कलेक्टर का कमाल: 7 साल से जो शिक्षक स्कूल नहीं गया उसे बना दिया DPC साहब- Shivpuri News

शिवपुरी।
माफ करना शब्द कडे हो सकते है पर परिस्थिति को देखते हुए लिखने पड रहे है,मामला शिक्षा विभाग से जुडा हैं जो शिक्षक 7 साल में एक भी दिन स्कूल नहीं गया उस शिक्षक को कलेक्टर शिवपुरी अक्षय कुमार सिंह ने डीपीसी साहब बना दिया। कलेक्टर का यह आदेश सुर्खियों में बना हुआ है। इस आदेश में वरिष्ठता का ध्यान नहीं रखा गया है तथा नीतिगत भी नहीं हैं।

हम बात कर रहे बदरवास डीपीसी अंगद सिंह तोमर 48 घंटे पूर्व अंगद सिंह तोमर को प्रभारी डीपीसी बनाया हैं। अंगद सिंह तोमर इससे पूर्व शिवपुरी के BRC रह चुके है। अंगद सिंह तोमर 2015 से 2022 तक शिवपुरी के प्रभारी बीआरसी पद पर रहे हैं अंगद सिंह तोमर को शिवपुरी की बीआरसी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था बीआरसी के प्रभार वाले आदेश में स्पष्ट लिखा था कि अपने मूल पदीय कार्य के अतिरिक्त बीआरसी का प्रभार सौंपा गया था।

अंगद सिंह तोमर की मूल पदस्थापना कोलारस विकासखण्ड में आने वाले राजगढ़ हाई स्कूल में इंग्लिश के टीचर के रूप में था लेकिन अंगद सिंह तोमर एक भी दिन अपने मूल कार्य के लिए नहीं गए। एक भी दिन स्कूल नहीं गए। अंगद सिंह तोमर का वेतन कोलारस के बीओ ऑफिस से निकलता था। इस प्रकार लिख सकते है कि 7 साल में एक भी दिन बच्चो का ना पढाए वेतन लेते रहे हैं। इस कारण तत्कालीन कलेक्टर अनुग्रह पी ने इस बात के लिए फटकार भी लगाई थी। यह एक सवाल यह भी बनता है कि जो शिक्षक अपने मूल कार्य के लिए स्कूल नहीं गया उसका वेतन निकलती रही यह वेतन भी सरकार को अब रिकवर करना चाहिए।

वर्तमान विभाग की परीक्षा उर्तीण कर प्रतिनियुक्ति के बल पर बीआरसी बदरवास बनाया गया हैं। अब कलेक्टर महोदय की कृपा से प्रभारी डीपीसी बनाया गया है। यह आदेश विवादित हैं इस आदेश में वरिष्ठता का ध्यान नहीं रखा गया है कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह को पिछले दिनों हाईकोर्ट आदिम जाति कल्याण विभाग शिवपुरी का प्रभार सौंपते समय वरिष्ठता का ध्यान नहीं रखा गया था। महावीर जैन का प्रभार सौपा गया इस आदेश को हाईकोर्ट में चैलेंज किया हाईकोर्ट ने कलेक्टर शिवपुरी को फटकार भी लगाई थी।

अगंद सिंह तोमर अब DPC पद पर सुशोभित हो चुके है अब वह बीआरसी का कार्य करेंगे की डीपीसी का, दोनो कार्यस्थल की दूरी 50 किलोमीटर है। वरिष्ठता की बात करे तो डाइट के प्रिंसिपल अशोक श्रीवास्तव को यह प्रभार मिलना चाहिए था इसके अतिरिक्त अगर एक व्यक्ति से दो काम कराने थे तो फिर शिवपुरी मुख्यालय के बीआरसी बी के ओझा अंगद सिंह तोमर से वरिष्ठ है वही डीपीसी आफिस की बात करे तो अगद सिंह तोमर से 3 वरिष्ठ APC कमंश संतोष गर्ग,अत्तर सिंह राजौरिया और उमेश करारे हैं। इनमे से किसी एक भी एपीसी को डीपीसी (DPC) का प्रभार सौंपना न्यायसंगत और नीतिगत होता क्यो की एक ऑफिस से काम कुशलता से चल जाता। अब कलेक्टर शिवपुरी के इस विवादित आदेश की सर्वत्र चचो रही हैं।sh