पानी-पानी में अंतर:टमाटर को अमृत तो खेतों में कटी रखी उड़द मूंग के लिए जहर का करेगा काम- Shivpuri News

शिवपुरी।
शिवपुरी जिले में पिछले 2 दिन से बारिश जारी हैं,बीते रोत रिमझिम रिमझिम बारिश होती रही,लेकिन आज सुबह से जिले में तेज बारिश हो रही है। इस बारिश से खेतों में खड़ी फसलों पर सीधा असर पड़ रहा हैं। किसी फसल के लिए यह पानी अमृत का काम कर रहा है तो किसी फसल के लिए जहर के समान हैं। जिले में वर्तमान समय में मूंगफली,सोयाबीन,धान,उड़द,मूंग की फसल और सब्जी में टमाटर सबसे अधिक किसानों ने की हैं।

शिवपुरी कृषि उपसंचालक यूसी तोमर ने शिवपुरी समाचार डाॅट काॅम से बातचीत करते हुए बताया कि वर्तमान समय में जिले कि किसानों ने 1 लाख 42 हजार हेक्टेयर रकबे में मूंगफली,51 हजार हेक्टेयर में मूंगफली,1 लाख 43 हजार हेक्टेयर के रकबे में सोयाबीन की फसल की हैं तो वही उड़द 81 हजार हेक्टेयर और 7 हजार हेक्टेयर में मूंग की फसल की है। वही जिले में इस बार टमाटर का रकबा 10 हजार हेक्टेयर में रहा हैं।

आज की बारिश से खेतों में खड़ी फसल सोयाबीन,मूंगफली,धान और टमाटर में अमृत का काम करेगा,वर्तमान समय में सोयाबीन में दाना आ रहा है,यह पानी सोयाबीन को सबसे अधिक फायदा करेगा,वही उड़द और मूंग में इस पानी से किसानों को नुकसान होगा। जिले में 81 हजार हेक्टेयर रकबे में उड़द खडी हैं,जिले में आधी उड़द खेतो मे खडी है,और आधी फसल कटी खेतो में रखी है जो कटी उडद को इस पानी से नुकसान अधिक है। उड़द के दाने खराब हो सकते हैं।

वही खडी उड़द भी खेतो में पकी खड़ी है उसके उड़द के दाने खराब हो सकते है और वजन कम हो सकता है ऐसा की कुछ हाल मूंग का हो सकता हैं।