Shivpuri News- टूटा पार्टी का सपना: रायशुमारी बिफल, सभी पार्षदों का तीर्थाटन रद्द, अर्जेंट बुलाए

शिवपुरी। नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए 3 अगस्त को पार्षद मतदान करेंगे और ढ़ाई साल से खाली पड़ी नगर पालिका की कुर्सी को नया अध्यक्ष मिलेगा। नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव के लिए अब 48 घंटे से भी कम समय बचा है और दो धड़ों में बंटी भाजपा की फूट खत्म नहीं हुई है। सोमवार को पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने एक.एक पार्षद से व्यक्तिगत चर्चा की और अध्यक्ष पद के लिए उनकी पसंद जानी।

इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए गुजरात में राजनीतिक तीर्थ पर गए हुए पार्षद भी वापस बुला लिए गए। पर्यवेक्षक के पास कुल 24 पार्षद पहुंचे जिसमें भाजपा के जीते हुए 22 पार्षदों के साथ दो निर्दलीय राजू गुर्जर और राजू बाथम भी पहुंचे। हालांकि अभी भाजपा का अध्यक्ष पद का उम्मीदवार की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। लेकिन सूत्रों की मानें तो एक नाम पर अभी भी राय नहीं बनी है।

अध्यक्ष पद के लिए मुख्य रूप से दीप्ति भानु दुबे और सरोज रामजी व्यास को दावेदार माना जा रहा है। दीप्ति भानु दुबे कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया की पहली पसंद हैं तो दूसरी ओर राजमी व्यास ने भी अध्यक्षी को जिद बना लिया है। अब दावेदारों को जो भी जोड़तोड़ करना है उसके लिए सिर्फ एक ही दिन का समय बचा हुआ है।

टूरिस्ट विलेज में पर्यवेक्षक की पार्षदों से चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया भी मौजूद थीं। हालांकि पर्यवेक्षक रुस्तम सिंह ने सभी से अकेले में चर्चा की। सूत्रों की मानें तो कई पार्षद ऐसे थे जिनकी अध्यक्ष पद की पसंद कुछ और थी तो कुछ लोगों ने अपनी भी दावेदारी पेश कर दी। पार्टी नगर पालिका में निर्विरोध अपना अध्यक्ष बनाना चाह रही है।

इसके पीछे एक यह भी कारण हो सकता है कि यदि दो दावेदार खड़े हुए तो क्रास वोटिंग होना तय है। कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतार नहीं रही है जिसके कारण कांग्रेस के 10 वोट किसी एक भाजपाई को ही मिलेंगे। निर्दलियों को लेकर भी स्थिति यह है कि वे भी दो धड़ों में बंटे हुए हैं।

उपाध्यक्ष को लेकर भी घमासान

अध्यक्ष पद की दावेदारी के बीच उपाध्यक्ष के पद को लेकर भी कम घमासान नहीं है। ओमप्रकाश जैन ओमी, ताराचंद्र राठौर, राम सिंह, प्रदीप शर्मा, गौरव सिंघल के साथ कांग्रेस से मोनिका बिरथरे के नाम उपाध्यक्ष पद के लिए सामने आ रहे हैं। उपाध्यक्ष के यह दावेदार खुद की सीट खतरे में देख अध्यक्ष के दावेदारों के समीकरण भी बिगाड़ सकते हैं।