शिवपुरी में सम्पन्न हुए श्वेताम्बर जैन समाज के चुनाव, समाज के अध्यक्ष तेजमल सांखला चुने गए- Shivpuri News

शिवपुरी।
प्रसिद्ध जैनाचार्य श्री कुलचंद्र सूरि जी महाराज और पंन्यास प्रवर श्री कुलदर्शन विजय जी की निश्रा में श्वेताम्बर जैन मूर्ति पूजक समाज के चुनाव एवं बीटीपी नवीन ट्रस्ट मंडल का गठन किया गया। सर्वसम्मति से समाज के चुनाव में अध्यक्ष चार्तुमास कमेटी के प्रमुख तेजमल सांखला सर्वसम्मति से चुने गए।

इसके साथ ही अन्य पदाधिकारियों का भी निर्विरोध रूप से चुनाव हुआ। बीटीपी ट्रस्ट मंडल में दो नए सदस्य प्रवीण लिगा और राजकुमार कोचेटा को शामिल किया गया। नवीन पदाधिकारी 1 जनवरी 2023 से अपना पदभार संभालेंगे।

श्वेताम्बर जैन समाज के प्रेस बयान में बताया गया है कि गुरुदेव की निश्रा में बहुत ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में नवीन ट्रस्ट मंडल गठन एवं नवीन श्री संघ कार्यकारिणी के चुनाव सर्वसम्मति से सम्पन्न हुए। ट्रस्ट मंडल और नवीन श्री संघ कार्यकारिणी में संरक्षक दशरथमल सांखला को बनाया गया है।

श्री संघ कार्यकारिणी में अध्यक्ष दशरथमल सांखला, उपाध्यक्ष सुनील सांड और लावचंद्र मूथा, सचिव विजय पारख, कोषाध्यक्ष अजय सांखला, सह कोषाध्यक्ष संजय जैन, सह सचिव अंकित सांखला को बनाया गया है। ट्रस्ट मंडल में तेजमल सांखला, अशोक मुनानी, वीरेंद्र सांड, प्रवीण लिगा, राजकुमार कोचेटा, मुकेश भंडावत, प्रदीप काष्टया, प्रदीप सांखला और विजय पारख को शामिल किया गया है।

BTP स्थित समाधि मंदिर बना अब तीर्थ स्थल

शिवपुरी में 100 वर्ष पूर्व प्रसिद्ध जैनाचार्य विजय धर्म सूरि जी महाराज का समाधि मरण हुआ था। उनकी देश.विदेश में ख्याति थी और उनकी समाधि बनाने हेतु सिंधिया राजपरिवार ने उनके प्रति अपनी सम्मान, आदर और श्रृद्धा की भावना का सम्मान करते हुए भूमि दी थी।

जहां वीर तत्व प्रकाशक मंडल ;बीटीपी गठित कर आचार्य विजय धर्म सूरि जी की समाधि बनाई गई थी। लेकिन 100 वर्षों से समाधि भूमि वीरान पड़ी थी। 100 वर्ष पश्चात आचार्य विजय धर्म सूरि जी की शिष्य परम्परा के शिष्य आचार्य कुलचंद्र सूरि जी का शिवपुरी में चार्तुमास हुआ और उन्होंने अपने दादा गुरू के प्रति श्रृद्धाभक्ति व्यक्त करते हुए

इस स्थल को तीर्थ का रूप देने का निर्णय लिया। बीटीपी परिसर में 20वें तीर्थंकर मुनि सुब्रत स्वामी जी का मंदिर बनाया जा रहा है। मंदिर की भव्य प्राण प्रतिष्ठा 30 नवंबर से 5 दिसंबर तक अनेक धार्मिक आयोजनों के साथ की जाएगी। जिससे समाधि मंदिर तीर्थ का रूप लेगा। इसके अलावा समाधि भूमि में नवीन निर्माण कार्य किए गए हैं।

आर्ट गैलरी का निर्माण किया गया है और तीर्थ यात्रियों के ठहरने हेतु यहां कमरे बनवाए गए हैं। आचार्य विजय धर्म सूरि जी की समाधि का 11 दिवसीय शताब्दी महोत्सव आचार्य कुलचंद्र सूरि जी की निश्रा में धूमधाम से मनाया गया था।