Shivpuri News- पढ़िए जनता क्या चाहती है, कौन बने नगर पालिका अध्यक्ष

शेखर यादव @ शिवपुरी। की प्रिंट मीडिया ने आज एक खबर प्रमुखता से प्रकाशित की है। मामला है नपाध्यक्ष के लिए भाजपा के मंत्रियों की रायशुमारी,इस खबर में लिखा गया था कि पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने एक एक पार्षद से व्यक्तिगत चर्चा की और अध्यक्ष पद के लिए उनकी पसंद जानी।

इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए गुजरात में राजनीतिक तीर्थ पर गए हुए पार्षद भी वापस बुला लिए गए। पर्यवेक्षक के पास कुल 24 पार्षद पहुंचे जिसमें भाजपा के जीते हुए 22 पार्षदों के साथ दो निर्दलीय राजू गुर्जर और राजू बाथम भी पहुंचे। हालांकि अभी भाजपा का अध्यक्ष पद का उम्मीदवार की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। लेकिन सूत्रों की मानें तो एक नाम पर अभी भी राय नहीं बनी है।

नगर पालिका अध्यक्ष कौन बनेगा यह सवाल शहर में ऐसा आपस में पूछा जा रहा है जैसे बाहुबली पार्ट 1 रिलीज के बाद पूछा जाता था कि कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा ,यह सवाल उतना ही पेचीदा है और उलझा हुआ। कल मंत्रियों ने रायशुमारी बंद कमरे मे की और माथापच्ची की,उनकी कोशिश थी भाजपा में बगावत न हो,सभी जीते हुए पार्षद पार्टी के झंडे के नीचे खडे हो जाए,लेकिन ऐसा नहीं हुआ अध्यक्ष पर खींचतान तो चल रही रही हैं साथ में उपाध्यक्ष पर भी एक राय करने पर पार्टी के पसीने छुट रहे है।

यह तो हो गई राजनीति की बात अब बात जनता की करे। नगर सरकार चुनकर आने के मात्र कुछ घंटे शेष है,शहर में चर्चा का विषय यही है कि कौन बनेगा नगर पालिका अध्यक्ष,आज जन अपने अपने हिसाब से इस चुनावी समीकरण की समीक्षा कर रहे हैं। इस समीक्षा में बड़े ही नए आंकडे निकल कर सामने आ रहे है।

शहर में लग रही पटिया पंचायतों में समीक्षाएं बड़े ही अद्भुत हो रही है,दीप्ति भानू दुबे अध्यक्ष बनेगी यह प्रतिशत 60 का है। आम चर्चा में 60 प्रतिशत लोग यशोधरा राजे सिंधिया के निर्णय को सही मान रहे है ओर उनके निर्णय को शहर के विकास के लिए मान रहे है। वही कुछ दुकानो की बैठक में आपस में चर्चा की जा रही है कि अध्यक्ष तो सरोज रामजी व्यास को बना रहे है,कह रहे है कि अभी मेरी फला से बात हुई है और 26 से ज्यादा पार्षद राम जी व्यास के संपर्क में है और आकडा भी उगलिया पर गिना रहे है कि कौन कौन पार्षद साथ है इनमे से कांग्रेस के कितने है और निर्दलीय कितने है।

वही वह लोग है जो शहर में राजनीति तो नही करते लेकिन राजनीति पर नजर रखते है ऐसे लोगो की भी संख्या कम रही है वह अपनी चौपाल मे अपने हिसाब से इस उलझी हुई पहली को समझा रहे है कि अगर दिप्ती भानू दुबे पर सभी पार्षद सहमत नहीं होते है तो रितु डिंपल जैन शहर की नपाध्यक्ष हो सकती हैं।

वही कुछ राजनीति के समीकरण के अपने अलग अंदाज में लगा रहे है कि कांग्रेस भी कोई बड़ा उलटफेर कर सकती है,कांग्रेस अभी छुपा हुआ ट्रंप कार्ड हो सकती हैं। कांग्रेस के पास 10 पार्षदो का संख्या बल हैं 60 दिन से चलने वाली नगर पालिका की इस फिल्म का क्लाइमेक्स कांग्रेस के हाथ में है।