थीम रोड पर बन रहे है सेल्फी पॉइंट, गुणवत्ता की कमी ने थीम रोड का बदल थी थीम- Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी शहर के बीच से निकली सड़क जिसको टूलेन से बढ़कर फोरलेन में कन्वर्ट कर दिया है। इस सड़क का नाम थीम रोड रखा गया,67 करोड़ से लागत से बनने वाली इस रोड की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। सड़क में गड्ढे और डामर उखड़ने लगे हैं। वही सुंदरता के लिए 2 करोड़ का अतिरिक्त बजट दिया गया है,लेकिन सुंदरता के लिए पौधे अभी नही लगे वही जो लगाए गए वह सूख कर मर गए।

करोड़ों की लागत से बनी थीम रोड की सुंदरता के लिए दो करोड़ का टेंडर हुआ है, जिसमें डिवाइडर पर पौधे भी लगाए जाने थे, लेकिन आधे डिवाइडर पर अभी तक पौधे लगाए ही नहीं गए। जबकि आधे डिवाइडर पर मई.जून के माह में पौधे लगाए गए थे, जिनमें से अधिकांश सूख गए और कुछ टूटकर उखड़ गए। इसके अलावा 3 सेल्फी प्वाइंट भी इस रोड पर बनाए जाने हैं, जिसमें से एक तो बन गया जबकि दूसरे का अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।

कमालगंज में पौधे लगाने जगह नहीं

कमालगंज एरिया में महज सड़क के लिए ही जगह होने की वजह से यहां न तो नाली बनाई गई और न ही यहां पर डिवाइडर की इतनी चौड़ाई थी कि उसमें डबल जाली लगाई जाती। चूंकि सिंगल जाली में पौधे नहीं लगाए जा सकते थे' इसलिए इस पूरे एरिया में डिवाइडर पर पौधे ही नहीं लगाए गए। वहीं नाली न होने की वजह से बारिश के समय पानी सड़क पर ही भर जाता है।

गुणवत्ता पर सवाल, खुरच रहा हैं डामर

शिवपुरी शहर में बनाई गई थीम रोड की लागत 67ण्19 करोड़ रुपए है' जिसमें 13ण्50 किमी लंबाई की फोरलेन सड़क बनाई गई है। इसमें अधिकांश सड़क तो पुरानी ही थी, जिसे हल्का सा खरोंच कर ऊपर से डामर कर दिया गया। यही वजह है कि उद्घाटन के महज 4 माह बाद ही पहली बारिश में सड़क धंस गई।

जिस तरह सड़क निर्माण में गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया, ठीक उसी तरह अब सुंदरता के नाम पर हुए 2 करोड़ के टेंडर में भी चूना लगाने की तैयारी है। यही वजह है कि अभी तक तो पूरे डिवाइडर पर पौधे लगाए गए और न ही सेल्फी प्वाइंट बने।

सड़क पर लोकार्पण का कार्यक्रम पूरी भव्यता से हुआ था

इस सड़क का लोकार्पण का कार्यक्रम पूरी भव्यता के साथ हुआ था। शिवपुरी विधायक और प्रदेश की कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के इस सड़क का लोकार्पण हुआ था। बडे बडे मंच बनाकर भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंत्री जी का सम्मान किया था,लेकिन इस सड़क की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया,इसलिए इस सड़क अपने 100 दिन पार करते ही उखड़ने लगी हैं।