शिवपुरी। शिवपुरी शहर में नियम और कानून को किस प्रकार तोड़ कर सड़क पर फेंका जाता है इसका एक उदाहरण देखने को मिला है। पहले आप कम शब्दों को इस मामले का समझने का प्रयास करें कि मयूर मेडिकल के संचालक ने एक्सपायरी दवाओं के 6 कार्टून थीम पर खुले मे फेंक दिए। सफाई कर्मियों की नजर पड़ी तो उन्होंने देखा की कार्टूनो पर मयूर मेडिकल लिखा है। नगर पालिका प्रबंधन ने वापस दवाओ को दुकान पर फिकवा दिया और 25 हजार का जुर्माना कर दिया। इस पूरे मामले मे पुन:शिवपुरी जिला कलेक्टर की लचर कार्यप्रणाली सामने आ रही है।
गायब है ड्रग इंस्पेक्टर,हर मेडिकल स्टोर पर भर रहा है कचरा
शिवपुरी जिले मे लगभग 1500 मेडिकल स्टोर संचालित है,लेकिन नियम और कानून की बात की आए तो एक सैकड़ा खेरीज दवाई बेचने की पात्रता रखते है। प्रत्येक मेडिकल स्टोर साल में दो लिफाफे चढाने का यह प्रमाण है कि शिवपुरी जिले के ड्रग इंस्पेक्टर मेडिकल की दुकानों की जांच नही करते क्योकि आज दो दवाई फेंकी गई है उसमे से कई दवाएं 2023 में एक्सपायर हो चुकी है। बार बार मीडिया शिवपुरी जिले के मेडिकल स्टोर की लचर व्यवस्था की खबरों का प्रकाशन कर रही है लेकिन शिवपुरी के सीएमएचओ सहित जिलाधीश महोदय मामले को संज्ञान मे नहीं ले रहे है।
यहा मिली नगर पालिका को एक्सपायरी दवाएं
शिवपुरी शहर की थाम रोड स्थित आईटीबीपी गेट नंबर के पास शिवपुरी शहर की थीम रोड स्थित आईटीबीपी गेट के पास बस प्रतीक्षालय के पास आज नगर पालिका के सफाई कर्मियों को आधा दर्जन कार्टून दवाओ से भरे मिले थे,इन कार्टून में सिरप और टेबलेट और कैप्सूल थे। दवाओं के सडक पर फिके होने पर सफाई कर्मी समझ गए कि यह एक्सपायरी डेट की दवाए है। इन कार्टून पर मयूर मेडिकल स्टोर शिवपुरी लिखा था।
बताया जा रहा है कि सफाई कर्मियों ने सड़क किनारे दवाए फेंके जाने की सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। नगर पालिका प्रबंधन ने सभी दवाओं के कार्टून कचरा फेंकने वाले वाहन पर रखे और न्यू ब्लॉक मे स्थित विद्या देवा हॉस्पिटल के पास स्थित मयूर मेडिकल के पास पहुंच गए और बातचीत की और मेडिकल स्टोर के संचालक पर 25 हजार का जुर्माना ठोक दिया।
मेडिकल संचालक ने फेंकी थी दवाएं
महेन्द्र गुप्ता ने बताया कि कुछ दवाएं एजेंसी ने गलत भेजी थीं, जिन्हें वापस नहीं लिया गया। वहीं, कुछ दवाएं एक्सपायर हो चुकी थीं, इसलिए उन्हें सड़क किनारे फिंकवाया गया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इससे पहले भी वह नगर पालिका के डंपिंग क्षेत्र में एक्सपायरी दवाएं फिंकवा चुके हैं।
नपा ने लगाया 25 हजार रुपए का जुर्माना
नगर पालिका के अतिक्रमण हटाओ प्रभारी अशोक कुमार खरे ने जानकारी दी कि खुले में दवाएं और मेडिकल वेस्ट फेंकना कानूनी अपराध है। मयूर मेडिकल एंड सर्जिकल की एक्सपायरी दवाओं को सड़क किनारे फेंकने पर संचालक महेंद्र गुप्ता पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। उन्हें भविष्य में ऐसी गलती न करने की चेतावनी भी दी गई है, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण की एक पूरी गाइडलाइन है,इस गाइड लाइन को मेडिकल संचालक ने फ्लो नही किया है। एक्सपायरी दवाओं को सड़क पर नहीं फेंक सकते है,इसे जानवर खा सकते है और भी प्रकार की हानियां होती है। नगर पालिका प्रबंधन ने अपना काम 25 हजार का जुर्माना लगाकर कर दिया। अब बाकी काम स्वास्थ्य विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर का है अब देखना यह है कि इस मेडिकल संचालक पर स्वास्थ्य विभाग से क्या कार्यवाही होती है।
