कलेक्ट्रेट में जनसुवाई में गुलजार शाह को लगा अर्थदंड, 100 परिवारो की रोटी की लड़ाई लड़ने गए थे- Shivpuri News

शिवपुरी।
खबर शिवपुरी शहर की कलेक्ट्रेट से आ रही हैं कि जनसुवाई में अपनी पीडा केा लेकर पहुंचे ट्रक यूनियन अध्यक्ष गुलजार शाह को भारी पड गया,गुलजार शाह जब अपना आवेदन देने लाइन में लगे थे। जब उनकी जेब पर हाथ साफ कर दिया। गुलजार शाह 100 परिवारों की रोजी रोटी की लड़ाई लड़ने गए थे। कलेक्टर साहब इस आवेदन की सुनवाई करते है या नही यह बाद का विषय है लेकिन गुलजार शाह को आज अर्थदंड अवश्य लग गया हैं।

कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन के अनुसार ट्रक मोटर मालिकों द्वारा सन् 2010 में एक समिति का गठन किया गया था, उस समिति का नाम लोकल ट्रक ऑपरेटर कल्याण समिति है,इस समिति के अध्यक्ष अब्दुल रफीक अप्पल,विवेक सिंघल अध्यक्ष सचिव मुकेश राठौर और कोषाध्यक्ष ने मिलकर समिति के फंड में घोटाला कर दिया। समिति सदस्य शुल्क 2100 रुपये प्रति गाड़ी के हिसाब से समिति द्वारा जमा किया जाता था। जिसमें सभी मोटर मालिकों ने समिति को चलाने के लिए साल भर विभिन्न फंड से वसूला जाता हैं। इससे समिति को लाखों रुपये का फंड इकट्टा हो गया है लेकिन इस पैसे का हिसाब किसी को नहीं दिया गया।

इसके बाद हमने 2021 में लोकल ट्रक ऑपरेटर सुरक्षा समिति के नाम से नई समिति का गठन किया,और हमने जींस खाद और सीमेंट की रेंको को खाली करने का काम करने लगे,लेकिन पुरानी ट्रक यूनियन ने शासकीय ठेकेदार से सांठगांठ कर हमसे काम छिन लिया जिससे समिति बंद होने की कगार पर है। इससे मोटर मालिक और ट्रक ड्राइवरों कम से कम 100 परिवार भूखे मरने की कगार पर हैं।

गुलजार शाह अपने साथियों से कलेक्ट्रेट में कलेक्टर महोदय से 100 परिवारों की रोटी की लडाई लडने गए थे। अपना आवेदन लाइन में लगकर कलेक्टर को दिया और जब वापस आए और अपनी जेब को चेक किया तो जेब में रखे 14750 रुपए गायब हो गए। गुलजार शाह का आरोप था कि जब वह लाइन में लगे थे जब ही उनकी जेब काट ली गई

जब जनसुनवाई में आवेदक की जेब काटने का मामला सामने आया और सूचना पर पुलिस पहुंच गई। कलेक्ट्रेट में लगे कैमरो को चैक किया तो कैमरो में कुछ भी नहीं मिला। गुलजार शाह को जनसुनवाई में जाना महंगा पड गया। सूबा साहब 100 परिवारों की रोजी रोटी को न्याय दिला पाते है यह बाद का विषय होगा लेकिन गुलजार शाह को आर्थिक दंड अवश्य लग गया।