यह फोटो नहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल है, काबू नहीं है पुलिस का स्मैक पर- Shivpuri news

शिवपुरी। शिवपुरी में स्मैक का कारोबार किसी से छुपा नहीं है,लगातार सामने आ रहे घटनाक्रम चीख चीख कर कहते हैं कि पुलिस का स्मैक के कारोबारियो पर काबू नहीं है,स्मैक के अधिकांश मामले देहात थाना क्षेत्र से आते रहते हैं। बीते रोज देहात थाना क्षेत्र में एक तालाब में एक युवक नशे के ओवरडोज के कारण बेहोश मिला है,जिले में कई युवा स्मैक के कारण मौत को गले लगा चुके है,अगर पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो शिवपुरी को उडने से कोई नही रोक सकता।

सवाल बडा पुलिस की कार्यप्रणाली पर
ऐसे घटनाक्रमों को देख कर पुलिस पर बड़ा सवाल खड़ा होता है कि कैसे खुलेआम पुलिस को स्मैक बेचने की ठीकानो की जानकारी नहीं है,कैसे लगातार स्मैक के मामले शिवपुरी में बड रहे है। युवा अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं,साथ में वह पूरा परिवार बिखर रहा हैं। स्मैक करना वाला युवक और युवतियों को आसानी से स्मैक मिल जाती है तो पुलिस को जानकारी क्यों नहीं मिल पाती की कौन स्मैक बैक रहा है,या तो पुलिस के कुछ लोग स्मैक कारोबारियों से मिले है या पुलिस की पुलिसिंग कमजोर हैं यह दोनों ही बातें समाज को बडा खतरा है। अगर पुलिस की पुलिसिंग पर सवाल खड़े होने लगेंगें तो समाज सुरक्षित नहीं रह सकता।

ऐसे मिला यह युवक,तालाब पर
देहात थानांतर्गत आदर्श नगर कालोनी में सावरकर पार्क के पीछे बने तालाब पर शनिवार की सुबह एक युवक अचेत अवस्था में पड़ा दिखा। घंटों तक जब वह एक ही अवस्था में पड़ा रहा तो कालोनी वालों को संदेह हुआ। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब युवक को चेक किया तो उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन वह उठने की हालत में नहीं था।

युवक के पास बहुत सारी सीरिंज, इंजेक्शन, स्मैक की पुडिया के कागज पड़े हुए थे। युवक की शिनाख्त लाला पुत्र अशोक रजक निवासी पुरानी पुरानी शिवपुरी के रूप में की गई। पुलिस ने उसके स्वजनों को बुलवाया परंतु वह इस हालत में नहीं था कि उसे घर तक ले जाया जा सके। इस कारण वह युवक को वहीं छोड़कर वापिस और आदमियों को बुलाने के लिए पहुंचे। इसके बाद युवक को उसकी जान बचाने के लिए अस्पताल ले जाया गया। युवक ओवर डोज का शिकार हुआ था।

ये युवा हुए नशे के कारण मौत का शिकार
हाल ही में बैराड़ कस्बे में एक युवक पवन की लाश बैराड़ कस्बे के बाहर खंडहर में पड़ी मिली थी। उक्त युवक की लाश के पास भी इंजेक्शन की सीरिंजए इंजेक्शन आदि पड़े मिले थे। उक्त युवक की मौत भी नशे के ओवरडोज के कारण ही हुई थी।

.कुछ माह पूर्व ही कस्टम गेट क्षेत्र में रहने वाले एक युवक छोटू की इसी तरह के नशे के ओवरडोज के कारण अपने घर पर ही मौत हो गई थी। उक्त युवक की मौत का कारण भी नशे का ओवरडोज ही निकला था।

कुछ वर्ष पूर्व नवाब साहब रोड क्षेत्र में एक युवती शिवानी शर्मा भी नशे के ओवरडोज के कारण मौत के आगोश में समा गई थी। इस मामले में कई युवाओं पर हत्या का प्रकरण भी दर्ज किया गया था। इस मामले में तो कई पुलिसकर्मी भी कार्रवाई की जद में आए थे। इस तरह के और भी कई उदाहरण जिले में मौजूद हैं।

बढ़ रहे एड्स के मरीज
खास बात यह है कि ग्रुप में नशा करने वाले युवा एक ही सीरिंज से खुद को इंजेक्ट करते हैं। ऐसे में इस नशे के कारण जिले में एड्स के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अगर पिछले कुछ सालों में एड्स पीड़ित मरीजों की संख्या पर गौर किया जाए तो उनमें से अधिकतर युवा एक ही सीरिंज से नशा लेने के कारण एड्स का शिकार हुए हैं।