने विरोध किया तो उसे वहीं प्रसाद दे दिया जाएगा, यह करैरा नहीं नरवर है। इस तरह की धमकियों ने आग में घी डालने का काम किया।