कैसे आएगा शिवपुरी का टूरिज्म पटरी पर, The Tourism में The ROYal FEEL गायब, बन सकता है मप्र का टूरिस्ट हब

Ex-Rey @Llait Mudgal शिवपुरी। शिवपुरी जिले में टूरिज्म को पटरी पर लाने की कोशिश जारी हो चुकी हैं,माधव नेशनल पार्क में टाइगर की आमद होने वाली है,साथ में कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीकी चीता की चहलकदमी 17 तारीख से शुरू हो जाऐगी। कुल मिलाकर शिवपुरी दशा और दिशा बदलने की ओर है। व्यापार से दम तोडते जिल को पर्यटन से ही उम्मीद हैं।

लेकिन THE Tourism के लिए THE ROYal FEEL शब्द का उपयोग किया जाता है वह गायब है। इस कारण शिवपुरी का टूरिज्म दम तोड चुका है,कारण टूरिज्म की जो स्टेयरिंग है वह अनट्रेंड लोगों के हाथ में है यह खतरा है शिवपुरी के टूरिज्म बिजनेस के लिए..... THE ROYal FEEL शब्द का एक्सरे करते है अगर यह जिंदा होगा तो शिवपुरी जिला मप्र का सबसे बडा टूरिज्म हब होगा।

सबसे पहले समझे, टूरिज्म की स्टेयरिंग अनट्रेंड लोगों के हाथ में क्यों

आप दुनिया की सबसे महंगी कार की कल्पना कीजिए और उसके सफर का आनंद लिजिए और अब सोच कर देखिए कि उसकी स्टेयरिंग ऐसे व्यक्ति के हाथ में है जो गाड़ी चलाना नहीं जानता आप सबसे पहले इस गाड़ी से उतरने का प्रयास करेंगें।

शिवपुरी की वर्तमान विधायक कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया को द्वारा सन् 2007 में शिवपुरी आईटीआई में टूरिज्म ट्रेड लेकर आई थी। टूरिज्म ट्रेड का 3 साल का कोर्स रखा गया जिसमें 1 साल का BBBT मॉड्यूल 6-6 माह का दो एडवांस माॅडूय के साथ 1 साल का स्पेशलाइजेशन को पूर्ण करने के बाद इनके नौकरी का सपना दिखाया गया कोर्स पूर्ण करने के बाद लगभग 200 से अधिक छात्र.छात्राओं ने कोर्स को पूर्ण करने के बाद आज भटक रहे हैं।

इन ट्रेंड लोगो ने कई बार प्रशासन को आवेदन भी दिया कि हमें नौकरी दो लेकिन यह डिग्रीधारी बेरोजगार घूम रहे है। वर्तमान में शिवपुरी जिले में शहर में टूरिज्म की एक संस्था भी बनी हुई है,वह संस्था टूरिज्म को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है लेकिन वह अनट्रेंड है। इसमें कोई भी पदाधिकारी टूरिज्म की डिग्री धारी है।

इस कारण आवश्यक है द राॅयल फिल

आप अधिक दूर ना जाए राजस्थान के रणथंभौर का उदाहरण लिजिए,आप वहां के किसी भी होटल में जाएंगे तो वहां का स्टाफ का बात करने का तरीका नहीं होगा बल्कि सलीका होगा,वह आपको एक राजा की तरह ट्रीट करेगा। वह आपको ROYal FEEL देने की कोशिश करेगा। पूरे शहर में रेट मेन्यू है एक निश्चित रेट है। टूरिस्ट को लगता नहीं हैं कि उसे लूटा जा रहा है। यह खबर प्रशासन के साथ शिवपुरी के प्रत्येक नागरिक के लिए सबक भरी खबर हो सकती हैं।

क्यो कि आने वाले समय में शिवपुरी टाइगर देखने देशी और विदेशी मेहमान आएगे,हमे उनको रॉयल फील करना है,खासकर होटल,वह ड्राइवर जो टैक्सी कार चलाते है और सबसे अधिक हमारे ऑटो चालक उसके बाद एक ट्रेड गाइड। इनकी जिम्मेदारी होती है हमारे यहां पधारे मेहमान की सुविधा और सुरक्षा की,वह शिवपुरी से जाए तो माधव नेशनल पार्क में क्या देखा उससे अधिक वह शिवपुरी की सुविधा और लोगों के व्यवहार से अधिक प्रभावित हो।

सबसे अधिक जिम्मेदारी प्रशासन की

शिवपुरी में होटल संचालक और उनके स्टाफ,लोकल कार टैक्सी मालिक और ड्राइवर,और ऑटो चालक चालकों को ट्रेनिंग देनी होगी। टैक्सी ड्राइवर को उनके रिकॉर्ड के आधार पर बेच जारी किए जाए। रेट लिस्ट चस्पा की जाए।

शिवपुरी को भारत के पर्यटन के नक्शे पर अंकित करना आवश्यक है। अगर विदेशी टूरिस्ट इस देश में आता हैं और वह मप्र की यात्रा करता हैं तो शिवपुरी का नक्शा उसे बता सकता है कि शिवपुरी भी पर्यटक ग्राम है और उसमें रमणीय स्थानों के साथ नेशनल पार्क में टाइगर भी है।

और सबसे अंत में वह शिवपुरी का युवा जो इस क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन का कोर्स कर चुका है उसे शिवपुरी के पर्यटन को पटरी पर लाने की जिम्मेदारी देनी होगी, वह देशी विदेशी मेहमानों को अपनी कार्यप्रणाली से प्रभावित कर सकता है। अगर इन सभी क्षेत्रों में काम किया जाए तो शिवपुरी म प्र का सबसे बड़ा टूरिस्ट हब होगा,यह सब जिम्मेदारी शिवपुरी के प्रत्येक नागरिक,प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियो की हैं।