आसमान से बरस रही है आग, पारा 45 पर पहुंचा, लू का प्रकोप, बढ़ रहे है उल्टी दस्त के मरीज, पढ़िए डॉ. की राय - Shivpuri News

शिवपुरी।
शहर का तापमान 2 दिनों से 45 डिग्री सेल्सियस पर टिका हुआ है। जबकि मंगलवार की तुलना में न्यूनतम तापमान के 1 डिग्री की गिरावट आई है। इसी के साथ शिवपुरी शहर सहित जिले भर में भीषण गर्मी का दौर जारी है। मंगलवार की तरह ही बुधवार को शिवपुरी शहर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा जो 1 दिन पहले 29 डिग्री सेल्सियस था।

अधिकतम तापमान बढऩे से दिन में तेज धूप के साथ लू का प्रकोप जारी है। भीषण गर्मी को देखते हुए लोग बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। वही रात का पारा गर्म रहने की वजह से पंखे भी गर्म फेंक छोड़ रहे हैं। गर्मी की वजह से उल्टी दस्त की मरीज बढ़ रहे हैं। सुबह का भोजन शाम तक भी नहीं टिक पा रहा है।

अब हर कोई भीषण गर्मी से निजात पाना चाहता है। मौसम केंद्र के अनुसार आने वाले दो-तीन दिन तक इसी तरह भीषण गर्मी का दौर जारी रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से कहा है कि बहुत जरूरी हो तभी दोपहर में घर से बाहर निकले। अन्यथा घर में ही रहें।

मेडीकल कॉलेज के एमडी मेडीसन डॉक्टर रीतेश यादव ने बताया है कि लू तब लगती है, जब तापमान बहुत अधिक होता है। जब कोई व्यक्ति गर्म हवा और धूप में देर तक रहता है, उसका चेहरा और सिर देर तक धूप और गर्म हवा के संपर्क में आता है, तो लू लग जाती है। इससे व्यक्ति के शरीर का तापमान भी बहुत अधिक बढ़ जाता है।

लू और हीट स्ट्रोक में अंतर

डॉ.रीतेश यादव ने बताया है कि लू और हीट स्ट्रोक में फर्क होता है। हीट स्ट्रोक एक ऐसी स्थिति है, जिसमें एक मरीज लगातार अधिक हीट या गर्मी में रहने से बेहोश या बेसुध हो जाता है। लू तब लगती है, जब हवा में इतनी गर्मी आ जाती है कि व्यक्ति का बॉडी टेम्परेचर बढ़ जाता है, लेकिन इसमें हीट स्ट्रोक की तरह मरीज को बेहोशी या चक्कर आने जैसी समस्या नहीं होती है। लू लगने में शरीर का तापमान कम से कम 102 डिग्री से ऊपर हो जाता है।

लू लगने के लक्षण क्या होते हैं

यदि किसी व्यक्ति को लू लग गई है, तो वह डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकता है, उसके शरीर में पानी की कमी हो जाएगी। शरीर का तापमान लगभग 101 या 102 डिग्री से ऊपर होगा और उसे बार-बार प्यास लगेगी। युवाओं की तुलना में बच्चों और बुजुर्गों को लू लगने की संभावना बहुत अधिक होती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इनके हीट का रेगुलेटरी मेकैनिज्म जल्द ही डिसअरेंज में चला जाता है। ऐसे में बुजुर्ग या बच्चे बहुत देर तक गर्मी में रहेंगे, तो लू लगने या हीट स्ट्रोक होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है।

लू से बचने के उपाय

धूप में निकलते वक्त अपने शरीर को ढक कर रखे। सिर ढक कर धूप में निकलने से भी लू से बचा जा सकता है। घर से पानी या कोई ठंडा शरबत पीकर बाहर निकलें। तेज धूप से आते ही और ज्यादा पसीना आने पर फौरन ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। गर्मी के दिनों में बार-बार पानी पीते रहना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो पाए। पानी में नींबू और नमक मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीते रहने से लू लगने का खतरा कम रहता है। धूप में बाहर जाते वक्त खाली पेट नहीं जाना चाहिए।