गायब है ड्रग इंस्पेक्टर,हर मेडिकल स्टोर पर भर रहा है कचरा
शिवपुरी जिले मे लगभग 1500 मेडिकल स्टोर संचालित है,लेकिन नियम और कानून की बात की आए तो एक सैकड़ा खेरीज दवाई बेचने की पात्रता रखते है। प्रत्येक मेडिकल स्टोर साल में दो लिफाफे चढाने का यह प्रमाण है कि शिवपुरी जिले के ड्रग इंस्पेक्टर मेडिकल की दुकानों की जांच नही करते क्योकि आज दो दवाई फेंकी गई है उसमे से कई दवाएं 2023 में एक्सपायर हो चुकी है। बार बार मीडिया शिवपुरी जिले के मेडिकल स्टोर की लचर व्यवस्था की खबरों का प्रकाशन कर रही है लेकिन शिवपुरी के सीएमएचओ सहित जिलाधीश महोदय मामले को संज्ञान मे नहीं ले रहे है।
यहा मिली नगर पालिका को एक्सपायरी दवाएं
शिवपुरी शहर की थाम रोड स्थित आईटीबीपी गेट नंबर के पास शिवपुरी शहर की थीम रोड स्थित आईटीबीपी गेट के पास बस प्रतीक्षालय के पास आज नगर पालिका के सफाई कर्मियों को आधा दर्जन कार्टून दवाओ से भरे मिले थे,इन कार्टून में सिरप और टेबलेट और कैप्सूल थे। दवाओं के सडक पर फिके होने पर सफाई कर्मी समझ गए कि यह एक्सपायरी डेट की दवाए है। इन कार्टून पर मयूर मेडिकल स्टोर शिवपुरी लिखा था।
बताया जा रहा है कि सफाई कर्मियों ने सड़क किनारे दवाए फेंके जाने की सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। नगर पालिका प्रबंधन ने सभी दवाओं के कार्टून कचरा फेंकने वाले वाहन पर रखे और न्यू ब्लॉक मे स्थित विद्या देवा हॉस्पिटल के पास स्थित मयूर मेडिकल के पास पहुंच गए और बातचीत की और मेडिकल स्टोर के संचालक पर 25 हजार का जुर्माना ठोक दिया।
मेडिकल संचालक ने फेंकी थी दवाएं
महेन्द्र गुप्ता ने बताया कि कुछ दवाएं एजेंसी ने गलत भेजी थीं, जिन्हें वापस नहीं लिया गया। वहीं, कुछ दवाएं एक्सपायर हो चुकी थीं, इसलिए उन्हें सड़क किनारे फिंकवाया गया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इससे पहले भी वह नगर पालिका के डंपिंग क्षेत्र में एक्सपायरी दवाएं फिंकवा चुके हैं।
नपा ने लगाया 25 हजार रुपए का जुर्माना
नगर पालिका के अतिक्रमण हटाओ प्रभारी अशोक कुमार खरे ने जानकारी दी कि खुले में दवाएं और मेडिकल वेस्ट फेंकना कानूनी अपराध है। मयूर मेडिकल एंड सर्जिकल की एक्सपायरी दवाओं को सड़क किनारे फेंकने पर संचालक महेंद्र गुप्ता पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। उन्हें भविष्य में ऐसी गलती न करने की चेतावनी भी दी गई है, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण की एक पूरी गाइडलाइन है,इस गाइड लाइन को मेडिकल संचालक ने फ्लो नही किया है। एक्सपायरी दवाओं को सड़क पर नहीं फेंक सकते है,इसे जानवर खा सकते है और भी प्रकार की हानियां होती है। नगर पालिका प्रबंधन ने अपना काम 25 हजार का जुर्माना लगाकर कर दिया। अब बाकी काम स्वास्थ्य विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर का है अब देखना यह है कि इस मेडिकल संचालक पर स्वास्थ्य विभाग से क्या कार्यवाही होती है।