शिवपुरी में रेल की पटरी गायब, प्लाट बनाकर बेच दी जमीन, 3 से लेकर 5 हजार रुपए की रेट Ex-Rey @Lalit Mudgal- Shivpuri News

शिवपुरी।
शिवपुरी में भू माफियाओं ने ऐसा कारनामा कर दिया है जिस पर आपको आसानी से विश्वास नहीं होगा। शिवपुरी में भू माफियाओं ने रेल की पटरी को ही गायब कर दिया है और रेल की पटरी जिस जगह से गुजरी थी उसको काटकर प्लॉट के रूप में परिवर्तित कर दिया हैं। इस पटरी के निशान फिलहाल शहर के अक्स में दिखाई दे रहे है लेकिन जैसे ही ग्राम पंचायत नौहरी कला की सीमा शुरू होती हैं जैसे ही इस पुरानी रेलवे लाइन की पटरी के निशान अक्स से गायब हो जाती हैं। आईए इस रेल की पटरी के गायब होने का एक्सरे करते हैं।

शिवपुरी का पुराना रेलवे स्टेशन जो खुडा में वार्ड क्रमांक 2 में स्थित हैं यह रेलवे स्टेशन आप सभी ने देखा होगा। यहां से ग्वालियर जाने के लिए नैरोगेज जिसे कोयले वाली ट्रेन कहते थे,आम भाषा में इसे छोटी रेल गाडी बोला जाता था। यह ट्रेन शिवपुरी से ग्वालियर चलती थी और 6 से लेकर 7 घंटे में पहुंचाती थी। इस ट्रेन को चलाने के लिए रेल की पटरी भी बिछाई गई थी।

अब यह रेल की पटरी भी नहीं दिखाई देती हैं लेकिन बताया जा रहा है कि यह रेल की पटरी विवेकानंद वाली रोड से होकर पायल बीडी गोदाम के पीछे वाली रोड से सीधे कत्था मिल के सामने निकलती थी यहां रेलवे का गोदाम हुआ करता था। इसके बाद यह लाइन एबी रोड के किनारे चलती थी और खूबत बाबा की घाटी से पूर्व ही जंगल की ओर मुड़ जाती थी।

यह सब आपको इस लिए बता रहे है कि एबी रोड से जब पुरानी रेलवे लाइन निकलती थी और जिस पर जमीन पर रेल की पटरी बिछाई गई थी वह रेलवे की जमीन है,यह लगभग कम से कम 40 फुट चौडी होगी,जब नगर पालिका मंशापुर्ण क्षेत्र के अक्स को निकालते है उसमें यह पटरी आज भी रेखाचित्र में अंकित हैं,लेकिन जैसे ही नगर पालिका की सीमा समाप्त हो जाती है उसके बाद यह रेल की पटरी अक्स से दिखना गायब हो जाती हैं।

पाठकों की जानकारी के लिए बता दे कि शिवपुरी मंशापूर्ण मंदिर की ओर नगर पालिका सीमा वार्ड क्रमांक 1 और 39 वार्ड की सीमा जहां समाप्त होती हैं वह नगर पालिका की सीमा समाप्त होती हैं,वार्ड क्रमांक 39 की सीमा नोहरी खुुर्द गांव आता हैं। इसके बाद ग्राम पंचायत नौहरी कला की सीमा शुरू होती हैं अगर नोहरीकला का अक्श निकाला जाए तो रेल की पटरी का नक्शा इस अक्श से गायब हो जाता हैं,ऐसा बताया जा रहा हैं कि जब 1972 में ग्रामीण क्षेत्रों का बंदोबस्त हुआ होगा तब ही इस रेल की पटरी के निशान इस अक्स से मिटा दिए होंगें।

अब आप समझे कौन सी है रेल विभाग की भूमि

आप सबसे पहले मंशापूर्ण मंदिर के उदाहरण से समझाने की कोशिश करे। यह मंदिर एबी रोड से लगभग 500 फुट से अंदर हैं। इस मंदिर और रोड के बीच से रेल लाइन गई थी और यहां से यह सीधी गई थी एबी रोड के दोनो ओर पुराने चुंगी नाके से लगभग 250 फुट रोड किनारे की जमीन सरकारी हैं। इसलिए यहां मेडिकल कॉलेज की जमीन चिन्हित की गई की उसको भरपूर फ्रंट मिल सके।

एबी रोड जिसे अब हम फोरलेन या थीम रोड कहते हैं इसके दोनो ओर सरकारी जमीन हैं। पुराने चुंगी नाके से मंशापूर्ण की ओर ग्राम पंचायत नौहरीकला की सीमा शुरू होती हैं यहां से इस सरकारी रेलवे की जमीन को गायब कर दिया हैं अगर इस जमीन की कीमत वर्तमान में बात करे तो 3 हजार रुपए से लेकर 5 हजार रुपए भी हो सकती हैं।

कम से कम 50 फुट चोडी ओर 5 किलोमीटर की यह पट्टी गायब हैं जिसे सन 72 के जमाने के भू माफियाओं ने बंदोबस्त से ही गायब कर दिया हैं। लेकिन नगर पालिका सीमा के अक्श में इसके निशान हैं लेकिन जैसे ही ग्राम पंचायत नौहरीकला की सीमा शुरू होती है वहां से इस रेलवे के पटरी के निशान गायब हो गए हैं अगर इसकी जांच होती है और रेलवे इस मुद्दे का उखाडता है तो सीना तानकर कई इमारतें जमीदौत होगी और कई होटल और आलीशान कोठियां जमीदोज हो सकती हैं या फिर इनको अपनी संपत्ति में प्रवेश करने को रास्ता ही ना बचे

पाठकों ही समझने के लिए पुनः नगर पालिका की सीमा का शब्दों में उल्लेख करते हैं कि मंशापूर्ण मंदिर की ओर से नगर पालिका की सीमा मेडिकल कॉलेज के सामने ही खत्म हो जाती है और यहां से ग्राम पंचायत नोहरीकला की सीमा आरंभ हो जाती हैं और रेलवे की पटरी इसी ओर हैं। वही मेडिकल कॉलेज की ओर से नगर पालिका की सीमा कठमई गांव तक हैं जो फोरलेन बाईपास पर स्थित हैं जो वार्ड क्रमांक 1 कहलाता हैं।