कोलारस। शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के रन्नौद थाना सीमा के ग्राम ग्राम बामौर कलां में रिश्तों की मर्यादा उस वक्त तार-तार हो गई, जब एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया। एक युवती के घर से भागने के शक में भड़के ससुराल पक्ष ने अपनी ही बहू को निशाना बनाते हुए न केवल घर में आग लगाने का प्रयास किया, बल्कि 8 साल के मासूम और सास के साथ भी बेरहमी से मारपीट की।
स्थानीय पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने के बाद, दहशतजदा पीड़िता अपने पति और बच्चे के साथ जान बचाने के लिए जंगल के रास्ते भागकर एसपी कार्यालय पहुंची। महिला का आरोप है कि रंजिश की आग में अंधा हुआ उसका ससुराल पक्ष अब पूरे परिवार को खत्म करने पर उतारू है। पीड़िता रेखा कुशवाह पत्नी जितेंद्र कुशवाह के अनुसार, उसकी जानकारी के बिना एक रिश्तेदार युवक ने उसके चचिया ससुर की बेटी को भगा लिया था। इस घटना के बाद ससुराल पक्ष ने पूरे मामले का दोष रेखा और उसके पति पर मढ़ दिया।
इसी बात को लेकर 29 दिसंबर की शाम आरोपियों ने रेखा के साथ मारपीट की और उसके 8 वर्षीय बेटे को जान से मारने की धमकी दी। महिला का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर रन्नौद थाना पहुंची, तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद 31 दिसंबर की सुबह आरोपी दोबारा उसके घर पहुंचे। उन्होंने घरेलू सामान की तोड़फोड़ की, रेखा की सास और बच्चे के साथ मारपीट की, और घर में आग लगाने का भी प्रयास किया।
हालात बेकाबू होते देख रेखा और उसके पति जान बचाकर जंगल के रास्ते गांव से निकल गए और सीधे एसपी कार्यालय पहुंचे। पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया है कि आरोपियों से उसके पूरे परिवार की जान को खतरा है। उसने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
स्थानीय पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने के बाद, दहशतजदा पीड़िता अपने पति और बच्चे के साथ जान बचाने के लिए जंगल के रास्ते भागकर एसपी कार्यालय पहुंची। महिला का आरोप है कि रंजिश की आग में अंधा हुआ उसका ससुराल पक्ष अब पूरे परिवार को खत्म करने पर उतारू है। पीड़िता रेखा कुशवाह पत्नी जितेंद्र कुशवाह के अनुसार, उसकी जानकारी के बिना एक रिश्तेदार युवक ने उसके चचिया ससुर की बेटी को भगा लिया था। इस घटना के बाद ससुराल पक्ष ने पूरे मामले का दोष रेखा और उसके पति पर मढ़ दिया।
इसी बात को लेकर 29 दिसंबर की शाम आरोपियों ने रेखा के साथ मारपीट की और उसके 8 वर्षीय बेटे को जान से मारने की धमकी दी। महिला का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर रन्नौद थाना पहुंची, तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद 31 दिसंबर की सुबह आरोपी दोबारा उसके घर पहुंचे। उन्होंने घरेलू सामान की तोड़फोड़ की, रेखा की सास और बच्चे के साथ मारपीट की, और घर में आग लगाने का भी प्रयास किया।
हालात बेकाबू होते देख रेखा और उसके पति जान बचाकर जंगल के रास्ते गांव से निकल गए और सीधे एसपी कार्यालय पहुंचे। पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया है कि आरोपियों से उसके पूरे परिवार की जान को खतरा है। उसने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।