बदरवास का सर्विस लेन बदल चुकी है डेंजर जोन में, नहीं है सचेतक, NO एंट्री में भारी वाहन- Badarwas News

संजीव जाट@ बदरवास।
जिले के कोलारस नगर का बदरवास नगर से निकला बाईपास का सर्विस रोड वर्तमान में डेंजर जोन में बदल चुका हैं। सडको पर सचेतक नही होने के कारण हादसो का अंदेशा बना रहता है, वही सड़क की रेलिंग टूट चुकी हैं और खासकर ओवरब्रिज से निकलने वाले वाहनों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पडता हैं।

बदरवास बायपास पर इस समय काफी खतरा वाहन चालकों को वाले इन डेंजर जोन से होकर न सिर्फ हर दिन चार पहिया और बड़े वाहन चालक निकलते हैं बल्कि रिहायशी इलाकों में जाने वाले लोग बाइक, छोटे वाहनों से भी निकलते है। स्कूल कोचिंग और शहरी क्षेत्र में किसी भी काम से जाने वाले बच्चों, महिलाओं सहित बुजुर्गों की आवाजाही ही रोजाना घूमने वालों का भी यही एक मात्र सर्विस रोड सहारा है, जिस पर ट्रैफिक लोड फोरलेन जैसा हो गया है।

खास बात यह है कि इन सर्विस रोड पर ट्रैफिक लोड ज्यादा होने के कारण हादसों का डर ज्यादा है। रॉन्ग साइड के कारण यहां कई हादसे हो चुके हैं, कई लोग मर चुके हैं और कई घायल हो चुके हैं।

वाहन निकलते हैं, हादसे का डर हमेशा रहता है।

सर्वाधिक एक्सीडेंट के चांस घुरवार सर्विस रोड पर रहते हैं। यहां से मैं रोजाना खतरा लेकर निकलता है, एक साइड रांग ही निकलना पड़ता है। इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है। कंपनी के द्वारा कोई सूचना सकेतक भी नही लगाए है एवं सर्विस रोड पर लाइट भी नहीं कगाए है इस सर्विस रोड पर कंपनी ने रोड क्रॉस कर सुविधा नहीं दी। कराएगी।

डिजाइन के हिसाब से हुआ है फायनल

जो भी बायपास होते हैं वे डिजाइन के हिसाब से फाइनल किए जाते हैं। ओवरब्रिज भी ड्राइंग में जो होगा वही बना है। संकेतक और अस्पताल रोड पर खतरे की तो एजेंसी अपने स्तर पर संकेतक और अवरोध की व्यवस्था
गणेश राय एनएचएआई अधिकारी गुना शिवपुरी
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इन रोड पर रहता है खतरे का डर

बायपास से इस सर्विस रोड से होकर वाहन शहर में प्रवेश करते हैं। लेकिन यहां से अधिकतर वाहन रांग साइड आते हैं। यात्री बसों के साथ ही दो पहिया, चार पहिया वाहनों की एंट्री नो एंट्री में होती है। रात के समय भी वॉकिंग करने वाले शहरवासियों को इन रफ्तार से दौड़ने वाले वाहनों से डर बना रहता है। यहां न संकेतक हैं न ही ट्रैफिक नियम का पालन कोई करता न ही कोई करेगा, जिससे हादसे का डर बना रहता है। यात्री बस वाले समय बचाने के फेर में रांग साइड में रफ्तार से बसें दौड़ाते हैं।

पुरानी रोड से घुरवार मार्ग

इस मार्ग पर सबसे ज्यादा आवागमन रहता है और हादसों का डर बना रहा है बदरवास को शॉर्टकर्ट से जोड़ने वाला यही एक मार्ग है। यहां जाने के लिए बाईपास से सर्विर्स रोड़ जो एक मात्र ओवरब्रिज बाइपास से बदरवास में आने के लिए बनाया है वाहन चालकों को रांग साइड जाना पड़ता है।

रांग साइड ही जोखिम उठाकर वाहन आते हैं। जिससे खतरा बना रहता है। यहीं पर उत्तर प्रदेश, अशोकनगर, गुना से आने वाले ट्रक और भारी वाहनों की भी आवाजाही है जो सर्वाधिक खतरा बने हुए हैं, इनके लिए कोई प्रबंधन विभाग ने ध्यान नहीं किया।