शिवपुरी। शिवपुरी में झिरना मंदिर विवाद में रविवार को एक नया घटनाक्रम सामने आया। रिटायर्ड डीएसपी सुरेश सिंह सिकरवार के समर्थन में सर्व समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। इन लोगों ने दो बत्ती चौराहा स्थित चिंता हरण हनुमान मंदिर पर एकत्र होकर एक रैली निकाली और एसपी ऑफिस पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
रैली में क्षत्रिय महासभा, लोकल ट्रक ऑपरेटर यूनियन, व्यापारी वर्ग और ग्रामीण अंचल के लोगों सहित सर्व समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल थे। ज्ञापन में कहा गया है कि रिटायर्ड डीएसपी सुरेश सिंह सिकरवार पर दर्ज एफआईआर झूठी और भ्रामक है। आरोप है कि यह एफआईआर झिरना मंदिर के पुजारी बलराम उर्फ लक्ष्मण दास उर्फ कम्मो गुर्जर द्वारा राजनीतिक दबाव में दर्ज कराई गई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिस दिन का विवाद बताया जा रहा है, उस दिन फरियादी (पुजारी) स्वयं सिकरवार के महल कॉलोनी स्थित घर पर आया था। वहां उसे ससम्मान बैठाकर चाय-पानी कराया गया। सर्वसमाज का दावा है कि यह पूरा घटनाक्रम घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है।
सर्व समाज ने पुजारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि झिरना के पुजारी का आपराधिक इतिहास रहा है। वह पूर्व में एसएएफ जवान की हत्या के मामले में जेल की सजा काट चुका है और राजेंद्र गुर्जर गैंग से जुड़ा रहा है। इसके अतिरिक्त, पुजारी ने मंदिर पर बलपूर्वक कब्जा कर शासन की अनुमति के बिना अवैध निर्माण कराए हैं और मंदिर परिसर में व्यवसायिक गतिविधियां चला रहा है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि पुजारी ने अपने प्रभाव और राजनीतिक संपर्कों का उपयोग करते हुए रेंजर माधव सिंह सिकरवार के पिता के खिलाफ भी एक झूठा मामला दर्ज कराया है, जिसका उद्देश्य प्रशासन पर दबाव बनाना था। सर्वसमाज ने थाना सतनवाड़ा में दर्ज प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाकर निर्दोष अधिकारियों को न्याय दिया जाना चाहिए।
रैली में क्षत्रिय महासभा, लोकल ट्रक ऑपरेटर यूनियन, व्यापारी वर्ग और ग्रामीण अंचल के लोगों सहित सर्व समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल थे। ज्ञापन में कहा गया है कि रिटायर्ड डीएसपी सुरेश सिंह सिकरवार पर दर्ज एफआईआर झूठी और भ्रामक है। आरोप है कि यह एफआईआर झिरना मंदिर के पुजारी बलराम उर्फ लक्ष्मण दास उर्फ कम्मो गुर्जर द्वारा राजनीतिक दबाव में दर्ज कराई गई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिस दिन का विवाद बताया जा रहा है, उस दिन फरियादी (पुजारी) स्वयं सिकरवार के महल कॉलोनी स्थित घर पर आया था। वहां उसे ससम्मान बैठाकर चाय-पानी कराया गया। सर्वसमाज का दावा है कि यह पूरा घटनाक्रम घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है।
सर्व समाज ने पुजारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि झिरना के पुजारी का आपराधिक इतिहास रहा है। वह पूर्व में एसएएफ जवान की हत्या के मामले में जेल की सजा काट चुका है और राजेंद्र गुर्जर गैंग से जुड़ा रहा है। इसके अतिरिक्त, पुजारी ने मंदिर पर बलपूर्वक कब्जा कर शासन की अनुमति के बिना अवैध निर्माण कराए हैं और मंदिर परिसर में व्यवसायिक गतिविधियां चला रहा है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि पुजारी ने अपने प्रभाव और राजनीतिक संपर्कों का उपयोग करते हुए रेंजर माधव सिंह सिकरवार के पिता के खिलाफ भी एक झूठा मामला दर्ज कराया है, जिसका उद्देश्य प्रशासन पर दबाव बनाना था। सर्वसमाज ने थाना सतनवाड़ा में दर्ज प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाकर निर्दोष अधिकारियों को न्याय दिया जाना चाहिए।
