शिवपुरी। शिवपुरी का शिक्षा विभाग अपने उपलब्धि से अधिक नियम विरूद्ध काम करने के लिए अधिक पहचाना जाता है। अभी हाल में शिवपुरी डीईओ समर सिंह राठौर ने प्राथमिक शिक्षक को कार्यालीन काम के लिए शिवपुरी मुख्यालय पर अटैच किया है। शिक्षक के अटैचमेंट के ओदश 20 जून को जारी हुआ है,लेकिन इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग के गलियारे मे कानाफूसी शुरू हो गई है कि जब इस अटैचमेंट के ओदश की एक प्रति जिलाधीश महोदय को भेजी गई थी तो उन्होंने इस ओदश को चेक नही किया क्या,क्यो की यह आदेश जिला शिक्षा अधिकारी के पावर में नही आता है इस अटैचमेंट को केवल कलेक्टर शिवपुरी ही कर सकत है लेकिन नियमों को ताक पर रख डीईओ ने यह कारनामा कर डाला।
पहले समझे इस मामले को,पढे शिक्षक के आदेश को गोल-गोल घूमाया गया है
जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर से पत्र क्रमांक स्थापना कार्यविभान 2023 3553 के अनुसार नरेश सिंह राठोर प्राथमिक शिक्षक जो एलएलबी है उन्है कार्यालयीन विधि कार्य हैतु शिवपुरी जिला मुख्यालय पर नोडल अधिकारी के रूप मे नियुक्त किया जाता है। इस ओदश की एक प्रति कलेक्टर शिवपुरी के साथ साथ संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर,कार्यालय के विधि विभाग और शिक्षक नरेश राठौर को भेजा गया है।
ओदश गोल गोल घुमाया गया-जैसे शिवपुरी में सब अंधे हो
इस ओदश को जिला शिक्षा अधिकारी ने गोल गोल घुमा दिया गया है। इस आदेश में यह नही लिखा कि यह प्राथमिक शिक्षक इस स्कूल का है और यह शिक्षक अपने मूल कार्य के साथ साथ कार्यालयीन कार्य भी करेंगा। यह अटैचमेंट का आदेश अब चर्चा का विषय बन गया है।
खनियाधाना विकासखंड में पदस्थ है शिक्षक
जानकारी मिल रही है कि प्राथमिक शिक्षक खनियाधाना विकासखंड में पदस्थ है शिवपुरी से खनियाधाना की दूरी 115 किलोमीटर है वही स्कूल सुबह 10 बजे से 4 बजे तक संचालित होते है वही शिवपुरी आफिस का समय 10 बजे से 6 बजे तक होता है अब यह शिक्षक कैसे दो जगह काम कर सकता है। बस से कोई शिवपुरी से खनियाधाना जाता है तो कम से कम 3 घंटे का समय लगेगा।
आदिम जाति कल्याण विभाग का है शिक्षक
इस मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि प्राथमिक शिक्षक नरेश सिंह राठौर शिक्षा विभाग में पदस्थ न होकर आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ है। एक जिला शिक्षा अधिकारी किसी दूसरे विभाग के शिक्षक को अटैच नही कर सकता है। इसके लिए एक नियम है कि सबसे पहले आदिम जाति विभाग से एनओसी लेनी होती है उसके बाद जिला कलेक्टर के हस्ताक्षर से अटैचमेंट ओदश टाइप होता लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ है जिला शिक्षा अधिकारी ने यह अटैचमेंट आदेश किया है। जो शिक्षा विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग में चर्चा का विषय बन रहा है।
इनका कहना है
मामला गंभीर है इस मामले की तत्काल जांच करवाते है।
रविन्द्र चौधरी कलेक्टर शिवपुरी
