SHIVPURI NEWS - लोक अदालत में 2612 लोगो को मिला लाभ, 7 साल से दूर रहे पति-पत्नी हुए एक

Bhopal Samachar
शिवपुरी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार 09 मार्च को जिला मुख्यालय एवं तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के एडीआर भवन में प्रातः 10ः30 बजे प्रधान जिला न्यायाधीश राजेन्द्र प्रसाद सोनी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया। लोक अदालत में जहां 2612 लोग लाभान्वित हुए और 7 करोड़ 67 लाख से अधिक का अवार्ड पारित हुआ है वही अदालत ने 7 साल से दूर रह रहे पति-पत्नी को एक करा दिया। दोनों मुस्कुराते हुए अपने घर गए

पीड़ित पक्षकार को 16 लाख 75 हजार का मुआवजा मिला

वर्ष 2019 में पीड़ित भरत सिंह रघुवंशी एवं उनकी मां का ट्रक से एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें भरत सिंह का घुटने के उपर का पैर कटने से लगभग 80 प्रतिशत विकलांगता आ गई थी। मामला लगभग 4 साल से विचाराधीन था, इस नेशनल लोक अदालत में पीड़ित पक्षकार की ओर से अधिवक्ता संजय शर्मा ने मामले को लोक अदालत में रखने का निवेदन किया। फलस्वरूप मामले की लोक अदालत की प्रीसिटिंग में चर्चा की गयी।

जिसमें बीमा कंपनी की ओर से ओमप्रकाश नरवरिया एवं बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता दिलीप गोयल एवं पीड़ित के अधिवक्ता संजय शर्मा के मध्य लोक अदालत खंडपीठ क्र. 04 के पीठासीन अधिकारी विवेक पटेल द्वारा समझाईस देने से एवं आवेदक अधिवक्ता संजय शर्मा एवं कंपनी अधिवक्ता दिलीप गोयल के विशेष प्रयासों से मामला लोक अदालत में निराकृत हुआ जिसके कारण से लगभग 4 वर्षों से चले आ रहे मामले में पीड़ित पक्षकार को 16 लाख 75 हजार का मुआवजा मिला एवं मामला लोक अदालत में रखे जाने पर शीघ्र निराकृत हुआ।

7 वर्षों से अलग रह रहे पति--पत्नि पुनः एक हुए

एक प्रकरण में जिसमें परिवर्तित नाम मेघा पति अनुज का विवाह 2017 में एवं इसी प्रकार शिवपुरी में परिवर्तित नाम गायत्री पति रामेश्वर शाक्य का विवाह वर्ष 2020 में हिन्दू रिति रिवाज से हुआ था किन्तु पारिवारिक छोटे-छोटे झगड़ों को स्वाभिमान की बात बना लेने के कारण न लड़की पक्ष झुकने को तैयार न लड़का पक्ष, मामला लोक अदालत की खंडपीठ क्रमांक 24 में आने से लोक अदालत पीठासीन अधिकारी जोगिन्दर सिंह, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय के समक्ष आने से दोनों प्रकरणों के उभय पक्षों के साथ पृथक-पृथक एवं संयुक्त रूप से समझाईस देने से दोनों पक्ष तैयार हुए और आपसी सहमति से खुशी-खुशी एक साथ घर गये और इस प्रकार दोनों ही प्रकरणों में लोक अदालत का यह नारा न कोई कोई जीता न कोई हारा उक्ति का साकार रूप देखने को मिला।

इस अवसर पर जोगिन्दर सिंह, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, वंदना जैन विशेष न्यायाधीश, विवेक शर्मा प्रथम जिला न्यायाधीश, अर्चना सिंह जिला न्यायाधीश/सचिव, आर.बी.गुप्ता चतुर्थ जिला न्यायाधीश, विवेक पटेल पंचम जिला न्यायाधीश, अमित कुमार गुप्ता सप्तम जिला न्यायाधीश, सज्जन सिंह सिसौदिया, सीजेएम शिवपुरी जितेन्द्र मेहर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिवपुरी, न्यायिक मजिस्ट्रेट नेता प्रधान, सुनीता पचौरिया, अमित प्रताप सिंह, रूपम तोमर, वंशिता गुप्ता, इतीशा संघवी, दिव्यानी सिंह, जिला विधिक सहायता अधिकारी, डॉ. वीरेन्द्र कुमार चढार, संदीप कालरा, महाप्रबंधक विद्युत विभाग, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ शैलेन्द्र समाधिया, बीमा कंपनी अधिवक्ता दिलीप गोयल, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल आलोक श्रीवास्तव, अधिवक्ता वीरेंद्र शर्मा, पीएलव्ही कपिल धाकड़, अमन शर्मा, संदीप शर्मा, ललित शर्मा, कृष्णकांत नामदेव उपस्थित रहे।

नेशनल लोक अदालत में जिले में कुल 24 खंडपीठों के माध्यम से 1560 मामलों का निराकरण हुआ एवं लगभग 2612 से अधिक पक्षकार लाभान्वित हुए। निराकृत मामलों में विचाराधीन मामले 677 एवं प्रिलिटिगेशन स्तर के मामले 883 शामिल थे।
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