शिवपुरी। गांव के विकास के लिए भारत सरकार ने अलग से विभाग बनाया है जिसे जिला पंचायत विभाग कहते है इस विभाग का एक एक्ट है जिसका नाम पंचायत एक्ट है,लेकिन जिला पंचायत शिवपुरी में अब एक नया एक्ट लागू हो गया है जिसका नाम है दामाद एक्ट,इस एक्ट के तहत 9 लाख रुपए का तालाब का जीर्णोद्धार का काम आईएस को दिया गया है वही 29 लाख के तालाब के निर्माण के काम की एजेंसी ग्राम पंचायत बनाई गई। यह इसलिए किया गया कि यहां दामाद साहब की मर्जी थी।
पहले समझे मामले को
बदरवास जनपद की पंचायत खजूरी में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब का निर्माण होना है पंचायत ने इसका ठहराव प्रस्ताव बनाकर भेजा और योजना के तहत तालाब निर्माण की राशि 29 लाख रुपए मंजूर हुआ है। ग्राम पंचायत खजूरी के सरपंच सतवीर यादव जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव के पति अमित यादव के रिश्तेदार हैं इसलिए इस तालाब के निर्माण की ऐजेंसी ग्राम पंचायत को बनाया हैं अब इस तालाब के निर्माण का काम पंचायत कराऐगी।
नियमानुसार ग्राम पंचायत में होने वाले किसी भी निर्माण की लागत अगर 25 लाख रुपए से अधिक होती है तो उसकी एजेंसी आरईएस विभाग को बनाया जाता है लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया है। तालाब की लागत राशि 28 लाख से भी अधिक होते हुए भी इस तालाब का निर्माण पंचायत करेगी,सूत्रों का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव के पति अमित यादव ने अपनी राजनीतिक पावर का इस्तेमाल करते हुए यह नियम विरुद्ध कार्य आसानी से करवा लिया है। वही खजूरी पंचायत के सरपंच सतवीर यादव का कहना है कि पंचायत में कोई काम नहीं था इसलिए इस काम की एजेंसी जिला पंचायत को बनाया गया है इसमें यह नियम विरुद्ध नहीं है।
9 लाख का काम आरईएस करेंगें, हस रहे है अधिकारी
दामाद एक्ट की ताकत यहां भी देखने को मिली बदरवास जनपद की पंचायत झूलना में एक तालाब का जीर्णोद्धार किया जाना है जिसकी लागत 9 लाख रुपए है। इस पंचायत की सरपंच है श्रीमती कला धाकड़,कला धाकड़ के बेटे रघुराज धाकड़ ने बताया कि गांव के तालाब के जीर्णोद्धार के लिए पंचायत में ठहराव प्रस्ताव पास हुआ था और इसका बजट 9 लाख रूपया बनाया गया था। जिला पंचायत ने इस काम को कराने का आदेश ग्राम पंचायत को कर दिया था लेकिन उसके बाद इस तालाब के निर्माण की एजेंसी आरईएस को बना दिया गया है।
वह इसलिए जिला पंचायत अध्यक्ष के पति अमित यादव ने किया है कि जिला पंचायत के इस वार्ड के सदस्य पंचम आदिवासी उनके खास है वह इसमें पैसा कमा लेगें। वही बताया जा रहा है जब इस काम के लिए आदेश पत्र जिला पंचायत ने आरइएस को जारी किया तो आरईएस के अधिकारी भी हस रहे थे। नियमानुसार यह काम पंचायत स्तर से ही होना था लेकिन दामाद एक्ट के प्रभावी होने पर नियमो का बदलाव किया गया है।
वही इस मामले में जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मारवी से संपर्क करने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो सका है जैसे ही उसका जवाब आएगा प्रकाशित कर दिया जाऐगा।
