शिवपुरी। शहर की सड़कों पर बेलगाम घूम रहे आवारा पशु अब आमजन की संपत्ति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। ताजा मामला एक एडवोकेट के घर के बाहर का है, जहाँ दो सांडों की हिंसक लड़ाई के बीच खड़ी स्कूटी चकनाचूर हो गई। सीसीटीवी में कैद इस सड़क युद्ध के बाद पीड़ित वकील ने नगर पालिका की जवाबदेही तय करते हुए सीधे सीएमओ को कानूनी नोटिस थमा दिया है।
साथ में ₹7500 की क्षतिपूर्ति की मांग के साथ ही नगर पालिका अधिनियम की धाराओं का हवाला देते हुए अब इस मामले को कोर्ट ले जाने की तैयारी है। यह मामला न केवल एक वाहन के नुकसान का है, बल्कि नगर पालिका की उस लापरवाही पर कड़ा प्रहार है जिसके कारण शहर की सड़कें सुरक्षित नहीं बची हैं।
जानकारी के मुताबिक, 22 मार्च की सुबह 9.30 बजे एडवोकेट संजीव बिलगैयां के घर के बाहर दो आवारा सांड आपस में लड़ रहे थे। सांडों की लड़ाई में घर के बाहर खड़ी स्कूटी
9990 क्रमांक आमपई। सांडों की भिड़ंत से स्कूटी गिर गई। स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। दूसरी बार सांड फिर स्कूटी पर चढ़ गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। एडवोकेट बिलगैया ने क्षतिग्रस्त स्कूटी के 7500 रु. के एस्टीमेट के आधार पर नगर पालिका के सीएमओ को नोटिस भेजा है।
नगर पालिका के प्रभारी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग रखी है। क्षतिपूर्ति के रूप में 7500 रु. भी मांगे हैं। इसके अलावा शिवपुरी कोतवाली थाने में भी शिकायत की है। मामले में जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एडवोकेट बिलगैया ने नोटिस में तर्क रखा है कि आवारा पशु व सांडों के कारण रास्ते में यात्री गिरकर घायल हो जाते हैं। घायलों की मौत की घटनाएं भी हो चुकी हैं। संबंधित विभाग ने जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कोई सुरक्षात्मक जनहित कदम नहीं उठाया है। इस कारण जनमानस व उनकी संपत्ति का निरंतर नुकसान हो रहा है।
पशुओं को हटाने की जवाबदेही नपा की हैं
नगर पालिका अधिनियम में आवारा पशुओं को संरक्षित करने व हटाने की जवाबदेही नगर पालिका की है। यदि किसी संस्थान की लापरवाही दुर्घटना घटित होती है तो वह व्यक्ति सक्षम न्यायालय में कार्रवाई का अधिकार रखता है। ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति के पास दो अधिकार रहते हैं, पहला आपराधिक और दूसरा वसूली का।
संजीव बिलगैया, एडवोकेट
साथ में ₹7500 की क्षतिपूर्ति की मांग के साथ ही नगर पालिका अधिनियम की धाराओं का हवाला देते हुए अब इस मामले को कोर्ट ले जाने की तैयारी है। यह मामला न केवल एक वाहन के नुकसान का है, बल्कि नगर पालिका की उस लापरवाही पर कड़ा प्रहार है जिसके कारण शहर की सड़कें सुरक्षित नहीं बची हैं।
जानकारी के मुताबिक, 22 मार्च की सुबह 9.30 बजे एडवोकेट संजीव बिलगैयां के घर के बाहर दो आवारा सांड आपस में लड़ रहे थे। सांडों की लड़ाई में घर के बाहर खड़ी स्कूटी
9990 क्रमांक आमपई। सांडों की भिड़ंत से स्कूटी गिर गई। स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। दूसरी बार सांड फिर स्कूटी पर चढ़ गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। एडवोकेट बिलगैया ने क्षतिग्रस्त स्कूटी के 7500 रु. के एस्टीमेट के आधार पर नगर पालिका के सीएमओ को नोटिस भेजा है।
नगर पालिका के प्रभारी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग रखी है। क्षतिपूर्ति के रूप में 7500 रु. भी मांगे हैं। इसके अलावा शिवपुरी कोतवाली थाने में भी शिकायत की है। मामले में जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एडवोकेट बिलगैया ने नोटिस में तर्क रखा है कि आवारा पशु व सांडों के कारण रास्ते में यात्री गिरकर घायल हो जाते हैं। घायलों की मौत की घटनाएं भी हो चुकी हैं। संबंधित विभाग ने जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कोई सुरक्षात्मक जनहित कदम नहीं उठाया है। इस कारण जनमानस व उनकी संपत्ति का निरंतर नुकसान हो रहा है।
पशुओं को हटाने की जवाबदेही नपा की हैं
नगर पालिका अधिनियम में आवारा पशुओं को संरक्षित करने व हटाने की जवाबदेही नगर पालिका की है। यदि किसी संस्थान की लापरवाही दुर्घटना घटित होती है तो वह व्यक्ति सक्षम न्यायालय में कार्रवाई का अधिकार रखता है। ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति के पास दो अधिकार रहते हैं, पहला आपराधिक और दूसरा वसूली का।
संजीव बिलगैया, एडवोकेट