Shivpuri News- कांग्रेस की कमजोरी का क्या फायदा उठा पाएगी भाजपा, निर्दलीय और बागी बन रहे संकट

शिवपुरी। नगर पालिका चुनाव में हर बार कांग्रेस और भाजपा के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिलता है। लेकिन इस बार कांग्रेस हाशिए पर है। यह बात अलग है कि कांग्रेस के कुछ वार्डों में मजबूत प्रत्याशी अपनी दम पर मुकाबले में बने हुए हैं और उन्हें खुद की छवि का फायदा मिल रहा है। ऐसी स्थिति में बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा कांग्रेस की कमजोरी का फायदा इस चुनाव में उठा पाएगी?

भाजपा चुनाव जीतने के लिए कोई कसर भी नहीं छोड़ रही। प्रदेश सरकार की मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया जिलाध्यक्ष राजू बाथम सहित पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। दूसरी ओर सच्चाई यह भी हेै कि भाजपा के बागी प्रत्याशी पार्टी का सिरदर्द बने हुए हैं। कुछ वार्डों में तो बागी प्रत्याशी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों से अच्छा समर्थन बटोर रहे हैं। नपा के 39 वार्डों में से दो दर्जन वार्डों में जबरदस्त घमासान देखने को मिल रहा है। जबकि कुछ वार्डों में स्थिति स्पष्ट होने लगी है।

नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद पद के प्रत्याशियों की घोषणा में भाजपा ने कांग्रेस से बाजी मार ली थी। वह भी उस स्थिति में जबकि पार्टी में जबरदस्त गुटबाजी थी। हालांकि कुछ वार्डों में भाजपा ने ऐसे प्रत्याशियों का चयन किया। जिन्हें उम्मीदवार बनाए जाने की आशा नहीं की जा रही थी। वार्ड क्रमांक 7 के भाजपा प्रत्याशी सुरेश कुशवाहा पार्टी के किसी भी गुट से संबद्ध नहीं हैं। लेकिन उन्होंने अपने बायोडाटा में जिक्र किया कि स्व. विजयाराजे सिंधिया के कार्यकाल के समय से वह चुनाव में टेबल लगाने का काम करते रहे हैं। इस कारण उन्हें टिकट दिया गया।

इसके बावजूद भी श्री कुशवाह को कमजोर उम्मीदवार नहीं माना जा रहा। इस वार्ड में कांग्रेस और भाजपा के अलावा एक निर्दलीय उम्मीदवार भी संघर्ष को त्रिकोणीय बनाए हुए हैं। वार्ड क्रमांक 5 में भाजपा प्रत्याशी ओमप्रकाश ओमी को चुनौती पार्टी के बागी प्रत्याशी दिनेश गर्ग गुड्डे से मिल रही है। भाजपा के आपसी संघर्ष का फायदा कांग्रेस प्रत्याशी नवीन शर्मा उठाने की फिराक में हैं। वार्ड क्रमांक 1 में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला नजर आ रहा है।

वार्ड क्रमांक 2 में भाजपा प्रत्याशी के प्रचार से स्थानीय कार्यकर्ताओं ने दूरी बना ली है। जिससे वह पिछड़ती हुई नजर आ रही हैं। वार्ड क्रमांक 3 का परिणाम भाजपा के हौंसले बढ़ाने वाला नजर आ रहा है। वार्ड क्रमांक 4 में भाजपा और कांग्रेस के बीच संघर्ष नजर आ रहा है। वार्ड क्रमांक 6 में कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाए हुए हैं। वार्ड क्रमांक 15 में भाजपा प्रत्याशी की टांग खिंचाई पार्टी के भीतर से ही हो रही है। वार्ड क्रमांक 18 में जबरदस्त घमासान देखने को मिल रहा है।

जबकि वार्ड क्रमांक 19 मेंं सीधे संघर्ष में भाजपा का पल्लड़ा भारी प्रतीत हो रहा है। इस वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं है। वार्ड क्रमांक 20 में मुकाबला भाजपा और पार्टी के बागी प्रत्याशी के बीच है। वार्ड क्रमांक 21 में भाजपा प्रत्याशी को चुनौती बागी प्रत्याशी से मिल रही है। सबसे जबरदस्त घमासान वार्ड क्रमांक 26 में देखने को मिल रहा है। जहां भाजपा का एक गुट भाजपा प्रत्याशी को हराने में पूरी ताकत से लगा हुआ है। पूर्व पार्षद सुरेंद्र रजक और निर्दलीय प्रत्याशी कपिल यादव की चुनौती का सामना भाजपा प्रत्याशी श्रीमति व्यास को करना पड़ रहा है।

वार्ड क्रमांक 27 में निवर्तमान पार्षद अनीता भार्गव भी कड़े संघर्ष में फंसी हुई हैं। इस वार्ड में उन्हें भितरघातियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड क्रमांक 31 में पूर्व पार्षद पंकज महाराज की पत्नी मजबूत स्थिति में है। वार्ड क्रमांक 34 में पत्रकार अशोक अग्रवाल की पत्नी वंदना अग्रवाल भाजपा प्रत्याशी के रूप में मैदान मे हैं और उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी शशि शर्मा से कडा़ संघर्ष करना पड़ रहा है।