शिवपुरी के बुनकर को मिला कबीर विश्वकर्मा राज्य स्तरीय द्वितीय पुरस्कार, 5 पीढ़ी से बन रही है साड़ी- Shivpuri News

शिवपुरी।
शिवपुरी के बामौरकलां में अपनी पाचवी पीढ़ी के बुनकर को कबीर राज्य स्तरीय द्वितीय पुरस्कार मिला है। महेश कोली के सिल्क की साडी मे हाथी चांद डिजाइन बनाया था। इस साड़ी के डिजाइन का बहुत पसंद किया गया इस कारण इस साड़ी को बनाने वाले बुनकर महेश कोली को भोपाल में 50 हजार रुपए का चेक और प्रस्स्ति ताम्रपत्र से सम्मानित किया है।

बामौरकला के रहने वाले और हथकरघा से साड़ी बनाने वाले महेश कोली का कहना है कि जब से होश संभाला है जब से साडियो का काम रहा हूं और इस प्रतियोगिता में लगभग 10 साल से भाग ले रहा हूं अब जाकर शिवपुरी की साडिया का मान भोपाल मे बड़ा है।

14 हजार रुपए की कीमत की है यह साड़ी

सिल्क के धागे से बनाई गई इस साड़ी की कीमत 14 हजार रुपए है। इस साड़ी को बनाने में एक कारीगर को 13 से 15 दिन का समय लगता हैं। इस साड़ी को हाथ करधे से बनाया जाता है और सिल्क के धागो का उपयोग किया जाता है। सिल्क की साडी में कम से कम 300 ग्राम और अधिक से अधिक 200 ग्राम वजन होता है।

अपने दिमाग से तैयार करते है डिजायन

महेश कोली ने बताया कि सिल्क की साडी जिन्हें हैंडलूम सिल्क बोला जाता है,इसमें किसी भी प्रकार की मिलावट नही की जा सकती है। साड़ियों के डिजायन अपने दिमाग से ही बनाते है,या यू कह लो हम अपनी साडी के स्वयं ही डिजाइनर होते है। साडियों में भारतीय संस्कृति के ही डिजाइन होते है।

छत्तीसगढ की CM फैमिली की पहली पंसद है महेश कोली

महेश कोली ने बताया कि उनका सबसे अधिक माल छत्तीसगढ़ में जाता है। छत्तीसगढ़ मे आयोजित गांधी सिल्न्क बाजार में अपनी सेल लगाते हैं। जब छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल जब छत्तीसगढ़ के कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे उनकी फैमिली सेल में आई थी उन्हें मेरा माल इतना पसंद आया है कि जब से उनकी फैमिली मेरे यहां की बनी सडिया आज भी खदीदती है। इसके अतिरिक्त वह महानगरों में लगने वाली प्रदर्शनी में अपनी सेल लगाते है और माल को बेचते है।

नहीं मिल पाता दिल्ली और हैदराबाद के सूरजकुंड की सेल में स्थान

महेश कोली ने बताया कि यह मेरी पांचवी पीढी बुनकर का काम कर रही है,हमारा पूरा परिवार साडिया बनाता है। मैने अपने दादा जी को साडी बनाते देखा है। मप्र सरकार हम जैसे बुनकरों को दिल्ली में आयोजित क्राफ्ट मेले और हैदराबाद के सूरजकुंड साडी सेल में अपनी दुकान लगवाने मे सहायता करे। पूरे देश में चंदेरी फॉर्म की सिल्क साडी देश में प्रसिद्ध है,लेकिन वह सीधे अपनी साडिया देश की बडी सेल में जाकर बेचेगें तो हमें ज्यादा मुनाफा होगा अभी दिहाड़ी ही मिलती है।