सोनचिरैया अभ्यारण के विरोध में महिला नेता कृष्णा देवी सहित आधा दर्जन लोगों ने कराया मुण्डन - karera News

करैरा।
जिले के करैरा क्षेत्र में सोन चिरैया अभ्यारण का मामला लगातार तूल पकडता जा रहा है। इस अभ्यारण के आने से क्षेत्र के लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड रहा है। जिसके चलते आज भारतीय किसान यूनियन के तत्वाधान में किसानों ने करैरा की सड़कों पर जमकर हंगामा किया। यह हंगामा इतना ज्यादा था कि नारेबाजी के बाद किसान रोड पर ही खडे रहे। 

SDM अपने कार्यालय के बाहर किसानों का इंतजार करते रहे। परंतु किसान अपनी मांग पर अड गए कि एसडीएम रोड पर आकर ही ज्ञापन ले। उसके बाद एसडीएम बाहर आए और गुस्साए किसानों से ज्ञापन लिया। उसके बाद महिलाएं भी आगें आ गई और उन्होंने इस अभ्यारण के चलते अपने सिर के बाल मुडवा लिए।

जानकारी के अनुसार भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले करैरा सोनचिरैया अभ्यारण क्षेत्र में निवास करने वाले 32 गांवों के किसानों ने दोपहर चिलचिलाती धूप में पैदल मार्च निकालकर अनुविभागीय अधिकारी दिनेश चंद्र शुक्ला को एक लिखित ज्ञापन दिया, जिसमें किसानों का कहना है कि 1981 से लेकर आज दिनांक तक अभ्यारण के अंतर्गत आने वाले 32 गांव की 202.2 वर्ग किलोमीटर भूमि सोन चिरैया संरक्षित क्षेत्र में घोषित कर दी गई है।

जिस कारण से वहां निवासरत किसान अपनी भूमि का क्रय-विक्रय नहीं कर सकते यहां तक कि अपने उपयोग हेतु अपने ही खेत में से मिट्टी भी नहीं उठा सकते ,जबकि अभ्यारण की आड़ में रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और प्रतिदिन क्षेत्र से लाखों रुपए की रेत का अवैध उत्खनन नेता और उनके लोग कर रहे हैं।

जिससे क्षेत्र में कई समस्याओं का जन्म हो रहा है यदि इस क्षेत्र को अभ्यारण से शीघ्र मुक्त नहीं किया गया तो यह आंदोलन और उग्र होगा भारतीय किसान यूनियन की प्रवक्ता कृष्णा रावत ने कहा कि अभी यह आंदोलन अपने शैशव अवस्था में हैं यदि हमारी मांगों को शीघ्र ही नहीं माना गया तो यह आंदोलन और उग्र होगा ।ज्ञापन देने वालों में महेंद्र पाठक दिहायला, होतम सिंह रावत, जितेंद्र रावत,गोपाल गुर्जर ,देवेंद्र रावत, जवाहर सिंह रावत सहित कई लोग मौजूद थे।

ज्ञापन के बाद कराया मुंडन

ज्ञापन देने के पश्चात किसानों ने सोनचिरैया अभ्यारण से दुःखित होकर मुंडन कराया ,जिसमें कृष्णा देवी रावत, होतम सिंह रावत सहित अन्य आधा दर्जन किसानों ने अपना मुंडन तहसील कार्यालय के सामने ही सड़क पर कराया कर विरोध प्रकट किया।